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द्वारका एक्सप्रेसवे ने बदला गुरुग्राम के लग्जरी रियल एस्टेट का नक्शा, 5 साल में 135% बढ़े घरों के दाम
एनारॉक की रिपोर्ट के मुताबिक, द्वारका एक्सप्रेसवे अब गुरुग्राम के स्थापित लग्जरी इलाकों को दे रहा चुनौती, बेहतर कनेक्टिविटी और प्रीमियम प्रोजेक्ट्स से बढ़ी मांग
रितु राणा 52 minutes ago
गुरुग्राम के लग्जरी रियल एस्टेट बाजार में द्वारका एक्सप्रेसवे तेजी से अपनी जगह बना रहा है. लंबे समय तक गोल्फ कोर्स रोड और डीएलएफ फेज-5 जैसे इलाके प्रीमियम हाउसिंग के प्रमुख केंद्र रहे, लेकिन अब नए कॉरिडोर ने बाजार की तस्वीर बदलनी शुरू कर दी है. एनारॉक की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले पांच वर्षों में द्वारका एक्सप्रेसवे के आसपास आवासीय संपत्तियों की कीमतों में 135% की बढ़ोतरी हुई है. वहीं, 2025 में इस कॉरिडोर पर करीब 14,000 आवासीय यूनिट्स लॉन्च हुईं, जो यहां घरों की बढ़ती मांग और डेवलपर्स के भरोसे को दर्शाता है.
27 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे बना नया रियल एस्टेट कॉरिडोर
दिल्ली के महिपालपुर को गुरुग्राम के खेड़की दौला से जोड़ने वाला 8-लेन और करीब 27 किलोमीटर लंबा द्वारका एक्सप्रेसवे लंबे समय तक निर्माणाधीन रहा. इसके अलग-अलग हिस्सों के खुलने और पूरी तरह चालू होने के बाद पूरे कॉरिडोर का रियल एस्टेट महत्व तेजी से बढ़ा है.
एक्सप्रेसवे दिल्ली और गुरुग्राम के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर करता है और पुराने एनएच-8 पर ट्रैफिक दबाव को कम करने में मदद करता है. आईजीआई एयरपोर्ट, एरोसिटी और गुरुग्राम के प्रमुख कमर्शियल हब्स तक पहुंच के अलावा यशोभूमि, डिप्लोमैटिक एन्क्लेव-II और प्रस्तावित मेट्रो विस्तार से इसकी कनेक्टिविटी इसे रियल एस्टेट के लिहाज से महत्वपूर्ण बना रही है.
डेवलपर्स के मुताबिक लंबी अवधि में मजबूत रह सकती है मांग
हीरो रियल्टी के सीईओ रोहित किशोर के अनुसार, "द्वारका एक्सप्रेसवे ने बहुत तेजी से खुद को एनसीआर के सबसे गतिशील और संभावनाओं वाले माइक्रो-मार्केट्स में स्थापित किया है. दिल्ली और गुरुग्राम के बीच रणनीतिक स्थिति, आईजीआई एयरपोर्ट, एरोसिटी और यशोभूमि जैसी प्रमुख परियोजनाओं से निकटता इसे सिर्फ एक निवेश का जरिया नहीं, बल्कि एक पसंदीदा लाइफस्टाइल डेस्टिनेशन बनाती है. यहां आधुनिक और लग्जरी प्रोजेक्ट्स के विकास की संभावनाएं निवेश को बेहद आकर्षक बनाती हैं."
व्हाइटलैंड कॉरपोरेशन के डायरेक्टर-स्ट्रैटेजी सुदीप भट्ट ने कहा, "यह कॉरिडोर केवल इंफ्रास्ट्रक्चर के दम पर नहीं, बल्कि एक संपूर्ण शहरी इकोसिस्टम के विकास के कारण उभरा है. आज का लग्जरी खरीदार सिर्फ अच्छी लोकेशन नहीं, बल्कि बड़े स्पेस, वेलनेस-केंद्रित सुविधाएं और बेहतर जीवनशैली चाहता है. यही वजह है कि डेवलपर्स भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर प्रोजेक्ट्स डिजाइन कर रहे हैं, जो इस मार्केट को लंबी अवधि तक मजबूती देंगे."
रूट्स डेवलपर्स के डायरेक्टर जितेंद्र यादव ने कहा, "हालिया रिपोर्ट भारतीय रियल एस्टेट के लिए एक सकारात्मक तस्वीर पेश करती है. घरेलू आय में वृद्धि और कीमतों में स्थिरता से घर खरीदारों का भरोसा बढ़ा है. द्वारका एक्सप्रेसवे जैसे उभरते माइक्रो-मार्केट में बेहतर कनेक्टिविटी के कारण मांग में यह तेजी साफ देखी जा सकती है, जो इसे एनसीआर के सबसे मजबूत कॉरिडोर्स में से एक बनाती है."
बीपीटीपी (BPTP) के सीईओ और प्रेसिडेंट मानिक मलिक ने कहा, "दिल्ली, एयरपोर्ट और कमर्शियल हब्स तक आसान पहुंच ने सुविधा और गुणवत्तापूर्ण जीवनशैली को प्राथमिकता देने वाले खरीदारों के बीच इसकी मांग बढ़ाई है. कंपनी को इस कॉरिडोर की दीर्घकालिक संभावनाओं पर पूरा भरोसा है, जो उनके 'एमस्टोरिया वर्टी ग्रीन्स' और 'गाया रेजिडेंसेस' जैसे प्रोजेक्ट्स के डिजाइन और वेलनेस-फोकस्ड एप्रोच में दिखाई देता है. जैसे-जैसे यह कॉरिडोर और परिपक्व होगा, लिवेबिलिटी और इंफ्रास्ट्रक्चर के दम पर यहां मांग लगातार मजबूत बनी रहेगी."
बड़े प्रोजेक्ट्स और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से बढ़ी मांग
द्वारका एक्सप्रेसवे के आसपास सुनियोजित विकास और बड़े भूखंडों की उपलब्धता ने डेवलपर्स को बड़े प्रीमियम प्रोजेक्ट्स लॉन्च करने का मौका दिया है. नए प्रोजेक्ट्स में बड़े घरों के साथ आधुनिक सुविधाओं, बेहतर ओपन स्पेस और वेलनेस-केंद्रित सुविधाओं पर जोर दिया जा रहा है. वहीं, गोल्फ कोर्स रोड और डीएलएफ फेज-5 जैसे स्थापित इलाकों में जमीन की सीमित उपलब्धता के कारण नई परियोजनाओं के लिए विकल्प कम हैं. ऐसे में द्वारका एक्सप्रेसवे नए प्रीमियम हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के लिए एक अहम बाजार बनकर उभरा है.
काउंटी ग्रुप के डायरेक्टर अमित मोदी के मुताबिक, "आज खरीदार किसी प्रोजेक्ट को केवल एक पहलू से नहीं देखते, बल्कि प्रोजेक्ट की गुणवत्ता, कनेक्टिविटी, आसपास का इंफ्रास्ट्रक्चर और विकसित हो रहे इलाके को भी ध्यान में रखते हैं. द्वारका एक्सप्रेसवे जैसे कॉरिडोर में लगातार बढ़ती कीमतें बताती हैं कि खरीदारों की सोच में कितना बदलाव आया है. यह कॉरिडोर एक उभरते हुए क्षेत्र से आगे बढ़कर अब लग्जरी रेजिडेंशियल डेस्टिनेशन के तौर पर लोगों की पहली पसंद में शामिल हो गया है."
उन्होंने कहा, "एक्सप्रेसवे के शुरू होने से दिल्ली और आईजीआई एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी बेहतर हुई है, जिससे लोगों का इस क्षेत्र में घर खरीदने को लेकर भरोसा भी बढ़ा है. अब इन इलाकों को इस आधार पर देखा जा रहा है कि वे आज क्या सुविधाएं और अवसर दे रहे हैं, न कि केवल इस आधार पर कि आने वाले समय में यहां क्या विकास हो सकता है. विकल्पों का लगातार बढ़ना ही इस बात का संकेत है कि शहर के रेजिडेंशियल क्षेत्र का स्वरूप कितना बदल चुका है."
इंफ्रास्ट्रक्चर ने बदली खरीदारों की सोच
लैंडमार्क ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन संदीप छिल्लर ने कहा, "एनसीआर में द्वारका एक्सप्रेसवे इस बात का एक मजबूत उदाहरण है कि इंफ्रास्ट्रक्चर किस तरह रेजिडेंशियल डिमांड और निवेश को लेकर लोगों की सोच को पूरी तरह बदल सकता है. कभी उभरते हुए कॉरिडोर के रूप में देखा जाने वाला यह क्षेत्र अब कनेक्टिविटी, कमर्शियल गतिविधियों और बड़े स्तर पर हो रहे शहरी विकास के कारण एनसीआर के सबसे पसंदीदा रेजिडेंशियल डेस्टिनेशन में शामिल हो गया है."
उन्होंने कहा, "आज खरीदार भविष्य को ध्यान में रखकर फैसले लेते हैं. वे किसी प्रोजेक्ट के साथ-साथ उसके आसपास विकसित हो रहे पूरे माहौल और सुविधाओं को भी उतनी ही अहमियत देते हैं. लग्जरी हाउसिंग में सस्टेनेबिलिटी भी अब चर्चा का एक अहम हिस्सा बन रही है, खासकर युवा प्रोफेशनल्स और ग्लोबल इंडियंस के बीच. हमारा मानना है कि जिन डेवलपर्स ने इस क्षेत्र में लंबे समय को ध्यान में रखकर योजना बनाई थी, वे अब विकास के अगले चरण में आगे रहने की स्थिति में हैं."
135% बढ़ी कीमतें, 2025 में लॉन्च हुईं 14,000 यूनिट्स
M3M इंडिया के प्रेसिडेंट रॉबिन मंगला ने कहा, "द्वारका एक्सप्रेसवे ने गुरुग्राम के प्रमुख रेजिडेंशियल ग्रोथ कॉरिडोर में अपनी मजबूत जगह बना ली है. पिछले पांच वर्षों में यहां प्रॉपर्टी की कीमतों में 135% की बढ़ोतरी हुई है. इस कॉरिडोर में बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए पर्याप्त जगह होने से डेवलपर्स को बड़े घरों और प्रीमियम सुविधाओं के साथ बेहतर तरीके से विकसित की गई कम्युनिटी तैयार करने में मदद मिल रही है."
उन्होंने कहा, "वर्ष 2025 में करीब 14,000 यूनिट्स लॉन्च होना भी बाजार में मजबूत भरोसे और खरीदारों की लगातार बनी रुचि को दिखाता है. जैसे-जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर क्वालिटी वाले प्रोजेक्ट्स और दूसरी जरूरी सुविधाएं मजबूत हो रही हैं, द्वारका एक्सप्रेसवे घर खरीदने वालों को आकर्षित करने के लिए एक बेहतर विकल्प बनता जा रहा है. इससे प्रीमियम रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा मिलने के साथ गुरुग्राम के प्रमुख लग्जरी इलाकों में इसकी पहचान और मजबूत होने की उम्मीद है."
गुरुग्राम के लग्जरी बाजार में बदल रहा समीकरण
गुरुग्राम का लग्जरी हाउसिंग बाजार अब सिर्फ पारंपरिक प्रीमियम इलाकों तक सीमित नहीं है. सीमित जमीन और ऊंची कीमतों वाले स्थापित बाजारों के बीच द्वारका एक्सप्रेसवे बड़े प्रोजेक्ट्स, बेहतर कनेक्टिविटी और नए इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ एक प्रमुख प्रीमियम कॉरिडोर के रूप में उभरा है.
पिछले पांच वर्षों में 135% की कीमत वृद्धि और 2025 में करीब 14,000 यूनिट्स की लॉन्चिंग इस बदलाव के अहम संकेत हैं. इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी में लगातार सुधार के साथ द्वारका एक्सप्रेसवे की गुरुग्राम के लग्जरी रियल एस्टेट बाजार में भूमिका आने वाले वर्षों में और मजबूत होने की संभावना है.
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