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UP-RERA का बड़ा फैसला, नोएडा-गाजियाबाद में ₹472 करोड़ के रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को मंजूरी
UP-RERA के अनुसार, गाजियाबाद में करीब ₹286 करोड़ की लागत वाली तीन परियोजनाओं को मंजूरी मिली है. इनमें दो कमर्शियल और एक रेसिडेंशियल परियोजना शामिल है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
उत्तर प्रदेश के रियल एस्टेट बाजार में नोएडा और गाजियाबाद की बढ़ती हिस्सेदारी के बीच UP-RERA ने दोनों जिलों में करीब ₹472 करोड़ की 5 परियोजनाओं को मंजूरी दी है. इन परियोजनाओं के तहत 1,428 रेसिडेंशियल और कमर्शियल यूनिट्स विकसित की जाएंगी. राज्य स्तर पर नियामक ने छह जिलों में कुल ₹2,380 करोड़ की अनुमानित लागत वाली 13 परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिनसे 4,724 यूनिट्स विकसित होने की उम्मीद है.
गाजियाबाद में ₹286 करोड़ की 3 परियोजनाएं
UP-RERA के अनुसार, गाजियाबाद में करीब ₹286 करोड़ की लागत वाली तीन परियोजनाओं को मंजूरी मिली है. इनमें दो कमर्शियल और एक रेसिडेंशियल परियोजना शामिल है. इन तीनों परियोजनाओं के तहत कुल 864 यूनिट्स विकसित की जाएंगी.
नोएडा में ₹186 करोड़ की 2 परियोजनाएं
नोएडा में करीब ₹186 करोड़ की दो परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है. इनमें एक रेसिडेंशियल और एक कमर्शियल परियोजना शामिल है. दोनों परियोजनाओं के जरिए कुल 564 नई यूनिट्स विकसित की जाएंगी.
राज्य के रियल एस्टेट निवेश में नोएडा-गाजियाबाद की बड़ी हिस्सेदारी
UP-RERA की 2026 की पहली छमाही की रिपोर्ट के मुताबिक, नोएडा और गाजियाबाद उत्तर प्रदेश के रियल एस्टेट निवेश के प्रमुख केंद्र बने हुए हैं. H1 2026 में राज्यभर में ₹31,952 करोड़ की अनुमानित लागत वाली 143 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई. इनमें 27 परियोजनाएं नोएडा और 19 परियोजनाएं गाजियाबाद की थीं. दोनों जिलों ने मिलकर करीब ₹19,667 करोड़ का निवेश आकर्षित किया, जो राज्य में हुए कुल रियल एस्टेट निवेश का करीब 60 फीसदी है. नोएडा की हिस्सेदारी ₹15,678 करोड़ और गाजियाबाद की ₹3,989 करोड़ रही.
करीब 22,660 आवासीय यूनिट्स होंगी विकसित
इन स्वीकृत परियोजनाओं के जरिए नोएडा और गाजियाबाद में करीब 22,660 रेसिडेंशियल यूनिट्स विकसित होने की उम्मीद है. यह राज्यभर में स्वीकृत कुल आवासीय इकाइयों का करीब 49 फीसदी है. नोएडा में करीब 13,160 और गाजियाबाद में 9,500 रेसिडेंशियल यूनिट्स विकसित की जाएंगी. आंकड़ों से पता चलता है कि दोनों शहर उत्तर प्रदेश के रियल एस्टेट विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
UP-RERA चेयरपर्सन ने क्या कहा?
UP-RERA के चेयरपर्सन संजय भूसरेड्डी ने कहा कि परियोजनाओं को समयबद्ध मंजूरी देने और प्रभावी निगरानी से राज्य में होमबायर्स और डेवलपर्स, दोनों के लिए बेहतर माहौल तैयार करने में मदद मिली है.
रियल एस्टेट विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया
हीरो रियलिटी के सीईओ रोहित किशोर के मुताबिक, नोएडा का रियल एस्टेट बाजार तेजी से एक मजबूत ग्रोथ हब के रूप में विकसित हो रहा है. उन्होंने इसके पीछे इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी, मेट्रो नेटवर्क के विस्तार और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसे कारकों को प्रमुख वजह बताया. उन्होंने कहा कि मिड और प्रीमियम हाउसिंग सेगमेंट में मांग बनी हुई है और खरीदारों तथा निवेशकों का भरोसा बढ़ रहा है.
वहीं, कार्यन ग्रुप के डायरेक्टर वरुण गर्ग ने गाजियाबाद में करीब ₹286 करोड़ की तीन परियोजनाओं को मंजूरी मिलने को शहर के रियल एस्टेट बाजार के लिए सकारात्मक संकेत बताया. उनके अनुसार, H1 2026 में करीब ₹4,000 करोड़ का निवेश इस बात का संकेत है कि गाजियाबाद NCR के प्रमुख ग्रोथ हब के तौर पर अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है.
त्योहारी सीजन से पहले नई परियोजनाओं की मंजूरी से होमबायर्स को आवासीय और कमर्शियल प्रॉपर्टी के अधिक विकल्प मिलने की उम्मीद है. साथ ही, नियामकीय मंजूरी से परियोजनाओं में पारदर्शिता और डेवलपर्स का भरोसा बढ़ने की संभावना है.
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