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चिनाब पर 1,850 MW का सावलकॉट प्रोजेक्ट पकड़ेगा रफ्तार, अडानी समेत 5 कंपनियों ने लगाई बोली
जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी पर बनने वाले सावलकॉट जलविद्युत प्रोजेक्ट के शुरुआती काम के लिए ₹5,129 करोड़ का टेंडर, अडानी समूह समेत पांच कंपनियों ने लगाई बोली
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 hours ago
जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी पर प्रस्तावित 1,850 मेगावाट के सावलकॉट जलविद्युत प्रोजेक्ट (Sawalkot Hydroelectric Project) के आगे बढ़ने का रास्ता साफ होता दिख रहा है. करीब ₹31,000 करोड़ की अनुमानित लागत वाली यह परियोजना लगभग चार दशक से अटकी हुई है. अब शुरुआती निर्माण कार्य के लिए जारी ₹5,129 करोड़ के टेंडर में पांच बड़ी कंपनियों ने बोली लगाई है. इनमें अडानी समूह, हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी (HCC), पटेल इंजीनियरिंग, लार्सन एंड टुब्रो (L&T) और ऋत्विक प्रोजेक्ट्स शामिल हैं.
चार दशक से अटका था प्रोजेक्ट
सावलकॉट हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट लंबे समय से विभिन्न मंजूरियों और भारत-पाकिस्तान के बीच सिंधु जल समझौते से जुड़े मुद्दों के कारण आगे नहीं बढ़ सका था. अब परियोजना को लेकर टेंडर प्रक्रिया में तेजी आई है. करीब ₹31,000 करोड़ की लागत वाली यह परियोजना चिनाब बेसिन में भारत की प्रमुख जलविद्युत परियोजनाओं में शामिल होगी. इसके आगे बढ़ने से जम्मू-कश्मीर में जलविद्युत क्षमता के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
शुरुआती काम के लिए ₹5,129 करोड़ का टेंडर
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, परियोजना को जमीन पर उतारने की दिशा में शुरुआती चरण के काम के लिए ₹5,129 करोड़ का टेंडर जारी किया गया है. इसके लिए पांच कंपनियों ने अपनी बोलियां दाखिल की हैं. बोली लगाने वाली कंपनियों में अडानी समूह, HCC, पटेल इंजीनियरिंग, L&T और ऋत्विक प्रोजेक्ट्स शामिल हैं. पांच बड़ी कंपनियों की भागीदारी से परियोजना के निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है.
चिनाब बेसिन में कई परियोजनाएं जारी
सावलकॉट परियोजना ऐसे समय में आगे बढ़ रही है, जब चिनाब बेसिन में कई अन्य जलविद्युत परियोजनाओं पर भी काम चल रहा है. इनमें किरू, क्वार और रतले जैसी परियोजनाएं शामिल हैं. 1,850 मेगावाट की क्षमता वाला सावलकॉट प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद जम्मू-कश्मीर की बिजली उत्पादन क्षमता में महत्वपूर्ण इजाफा कर सकता है. इससे क्षेत्र की बिजली जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलने के साथ स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे
बड़ी जलविद्युत परियोजनाओं के निर्माण से निर्माण क्षेत्र के साथ-साथ परिवहन, स्थानीय सेवाओं और अन्य संबंधित गतिविधियों में रोजगार के अवसर पैदा होते हैं. सावलकॉट परियोजना से भी जम्मू-कश्मीर में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर बनने की उम्मीद है. चिनाब नदी पर इस परियोजना की प्रगति भारत के लिए रणनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. यह पश्चिमी नदियों की जलविद्युत क्षमता के इस्तेमाल की दिशा में एक अहम कदम हो सकता है.
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