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NCR में प्रीमियम ऑफिस स्पेस पर M3M का बड़ा दांव, 600 करोड़ रुपये से बनेगा प्रीमियम बिजनेस हब
कंपनी के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs), बहुराष्ट्रीय कंपनियों, वित्तीय संस्थानों और बड़े कॉरपोरेट्स की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
दिल्ली-एनसीआर में प्रीमियम कमर्शियल रियल एस्टेट और ग्रेड-ए ऑफिस स्पेस की बढ़ती मांग के बीच M3M इंडिया ने गुरुग्राम के सेक्टर-113 में 600 करोड़ रुपये के निवेश से 'M3M कैपिटल फाइनेंशियल सेंटर' लॉन्च किया है. कंपनी का अनुमान है कि इस परियोजना से करीब 1,500 करोड़ रुपये की आय होगी. यह प्रोजेक्ट ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs), बहुराष्ट्रीय कंपनियों और वित्तीय संस्थानों की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है.
1.42 एकड़ में फैला यह ग्रेड-ए कमर्शियल प्रोजेक्ट M3M IFC के बाद कंपनी की नई कमर्शियल पेशकश है. इसमें चार बेसमेंट और 22 मंजिला टावर विकसित किया जाएगा, जिसमें 165 यूनिट्स होंगी. इनमें 152 ऑफिस स्पेस, छह मल्टीप्लेक्स यूनिट और सात रिटेल स्पेस शामिल हैं.
GCC और कॉरपोरेट्स पर फोकस
कंपनी के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs), बहुराष्ट्रीय कंपनियों, वित्तीय संस्थानों और बड़े कॉरपोरेट्स की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है. प्रोजेक्ट में करीब 22,500 वर्ग फुट के पिलर-लेस फ्लोर होंगे, जिससे कंपनियों को अपनी जरूरत के अनुसार ऑफिस स्पेस तैयार करने की सुविधा मिलेगी. M3M इंडिया अपना कॉरपोरेट मुख्यालय भी इसी प्रोजेक्ट में स्थापित करेगी. वहीं, एक वैश्विक एविएशन कंपनी ने यहां करीब 75,000 वर्ग फुट ऑफिस स्पेस लेने का निर्णय लिया है.
कनेक्टिविटी बनेगी बड़ी ताकत
यह प्रोजेक्ट द्वारका एक्सप्रेसवे, NH-48, UER-II और वसंत कुंज एक्सटेंशन कॉरिडोर से जुड़ा है. इसके अलावा यह एरोसिटी और इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से करीब 15-20 मिनट की दूरी पर स्थित है, जिससे यह कॉरपोरेट कंपनियों के लिए आकर्षक लोकेशन बन सकता है.
2029 तक पूरा होने का लक्ष्य
परियोजना में प्रीमियम ऑफिस स्पेस के साथ रिटेल, मल्टीप्लेक्स, बिजनेस क्लब और अन्य सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी. कंपनी का लक्ष्य इसे 2029 के अंत तक पूरा करने का है.
हाल के वर्षों में दिल्ली-एनसीआर, खासकर द्वारका एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट के आसपास के इलाकों में ग्रेड-ए ऑफिस स्पेस और GCCs की मांग तेजी से बढ़ी है. ऐसे में M3M का यह निवेश केवल एक नया प्रोजेक्ट लॉन्च नहीं, बल्कि कमर्शियल रियल एस्टेट बाजार में बढ़ती मांग पर कंपनी की रणनीतिक दांव के रूप में देखा जा रहा है.
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