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गोल्ड ETF में रिकॉर्ड निवेश, अगस्त में आए 18 अरब डॉलर; यूरोप सबसे आगे
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक अगस्त में दुनियाभर के Gold ETF में 18 अरब डॉलर का निवेश आया, जो अब तक का दूसरा सबसे बड़ा मासिक निवेश है. यूरोप में रिकॉर्ड 7.9 अरब डॉलर और उत्तरी अमेरिका में 7.7 अरब डॉलर का निवेश हुआ
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 hours ago
दुनियाभर में सोने में निवेश करने वाले एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (Gold ETF) में अगस्त में निवेश की रफ्तार तेज रही. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) के मुताबिक, महीने के दौरान वैश्विक Gold ETF में 18 अरब डॉलर का निवेश आया. रकम के लिहाज से यह अब तक का दूसरा सबसे बड़ा मासिक निवेश है. इस बढ़त में यूरोप और उत्तरी अमेरिका के फंडों की बड़ी भूमिका रही.
अगस्त 2026 में उत्तरी अमेरिका के Gold ETF में 7.7 अरब डॉलर का निवेश आया. यह इस क्षेत्र में अब तक का तीसरा सबसे बड़ा मासिक निवेश है. वहीं, यूरोप के Gold ETF में रिकॉर्ड 7.9 अरब डॉलर का निवेश हुआ, जो किसी एक महीने में अब तक का सबसे ज्यादा निवेश है. निवेश में बढ़ोतरी और सोने की कीमतों में तेजी के चलते वैश्विक Gold ETF की प्रबंधन के तहत परिसंपत्तियां (AUM) 16 फीसदी बढ़कर 615 अरब डॉलर हो गईं. इन फंडों के पास मौजूद सोने की कुल मात्रा भी 121 टन बढ़कर रिकॉर्ड 4,189 टन पर पहुंच गई.
एशिया में भी बढ़ी Gold ETF की मांग
एशियाई Gold ETF में अगस्त के दौरान 2 अरब डॉलर का निवेश आया. WGC के मुताबिक, फरवरी के बाद यह क्षेत्र के लिए सबसे मजबूत महीना रहा. एशिया में सबसे ज्यादा निवेश चीन में हुआ. स्थानीय बाजार में सोने की कीमतों में तेजी ने निवेशकों का रुझान बढ़ाया. अगस्त के दौरान सोने की कीमत 13.3 फीसदी बढ़कर 4,563 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई.
उत्तरी अमेरिका में महीने की शुरुआत में Gold ETF की मांग अपेक्षाकृत कमजोर रही, लेकिन 17 अगस्त वाले सप्ताह में निवेश में अचानक तेजी आई. सिर्फ पांच कारोबारी दिनों में करीब 4 अरब डॉलर का निवेश हुआ, जो पूरे महीने में आए निवेश के आधे से ज्यादा था.
WGC के मुताबिक, येन को समर्थन देने के लिए अमेरिका के हस्तक्षेप, लंबी अवधि के बॉन्ड की यील्ड में बढ़ोतरी और अगस्त में सोने की कीमतों में लगातार तेजी जैसे कारणों से निवेशकों का रुझान Gold ETF की ओर बढ़ा.
यूरोप में क्यों बढ़ा सोने का आकर्षण?
यूरोप में सरकारी वित्त की स्थिति और सरकारों के लिए कर्ज जुटाने की बढ़ती लागत को लेकर निवेशकों की चिंता बनी हुई है. ऐसे माहौल में जोखिम कम करने और सरकारी बॉन्ड के विकल्प के तौर पर सोने की मांग बढ़ी. ब्रिटेन यूरोप में Gold ETF निवेश के मामले में सबसे आगे रहा. अगस्त में ब्रिटेन के फंडों में 4.4 अरब डॉलर का निवेश आया. यह देश में अब तक का दूसरा सबसे बड़ा मासिक निवेश है. फ्रांस के Gold ETF में भी अगस्त 2026 में रिकॉर्ड 1.5 अरब डॉलर का निवेश आया. WGC के मुताबिक, यह फ्रांस के लिए अब तक का सबसे मजबूत महीना रहा.
सोने की कीमतों पर आगे क्या है नजर?
विशेषज्ञों के अनुसार, कॉमेक्स पर सोना फिलहाल 4,500 डॉलर प्रति औंस के नीचे कारोबार कर रहा है. कच्चे तेल की कीमतों से महंगाई बढ़ने की आशंका के बीच अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों को लेकर बाजार की नजर अहम महंगाई आंकड़ों पर है. उनके मुताबिक, जब तक सोना 4,500 डॉलर के नीचे रहता है, तब तक इसमें सतर्क रुख बना रह सकता है. 4,500 डॉलर के ऊपर टिकने पर कीमतों में स्थिरता लौट सकती है, जबकि 4,400 डॉलर से नीचे जाने पर गिरावट बढ़ सकती है और सोना 4,300 डॉलर तक फिसल सकता है.
उन्होंने कहा कि सोने के लिए 4,500 से 4,530 डॉलर के बीच पहला अहम रेजिस्टेंस है. इसके ऊपर निकलने पर अगला रेजिस्टेंस 4,600 से 4,630 डॉलर के बीच रहेगा. वहीं, 4,400 से 4,370 डॉलर के बीच पहला अहम सपोर्ट है. इसके बाद 4,300 से 4,270 डॉलर के बीच अगला सपोर्ट है.
सोने का RSI फिलहाल 51 पर है और 50 के न्यूट्रल स्तर के आसपास बना हुआ है. RSI में हल्की कमजोरी संकेत देती है कि सोने में तेजी की रफ्तार कुछ कम हुई है, हालांकि अभी इससे ट्रेंड में स्पष्ट बदलाव का संकेत नहीं मिलता.
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