होम / ऐसा भी होता है / हार्वर्ड स्टडी ने किया खुलासा, इन वजहों से ज्यादा जीवित रहती हैं महिलायें

हार्वर्ड स्टडी ने किया खुलासा, इन वजहों से ज्यादा जीवित रहती हैं महिलायें

65 साल या उससे ज्यादा उम्र के लोगों में से 57% महिलायें हैं, वहीं 85 साल के उम्र वाले लोगों में से 67% महिलायें हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

 

हालांकि महिलाओं और पुरुषों में ज्यादातर अंतर समाज और संस्कृति के दिए हुए हैं लेकिन दोनों जेंडरों की शारीरिक बनावट और ताकत में कुछ प्रमुख अंतर मौजूद हैं. हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की एक स्टडी के मुताबिक महिलाओं के मुकाबले पुरुषों के पास ज्यादा मांसपेशियां इसलिए होती हैं ताकि वह तेज दौड़ सकें और भारी-भरकम चीजों को उठा सकें. लेकिन पुरुषों को बीमारियों का ज्यादा खतरा होता है और उनके जीवन की अवधि भी महिलाओं के मुकाबले कम होती है. 

महिलाओं का जीवन होता है ज्यादा लंबा
औसत स्तर पर महिलाओं के जीवन की अवधि पुरुषों से ज्यादा होती है. स्टडी के मुताबिक, 65 साल या उससे ज्यादा उम्र के लोगों में से 57% महिलायें हैं, वहीं 85 साल के उम्र वाले लोगों में से 67% महिलायें हैं. US में महिलाओं के जीवन की अवधि पुरुषों के मुकाबले 5 साल ज्यादा है और अगर बात पूरी दुनिया की करें तो महिलाओं के जीवन की अवधि पुरुषों के मुकाबले 7 साल ज्यादा है. हार्वर्ड मेडिकल के रिसर्चर्स की एक टीम द्वारा की गयी स्टडी की मानें, तो पुरुषों के मुकाबले महिलाओं के ज्यादा लम्बे जीवन के पीछे प्राकृतिक के साथ-साथ वैज्ञानिक कारण भी मौजूद हैं. ये वह कारण हैं जिनकी वजह से महिलायें, पुरुषों के मुकाबले एक ज्यादा लंबे जीवन का आनंद उठाती हैं: 

जीन (Genes) से होती है शुरुआत
हार्वर्ड मेडिकल द्वारा की गयी स्टडी की मानें तो हालांकि पुरुषों और महिलाओं के पास क्रोमोजोम्स के 23 जोड़ों में से 22 (Chromosomes) बिलकुल एक जैसे होते हैं लेकिन आखिरी यानी 23वां जोड़ा अलग होता है. जहां क्रोमोजोम्स के 23वें जोड़े में महिलाओं के पास दोनों X क्रोमोजोम होते हैं, वहीं पुरुषों में यह X और Y क्रोमोजोम होते हैं. X क्रोमोजोम के मुकाबले इस Y क्रोमोजोम में थोड़े कम जीन होते हैं और यह कुछ प्राचीन बीमारियों से भी जुड़ा हुआ होता है. इसकी वजह से पुरुषों की मृत्यु दर ज्यादा होती है. 

हार्मोन्स भी हैं महत्त्वपूर्ण
टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) दिल की मांसपेशियों को कमजोर बनाने में बहुत ही महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है और पुरुषों में इस हार्मोन की मात्रा ज्यादा होने की वजह से पुरुष, दिल से जुड़ी बीमारियों से बहुत ज्यादा प्रभावित होते हैं. दिल से सम्बंधित बीमारियों की वजह से होने वाली मृत्यु की बात करें तो महिलाओं के मुकाबले पुरुषों की संख्या 50% ज्यादा है. जहां पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन की मात्रा ज्यादा होने की वजह से उनका दिल कमजोर होता है, वहीं महिलाओं के पास एस्ट्रोजन (Estrogen) हार्मोन होता है जो उन्हें दिल से सम्बंधित बीमारियों से बचाता है. 

महिलाओं के पास होता है बेहतर मेटाबोलिज्म 
महिलाओं में अच्छे कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बहुत अधिक होती है जिसकी वजह से उनका दिल बहुत हेल्थी होता है और उन्हें दिल से सम्बंधित बीमारियां होने की संभावनाएं बहुत कम हो जाती हैं. इसी की वजह से महिलाओं को मोटापा और डायबिटीज जैसी लाइफस्टाइल सम्बंधित बीमारियों का ख़तरा भी कम हो जाता है.

महिलायें नहीं उठातीं ज्यादा खतरे
दिमाग का सामने वाला हिस्सा खतरे उठाने और उसको जांचने की हमारी क्षमता को दर्शाता है. वैज्ञानिकों की मानें तो पुरुषों में यह हिस्सा पूरी तरह से विकसित नहीं हुआ होता. एक्सीडेंट्स में ज्यादातर पुरुषों के शामिल होने का एक कारण यह भी हो सकता है. बहुत से पुरुष ज्यादा धूम्रपान करते हैं और शराब पीते-पीते सभी सीमाएं पार कर जाते हैं उसके पीछे यह एक प्रमुख कारण भी हो सकता है.
 

यह भी पढ़ें: Export बढ़ाने के लिए सरकार हर जिले में खोलेेगी ये सेंटर, जारी हुई नई विदेश व्‍यापार नीति 

 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

हस्तशिल्प कारीगरों के लिए डिजिटल बाज़ार का विस्तार, My eHeart पहल से अब तक 5 करोड़ रुपये की आमदनी

नोएडा में आयोजित My eHeart Conclave में HCL फ़ाउंडेशन ने बताया—40 से अधिक क्लस्टर और 5,000 कारीगर अब सीधे खरीदारों से जुड़ रहे हैं

12-December-2025

भारत के PHWR विनिर्माण ढांचे से छोटे मॉड्यूलर रिऐक्टर कार्यक्रम को गति मिलने की उम्मीद

लोकसभा में जानकारी देते हुए केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि PHWR के लिए विशेष उपकरण सप्लाई करने वाले उद्योग बड़े SMR सिस्टम बनाने की क्षमता रखते हैं और कार्यक्रम के आगे बढ़ने के साथ इस प्रक्रिया में शामिल किए जाएंगे

11-December-2025

FY26 में MECs का आउटलुक स्थिर, लेकिन टैरिफ जोखिम और ग्लोबल दबाव से चुनौतियां बरकरार: Ind-Ra रिपोर्ट

एजेंसी ने बताया कि उसने अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करते हुए उन कंपनियों पर नकारात्मक रेटिंग कार्रवाई की है, जिनकी क्रेडिट प्रोफाइल और तरलता में गिरावट की आशंका थी. हालांकि, ऐसी कार्रवाई का दायरा सीमित रहा है

11-December-2025

AMPIN Energy Transition West Bengal में 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करेगी

कंपनी लगाएगी 1–2 गीगावॉट सोलर सेल प्लांट, राज्य में नए सोलर प्रोजेक्ट भी होंगे विकसित

10-December-2025

ICICI प्रुडेंशियल AMC का IPO 12 दिसंबर को खुलेगा, वैल्यूएशन लक्ष्य Rs 1.07 ट्रिलियन

तीन दिवसीय IPO, जिसकी कुल कीमत Rs 1.06 ट्रिलियन है, 12 दिसंबर से 16 दिसंबर के बीच निवेशकों के लिए खुला रहेगा

08-December-2025


बड़ी खबरें

IPO बाजार में हलचल: AGS Health समेत 4 कंपनियों को SEBI की मंजूरी

AGS Health और PGP Glass मिलकर करीब ₹8,600 करोड़ जुटाने की तैयारी में हैं. वहीं, Jio Platforms के संभावित मेगा IPO ने भी बाजार की उत्सुकता बढ़ा दी है.

9 hours ago

IPL सट्टेबाजी से Nasdaq तक: महादेव के पैसे का वैश्विक सफर

महादेव के काले अरबों रुपये वैश्विक वित्तीय प्रणाली के हर प्रहरी को चकमा देने में सफल रहे.

10 hours ago

RBI के विदेशी मुद्रा भंडार में बड़ी कमी, एक हफ्ते में निकले 10 अरब डॉलर

एक सप्ताह में करीब 10 अरब डॉलर घटा भारत का फॉरेक्स रिजर्व, गोल्ड रिजर्व की वैल्यू में 10.75 अरब डॉलर की कमी; विदेशी मुद्रा आस्तियों में हालांकि बढ़ोतरी दर्ज

13 hours ago

इनोवेशन का मूल्यांकन उसके प्रभाव से होना चाहिए, वैल्यूएशन से नहीं: डॉ. प्रफुल आर. नाइक

आविष्कारक, उद्यमी और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ डॉ. प्रफुल रामचंद्र नाइक ने BW Businessworld से विशेष बातचीत में पेटेंट, भारत के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र, स्वच्छ प्रौद्योगिकी और भविष्य में स्थिरता व मानव कल्याण की बढ़ती भूमिका पर अपने विचार साझा किए.

11 hours ago

Gen Z और छोटे शहरों ने बदली ब्यूटी मार्केट की तस्वीर, फ्लिपकार्ट की बिक्री 50% बढ़ी

रिपोर्ट के अनुसार भारतीय उपभोक्ता अब वैज्ञानिक रूप से विकसित स्किनकेयर उत्पादों, प्रीमियम ब्यूटी ब्रांड्स और वैश्विक ट्रेंड्स से प्रेरित उत्पादों पर अधिक खर्च कर रहे हैं.

12 hours ago