✕

होम / रियल एस्टेट / फेस्टिव क्वार्टर में कमर्शियल रियल एस्टेट की बदलती तस्वीर, ऑफिस से रिटेल तक लीजिंग में क्यों आती है तेजी?

फेस्टिव क्वार्टर में कमर्शियल रियल एस्टेट की बदलती तस्वीर, ऑफिस से रिटेल तक लीजिंग में क्यों आती है तेजी?

त्योहारी सीजन में कंपनियां नए ऑफिस, रिटेल स्टोर और बेहतर कमर्शियल लोकेशन पर तेजी से लेती हैं फैसले, 2025 में ऑफिस और रिटेल दोनों सेगमेंट में मजबूत लीजिंग दर्ज

रितु राणा 1 month ago

भारत में त्योहारी सीजन सिर्फ कंजम्पशन और रिटेल बिक्री के लिए अहम नहीं है, बल्कि कमर्शियल रियल एस्टेट के लिए भी यह एक महत्वपूर्ण कारोबारी अवधि बनता जा रहा है. साल की आखिरी तिमाही में कंपनियों के बजट और विस्तार योजनाएं स्पष्ट होने के साथ ऑफिस स्पेस, रिटेल स्टोर और अन्य कमर्शियल प्रॉपर्टीज के लिए लीजिंग गतिविधियां तेज होती हैं. इस दौरान कंपनियां सिर्फ ज्यादा जगह तलाशने के बजाय बेहतर लोकेशन, विजिबिलिटी, कनेक्टिविटी और कंज्यूमर फुटफॉल को प्राथमिकता दे रही हैं.

ऑनवर्ड वर्कस्पेसेज के सीईओ और सह-संस्थापक सुव्रत जैन के मुताबिक, साल की आखिरी तिमाही में उन कारोबारों के फैसले तेजी से सामने आने लगते हैं, जो कई महीनों से विस्तार या ऑफिस से जुड़े निर्णयों पर विचार कर रहे होते हैं. उनके अनुसार, बजट तय होने, हायरिंग बढ़ने और कंपनियों की नई योजनाओं के साथ ऑफिस स्पेस की पूछताछ और निर्णय प्रक्रिया में तेजी आती है.

जैन ने कहा कि अब कंपनियां ऑफिस फिट-आउट के लिए कई महीने इंतजार करने के बजाय मैनेज्ड वर्कस्पेस को प्राथमिकता दे रही हैं. इससे वे कुछ ही हफ्तों में अपना काम शुरू कर सकती हैं. उनके मुताबिक, फेस्टिव सीजन धीरे-धीरे ऐसा समय बन रहा है जब कंपनियां अगले साल की दिशा तय करने के साथ बेहतर ऑफिस स्पेस पर भी फैसला करती हैं.

2025 में ऑफिस लीजिंग ने बनाया रिकॉर्ड

कमर्शियल ऑफिस मार्केट के आंकड़े भी मजबूत मांग की ओर इशारा करते हैं. JLL के अनुसार, भारत में 2025 में ग्रॉस ऑफिस लीजिंग 83.3 मिलियन वर्ग फुट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची, जो 2024 के मुकाबले 7.8 फीसदी अधिक थी. अकेले अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 26.8 मिलियन वर्ग फुट की लीजिंग हुई, जो अब तक की सबसे ऊंची तिमाही लीजिंग रही.

JLL के मुताबिक, 2025 की चौथी तिमाही में फ्लेक्स स्पेस का ऑफिस लीजिंग में हिस्सा 26.6 फीसदी रहा. इससे संकेत मिलता है कि कंपनियों की जरूरतें केवल पारंपरिक लीजिंग तक सीमित नहीं हैं और अधिक लचीले व तेजी से तैयार होने वाले ऑफिस विकल्पों की मांग भी बढ़ रही है. 

CBRE के आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में भारत के ऑफिस मार्केट में 82.6 मिलियन वर्ग फुट की लीजिंग हुई. बेंगलुरु, मुंबई और दिल्ली-एनसीआर ने मिलकर कुल मांग में करीब 61 फीसदी हिस्सेदारी दर्ज की. 

रिटेल में फेस्टिव सीजन क्यों अहम?

त्योहारी तिमाही का असर रिटेल रियल एस्टेट पर भी साफ दिखाई देता है. आनंद हैबिटेट के प्रबंध निदेशक निखिल आनंद के मुताबिक, फेस्टिव क्वार्टर कमर्शियल रियल एस्टेट में सिर्फ मांग बढ़ने का समय नहीं है, बल्कि यह ब्रांड्स के लिए अपनी रिटेल रणनीति मजबूत करने और नए बाजारों में विस्तार का महत्वपूर्ण अवसर भी है. निखिल आनंद के अनुसार, इस दौरान बढ़ते कंज्यूमर फुटफॉल और बेहतर रिटेल सेंटीमेंट के कारण हाई-क्वालिटी और अच्छी कनेक्टिविटी वाले कमर्शियल डेस्टिनेशंस की मांग बढ़ती है. अब ऑक्यूपायर्स सिर्फ लोकेशन नहीं देख रहे, बल्कि विजिबिलिटी, एक्सेसिबिलिटी, कैचमेंट क्वालिटी और कंज्यूमर एक्सपीरियंस को भी महत्व दे रहे हैं.

JLL के अनुसार, 2025 की पहली छमाही में देश के शीर्ष सात शहरों में रिटेल लीजिंग 5.7 मिलियन वर्ग फुट रही, जो सालाना आधार पर 69 फीसदी अधिक थी. दिल्ली-एनसीआर और बेंगलुरु ने दूसरी तिमाही में मिलकर कुल रिटेल लीजिंग का 46 फीसदी हिस्सा हासिल किया. फैशन और अपैरल तथा एफएंडबी प्रमुख कैटेगरी रहीं, जबकि ज्वेलरी की हिस्सेदारी भी तेजी से बढ़ी. CBRE के मुताबिक, 2025 में भारत के प्रमुख शहरों में रिटेल लीजिंग करीब 8.9 मिलियन वर्ग फुट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची. इसमें अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 4 मिलियन वर्ग फुट से अधिक रिटेल स्पेस लीज हुआ. हैदराबाद, दिल्ली-एनसीआर और चेन्नई ने इस तिमाही की कुल मांग में तीन-चौथाई से अधिक योगदान दिया. 

ब्रांड्स के लिए सिर्फ ज्यादा स्पेस नहीं, सही स्पेस जरूरी

ओमैक्स लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक जतिन गोयल का कहना है कि त्योहारी तिमाही अपने आप नई मांग पैदा नहीं करती, बल्कि पहले से चल रही विस्तार और लीजिंग योजनाओं को गति देती है. उनके मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में रिटेल लीजिंग पहले से मजबूत रही है और प्रमुख मॉल तथा हाई स्ट्रीट पर गुणवत्तापूर्ण स्पेस की उपलब्धता सीमित बनी हुई है.

गोयल के अनुसार, फैशन, एफएंडबी, ज्वेलरी और एक्सपीरिएंशियल ब्रांड्स की मांग त्योहारी सीजन में मजबूत रहने की उम्मीद है. हालांकि, किरायेदार अब सिर्फ ज्यादा जगह लेने के बजाय ऐसी लोकेशन और फॉर्मेट चुन रहे हैं, जहां फुटफॉल और बिक्री उत्पादकता बेहतर हो.

CBRE की रिपोर्ट भी बताती है कि रिटेलर्स अब एक्सपीरिएंशियल फ्लैगशिप स्टोर, कियोस्क और नए स्टोर फॉर्मेट पर जोर दे रहे हैं. 2025 में रिटेल लीजिंग में रिकॉर्ड वृद्धि के पीछे क्वालिटी और एक्सपीरियंस आधारित ग्रोथ एक प्रमुख कारक रहा. 

मिक्स्ड-यूज और ट्रांजिट-ओरिएंटेड प्रोजेक्ट्स को फायदा

त्योहारी सीजन में बढ़ते फुटफॉल का फायदा ऐसे कमर्शियल प्रोजेक्ट्स को मिल सकता है, जहां रिटेल, लाइफस्टाइल और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़े कारोबार एक ही जगह मौजूद हों. निखिल आनंद के मुताबिक, मिक्स्ड-यूज और ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट्स को इस वजह से अतिरिक्त फायदा मिल सकता है, क्योंकि वे अलग-अलग तरह के कंजम्पशन को एक ही डेस्टिनेशन पर जोड़ते हैं.

ऐसे में कमर्शियल रियल एस्टेट में प्रतिस्पर्धा अब केवल किराये की दर या उपलब्ध स्पेस तक सीमित नहीं रह गई है. डेवलपर्स को ऐसे डेस्टिनेशन तैयार करने होंगे, जो ब्रांड्स को विजिबिलिटी और फुटफॉल के साथ उपभोक्ताओं को बेहतर अनुभव भी दे सकें.

सीनियर लिविंग में भी बदल रही रियल एस्टेट की सोच

त्योहारी सीजन का रियल एस्टेट पर असर सिर्फ ऑफिस और रिटेल तक सीमित नहीं है. अमाया सीनियर लिविंग बाय वीरा वीटा के सह-संस्थापक तनय साबू के मुताबिक, त्योहारों के दौरान परिवारों के बीच सीनियर लिविंग को लेकर बातचीत भी बढ़ती है. यह चर्चा अब केवल देखभाल तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वतंत्रता, बेहतर जीवनशैली, सामुदायिक जुड़ाव और सुविधाजनक जीवन पर केंद्रित हो रही है.

साबू के अनुसार, जैसे-जैसे सीनियर लिविंग को लेकर जागरूकता बढ़ रही है, परिवार ऐसे योजनाबद्ध समुदायों की ओर आकर्षित हो सकते हैं, जो सिर्फ रहने की जगह नहीं बल्कि बेहतर जीवनशैली उपलब्ध कराने पर केंद्रित हों.

फेस्टिव क्वार्टर से आगे क्या?

आंकड़े बताते हैं कि फेस्टिव क्वार्टर कमर्शियल रियल एस्टेट में पहले से चल रही मांग को गति देने वाला महत्वपूर्ण चरण है. ऑफिस सेगमेंट में फ्लेक्स और प्रीमियम स्पेस की मांग, जबकि रिटेल में हाई स्ट्रीट, मॉल, एक्सपीरिएंशियल स्टोर और बेहतर कनेक्टिविटी वाली लोकेशन की मांग बाजार की दिशा तय कर रही है. ऐसे में आने वाले समय में कमर्शियल लीजिंग का फोकस सिर्फ ज्यादा स्पेस लेने से हटकर *सही लोकेशन, बेहतर अनुभव, तेज ऑक्यूपेंसी और लंबे समय की कारोबारी वैल्यू* पर रहने की संभावना है. फेस्टिव क्वार्टर इस बदलाव को तेज करने वाला एक अहम ट्रिगर बन सकता है.
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

फेस्टिव सीजन में NCR के लग्जरी घरों की बढ़ी मांग, गुरुग्राम बना प्रीमियम हाउसिंग का हब

PropEquity के आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में गुरुग्राम में आवासीय प्रॉपर्टी की लॉन्च वैल्यू 1.38 लाख करोड़ रुपये रही.

4 days ago

क्रिसुमी कॉर्पोरेशन गुरुग्राम में 1,300 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश करेगी, द फॉरेस्ट रिजर्व के नए चरणों पर काम शुरू

द फॉरेस्ट रिजर्व को अल्ट्रा-लक्जरी आवासीय परियोजना के रूप में विकसित किया जा रहा है. इसमें 2, 3 और 4 एलडीके (लिविंग, डाइनिंग और किचन) वाले आवास शामिल होंगे. परियोजना का डिजाइन जापान की आर्किटेक्चर फर्म निकेन सेक्केई ने तैयार किया है.

16-October-2026

RBI MPC से पहले रियल्टी की उम्मीदें, 5.25% पर रेपो रेट रहने से होमबायर्स का भरोसा बढ़ने की आस

त्योहारी सीजन में घर खरीदारी के बीच रियल एस्टेट डेवलपर्स की नजर RBI के फैसले पर, स्थिर दरों से EMI, अफोर्डेबिलिटी और हाउसिंग डिमांड को मिल सकता है सहारा

06-October-2026

आवासीय बाजार में लौटी रफ्तार, Q3 में बिक्री 3% बढ़कर 1 लाख यूनिट के पार; त्योहारी सीजन से और तेजी की उम्मीद

रियल एस्टेट विशेषज्ञों का कहना है कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी, रोजगार के अवसर और बदलती खरीदार प्राथमिकताओं के बीच आगामी त्योहारी सीजन मांग को और गति दे सकता है.

29-September-2026

3BHK और प्रीमियम घरों की बढ़ी मांग, क्या बदल रही है होमबायर्स की पसंद? डेवलपर्स ने बताया नया ट्रेंड

एनारॉक के एक सर्वे के अनुसार, सिर्फ घर का आकार ही नहीं, खरीदारों का बजट भी ऊपर जा रहा है. सर्वे में 90 लाख से 1.5 करोड़ रुपये का प्राइस बैंड सबसे लोकप्रिय रहा. वहीं 1.5 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत वाले घरों की ओर भी खरीदारों का झुकाव बढ़ा है.

24-September-2026


बड़ी खबरें

छह महीने में राजकोषीय घाटा 25.4% बढ़कर 7.15 लाख करोड़ रुपये पहुंचा, सालाना लक्ष्य का 42.1% हुआ पूरा

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान राजकोषीय घाटा पूरे वित्त वर्ष के लिए तय लक्ष्य का 42.1 प्रतिशत रहा. पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 5.7 लाख करोड़ रुपये था.

8 hours ago

पूर्व राज्यसभा सांसद आर. के. सिन्हा का निधन, पत्रकारिता से लेकर कारोबार और राजनीति तक बनाई थी खास पहचान

नोएडा में 83 वर्षीय आर. के. सिन्हा ने ली अंतिम सांस, SIS ग्रुप की स्थापना कर भारत में निजी सुरक्षा उद्योग को नई पहचान दी; जनसंघ के दौर से भाजपा से जुड़े रहे

4 hours ago

राहुल गांधी ने IDBI बैंक की बिक्री पर उठाए सवाल, सीतारमण बोलीं- 25 हजार करोड़ रुपये डालकर बैंक को उबारा

राहुल गांधी ने सार्वजनिक बैंक को फेयरफैक्स को बेचने के फैसले पर उठाए सवाल, सीतारमण ने UPA सरकार पर लगाए राजनीतिक दबाव में कर्ज बांटने के आरोप; कहा- 25,000 करोड़ रुपये से अधिक की पूंजी डालकर IDBI को संकट से निकाला

11 hours ago

‘सरस गीता’ - जीवन की उलझनों का समाधान और कर्म की राह दिखाता दर्शन

गीता का संदेश अंततः मनुष्य को जीवन से भागने के बजाय उसका सामना करने, अपने कर्तव्य को पहचानने और विवेक के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है. ‘सरस गीता’ इसी संदेश को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की एक कोशिश है.

8 hours ago

हिंदुजा हाउसिंग फाइनेंस के CEO बने विवेक कन्नन, सचिन पिल्लई की लेंगे जगह

कन्नन को वित्तीय सेवा क्षेत्र, रिटेल लेंडिंग और बिजनेस ऑपरेशंस में दो दशक से अधिक का अनुभव है. हिंदुजा हाउसिंग फाइनेंस में COO रहते हुए वह कंपनी के हाउसिंग फाइनेंस कारोबार की निगरानी कर रहे थे.

9 hours ago