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पिक्सल ने जुटाए 100 मिलियन डॉलर, टेमासेक और सेराफिम की अगुवाई में रिकॉर्ड फंडिंग

इस फंडिंग राउंड में पिक्सल के मौजूदा निवेशक Radical Ventures और growX Ventures ने भी हिस्सा लिया. वहीं, 360 ONE Asset और IMM Investment नए निवेशकों के तौर पर कंपनी से जुड़े हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 month ago

बेंगलुरु स्थित स्पेसटेक स्टार्टअप पिक्सल ने सीरीज सी फंडिंग राउंड में 100 मिलियन डॉलर जुटाए हैं. इस राउंड की अगुवाई सिंगापुर के सरकारी निवेशक टेमासेक और ब्रिटेन की स्पेस-टेक वेंचर कैपिटल फर्म सेराफिम ने की. इस फंडिंग के साथ पिक्सल की कुल जुटाई गई पूंजी 195 मिलियन डॉलर हो गई है. कंपनी इस पूंजी का इस्तेमाल अपने अर्थ-इंटेलिजेंस और सैटेलाइट कारोबार को विस्तार देने के लिए करेगी.

मौजूदा और नए निवेशकों ने भी लिया हिस्सा

इस फंडिंग राउंड में पिक्सल के मौजूदा निवेशक Radical Ventures और growX Ventures ने भी हिस्सा लिया. वहीं, 360 ONE Asset और IMM Investment नए निवेशकों के तौर पर कंपनी से जुड़े हैं. भारत में सरकार की ओर से अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी को बढ़ावा देने वाले सुधारों के बाद स्पेस सेक्टर में निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है.

हाइपरस्पेक्ट्रल सैटेलाइट से शुरू हुआ सफर

पिक्सल की स्थापना आवैस अहमद ने की है. कंपनी ने शुरुआत हाइपरस्पेक्ट्रल सैटेलाइट्स पर फोकस के साथ की थी. ये सैटेलाइट्स पारंपरिक अर्थ-इमेजिंग सैटेलाइट्स की तुलना में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक जानकारी की ज्यादा व्यापक रेंज को कैप्चर करते हैं. इससे पृथ्वी की सतह पर होने वाले बदलावों और विभिन्न विशेषताओं की पहचान करने में मदद मिलती है.

सैटेलाइट इमेजिंग से अर्थ इंटेलिजेंस तक विस्तार

समय के साथ पिक्सल ने सैटेलाइट इमेजिंग से आगे बढ़ते हुए अपने Aurora प्लेटफॉर्म के जरिए Earth Intelligence Software और व्यावसायिक व संप्रभु मिशनों के लिए सैटेलाइट सिस्टम विकसित किए हैं. गूगल समर्थित यह स्टार्टअप सेंसर, सॉफ्टवेयर और सैटेलाइट सिस्टम को एकीकृत कर ऐसा प्लैनेटरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना चाहता है, जिससे सरकारें, कंपनियां और संस्थान अर्थ-ऑब्जर्वेशन डेटा से उपयोगी जानकारी हासिल कर सकें.

अब सैटेलाइट से नियमित कमाई पर फोकस

पिक्सल के लिए नई फंडिंग ऐसे समय में आई है जब कंपनी सैटेलाइट तैनाती और बड़े पूंजीगत खर्च के चरण से आगे बढ़कर अपने सैटेलाइट कॉन्स्टेलेशन से नियमित राजस्व हासिल करने की दिशा में बढ़ रही है. कंपनी के संस्थापक आवैस अहमद ने इस साल BW Businessworld को बताया था कि पैमाना बढ़ने के साथ पिक्सल के डेटा कारोबार का सकल मार्जिन 70 से 90 फीसदी के बीच रह सकता है.

छह सैटेलाइट्स पर बड़ा खर्च पहले ही पूरा

अहमद के मुताबिक, कंपनी छह सैटेलाइट्स को लॉन्च करने से जुड़ा बड़ा पूंजीगत खर्च पहले ही कर चुकी है. उन्होंने मई में कहा था कि सैटेलाइट लॉन्च करना कंपनी के लिए सबसे बड़ा खर्च था और छह सैटेलाइट्स के लिए यह पूंजीगत खर्च पूरा किया जा चुका है. इन सैटेलाइट्स को सात साल के परिचालन जीवन के लिए डिजाइन किया गया है, जबकि कई पारंपरिक सैटेलाइट्स की परिचालन अवधि करीब तीन साल होती है.

2026 में EBITDA पॉजिटिव होने की उम्मीद

कंपनी को उम्मीद है कि वह 2026 में EBITDA के स्तर पर मुनाफे में आ जाएगी. वहीं, 2027 के अंत या अधिकतम 2028 की शुरुआत तक कंपनी के कैश फ्लो पॉजिटिव होने की उम्मीद है. पिक्सल का मानना है कि सैटेलाइट कॉन्स्टेलेशन से उसके पूरे परिचालन जीवन के दौरान राजस्व आता रहेगा, जबकि ग्राउंड स्टेशन, क्लाउड स्टोरेज और कर्मचारियों जैसे नियमित खर्च कॉन्ट्रैक्ट्स की वैल्यू की तुलना में अपेक्षाकृत कम रहेंगे.

भारत के स्पेस सेक्टर में बढ़ रहा निजी निवेश

सरकार की ओर से अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने और विभिन्न सुधारों के बाद भारत के स्पेस सेक्टर में निजी निवेश बढ़ा है. स्टार्टअप्स सैटेलाइट निर्माण, लॉन्च सेवाओं, अर्थ ऑब्जर्वेशन और स्पेस आधारित कम्युनिकेशन जैसे क्षेत्रों में अपनी क्षमताएं विकसित कर रहे हैं.

कृषि से रक्षा तक बढ़ रही सैटेलाइट डेटा की मांग

पिक्सल उन स्पेसटेक स्टार्टअप्स में शामिल है जो सैटेलाइट डेटा और सेवाओं को व्यावसायिक रूप देने पर काम कर रहे हैं. कृषि, रक्षा, जलवायु निगरानी और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में अर्थ-ऑब्जर्वेशन डेटा की मांग बढ़ने से इस कारोबार में आगे विकास की संभावनाएं बनी हुई हैं.


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