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300 करोड़ के Twin Towers का मलबा भी करोड़ों का, बेचकर मिलेगा इतना पैसा 

ट्विन टावर्स को रविवार दोपहर 2.30 बजे विस्फोट करके उड़ाया गया. 32 और 31 फ्लोर वाले इन दोनों टावरों को गिराने के बाद यहां से लगभग 55000 टन मलबा निकला है,

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

नोएडा में 250 से 300 करोड़ रुपए की लागत से तैयार ट्विन टावर्स अब मलबा बन चुका है. रविवार को विस्फोटक लगाकर ट्विन टावर्स को दमींदोज कर दिया गया. जोरदार धमाका और महज 9 सेकंड में ही आसमान से बातें करने वालीं दो इमारतें जमीन पर आ गिरीं. इस काम में करीब 3700 किलोग्राम बारूद इस्तेमाल किया गया और ट्विन टावर को गिराने पर 20 करोड़ रुपए खर्चा भी आया. अब इन इमारतों के मलबे से करोड़ों रुपए की कमाई की जाएगी.

4000 टन सिर्फ स्टील
ट्विन टावर्स को रविवार दोपहर 2.30 बजे विस्फोट करके उड़ाया गया. 32 और 31 फ्लोर वाले इन दोनों टावरों को गिराने के बाद यहां से लगभग 55000 टन मलबा निकला है, जिसमें 4000 टन सिर्फ स्टील का है. अब ये मलबा बेचकर भी करोड़ों में कमाई होगी. जानकारी के मुताबिक, सुपरटेक के ट्विन टावर्स (Supertech Twin Towers) को गिराए जाने में 20 करोड़ रुपए का खर्च आया है, जिसमें से सुपरटेक कंपनी ने 5 करोड़ रुपए अग्रिम तौर पर दिए हैं. शेष 15 करोड़ रुपए 55000 टन मलबा बेचकर प्राप्त किए जाएंगे. 

ट्विन टावर में थे इतने फ्लैट  
नोएडा के सेक्टर 93A में स्थित सुपरटेक के ट्विन टावर्स में एपेक्स और सेयेन नाम के दो टावर थे. एपेक्स टावर में 32 फ्लोर थे और प्रत्येक फ्लोर पर 14 फ्लैट थे. वहीं, सेयेन टावर में 31 फ्लोर और हर फ्लोर पर 14 फ्लैट थे. दोनों टावरों में फ्लैट्स की कुल संख्या 950 थी, जिसमें से 711 फ्लैट्स की बुकिंग हो चुकी थी. 

किसलिए गिराई गईं इमारतें 
ट्विन टावर्स को इसलिए गिराया गया, क्योंकि बिल्डर ने सुपरटेक एमाराल्ड कोर्ट प्रोजेक्ट में निर्माण से जुड़े नियमों की अनदेखी की. इसके बाद इलाहाबाद हाई कोर्ट ने ट्विन टावर को गिराने का आदेश दिया. सुपरटेक ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की, लेकिन उसे कोई राहत नहीं मिली.


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