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नोएडा-गुरुग्राम बने रियल एस्टेट निवेश के सबसे बड़े हॉटस्पॉट, 7 साल में घरों की कीमतें 125% तक बढ़ीं: रिपोर्ट
ANAROCK रिसर्च एंड एडवाइजरी के विश्लेषण के अनुसार, देश के 11 प्रमुख आवासीय बाजारों में 2019 से Q2 2026 के बीच पूंजीगत मूल्य और रेंटल यील्ड, दोनों में लगभग समान गति से वृद्धि हुई है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
भारत का आवासीय रियल एस्टेट बाजार अब निवेशकों के लिए सिर्फ संपत्ति की कीमतों में बढ़ोतरी तक सीमित नहीं रह गया है. ANAROCK की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, देश के प्रमुख हाउसिंग बाजारों में 2019 से 2026 की दूसरी तिमाही (Q2 2026) के बीच घरों की कीमतों के साथ-साथ किराये से होने वाली आय (Rental Yield) में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इस दौरान नोएडा और गुरुग्राम ने पूंजीगत मूल्य वृद्धि (Capital Appreciation) में सबसे बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि बेंगलुरु और हैदराबाद में रेंटल यील्ड सबसे तेजी से बढ़ी.
नोएडा और गुरुग्राम में सबसे तेज बढ़ीं घरों की कीमतें
ANAROCK रिसर्च एंड एडवाइजरी के विश्लेषण के अनुसार, देश के 11 प्रमुख आवासीय बाजारों में 2019 से Q2 2026 के बीच पूंजीगत मूल्य और रेंटल यील्ड, दोनों में लगभग समान गति से वृद्धि हुई है. इसका मतलब है कि अब प्रॉपर्टी की कीमतें बढ़ने के बावजूद किराये से मिलने वाला रिटर्न भी मजबूत बना हुआ है.
रिपोर्ट के मुताबिक, नोएडा में औसत आवासीय कीमत 2019 में 4,795 रुपये प्रति वर्ग फुट से बढ़कर Q2 2026 में 10,780 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गई. यानी करीब 125 फीसदी की बढ़ोतरी. इसी अवधि में रेंटल यील्ड 3.2 फीसदी से बढ़कर 3.9 फीसदी हो गई, जो 70 बेसिस प्वाइंट (BPS) की वृद्धि है.
वहीं, गुरुग्राम में घरों की औसत कीमत 6,150 रुपये प्रति वर्ग फुट से बढ़कर 13,350 रुपये प्रति वर्ग फुट पहुंच गई, जो 117 फीसदी की वृद्धि है. यहां रेंटल यील्ड 3.5 फीसदी से बढ़कर 4.3 फीसदी हो गई, यानी 80 बेसिस प्वाइंट का इजाफा हुआ.
बेंगलुरु और हैदराबाद में किराये से कमाई सबसे ज्यादा बढ़ी
रिपोर्ट के अनुसार, बेंगलुरु और हैदराबाद ने रेंटल यील्ड में सबसे मजबूत प्रदर्शन किया. दोनों शहरों में 2019 से Q2 2026 के बीच रेंटल यील्ड में 100 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी दर्ज की गई. बेंगलुरु में आवासीय कीमतें 4,975 रुपये प्रति वर्ग फुट से बढ़कर 9,450 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गईं, जो 90 फीसदी की वृद्धि है. वहीं, रेंटल यील्ड 3.6 फीसदी से बढ़कर 4.6 फीसदी पहुंच गई.
हैदराबाद में इसी अवधि के दौरान घरों की कीमतें 4,195 रुपये प्रति वर्ग फुट से बढ़कर 8,090 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गईं, यानी 93 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. रेंटल यील्ड भी 2.6 फीसदी से बढ़कर 3.6 फीसदी हो गई.
मुंबई और दिल्ली में भी बेहतर हुआ रेंटल रिटर्न
रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई और दिल्ली जैसे परिपक्व (Mature) रियल एस्टेट बाजारों में भी किराये से होने वाली आय में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला. मुंबई में 2019 से Q2 2026 के बीच घरों की कीमतों में 64 फीसदी की वृद्धि हुई. औसत कीमत 17,845 रुपये प्रति वर्ग फुट से बढ़कर 29,270 रुपये प्रति वर्ग फुट पहुंच गई. वहीं रेंटल यील्ड 3.5 फीसदी से बढ़कर 4.3 फीसदी हो गई.
दिल्ली में आवासीय कीमतें 18,200 रुपये प्रति वर्ग फुट से बढ़कर 26,700 रुपये प्रति वर्ग फुट पहुंचीं, जो 47 फीसदी की वृद्धि है. यहां रेंटल यील्ड 2.2 फीसदी से बढ़कर 3.2 फीसदी हो गई.
अन्य शहरों का प्रदर्शन
नवी मुंबई में घरों की कीमतों में 71 फीसदी और ठाणे में 63 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई. दोनों शहरों में रेंटल यील्ड 80 बेसिस प्वाइंट बढ़ी. पुणे में आवासीय कीमतों में 51 फीसदी की वृद्धि हुई, जबकि रेंटल यील्ड में 65 बेसिस प्वाइंट का इजाफा हुआ.
चेन्नई और कोलकाता में अन्य प्रमुख शहरों की तुलना में अपेक्षाकृत धीमी वृद्धि दर्ज की गई. चेन्नई में घरों की कीमतें 47 फीसदी बढ़ीं और रेंटल यील्ड 55 बेसिस प्वाइंट बढ़ी, जबकि कोलकाता में कीमतों में 45 फीसदी और रेंटल यील्ड में 60 बेसिस प्वाइंट की वृद्धि हुई.
रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर से मिली रफ्तार
ANAROCK ग्रुप के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा कि आमतौर पर प्रॉपर्टी की कीमतें बढ़ने पर रेंटल यील्ड घट जाती है, लेकिन भारत के प्रमुख आवासीय बाजार इस ट्रेंड से अलग दिखाई दे रहे हैं. उनका कहना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, रोजगार केंद्रों का विस्तार, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) की बढ़ती मौजूदगी और महानगरों की ओर लगातार हो रहा पलायन, आवासीय बाजार में पूंजीगत मूल्य और किराये, दोनों को मजबूती दे रहा है.
उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास रोजगार पैदा करता है, रोजगार पलायन को बढ़ाता है, पलायन से किराये की मांग बढ़ती है और मजबूत आवासीय मांग से संपत्तियों की कीमतों में तेजी आती है. यही वजह है कि भारतीय रियल एस्टेट बाजार अब निवेशकों को पूंजीगत लाभ और नियमित किराये की आय, दोनों का बेहतर अवसर उपलब्ध करा रहा है.
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