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घर महंगे होते गए, खरीदारों की रफ्तार थमी, NCR की बिक्री में 27% गिरावट: रिपोर्ट
रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली-NCR, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे बाजारों ने कीमतों की इस तेजी में अहम भूमिका निभाई.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
देश के रेजिडेंशियल रियल एस्टेट बाजार में घरों की कीमतों में बढ़ोतरी जारी है, हालांकि बिक्री और नए प्रोजेक्ट्स की लॉन्चिंग की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी रही. कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में प्रमुख बाजारों में औसत प्रॉपर्टी रियलाइजेशन सालाना आधार पर 6% बढ़कर 9,629 रुपये प्रति वर्ग फुट पहुंच गया. दिल्ली-NCR, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे बाजारों ने कीमतों की इस तेजी में अहम भूमिका निभाई.
रिपोर्ट के मुताबिक, बीते कुछ वर्षों में रियल एस्टेट सेक्टर की ग्रोथ में कीमतों में बढ़ोतरी की भूमिका ज्यादा रही है. ऐसे में आगे बाजार की वास्तविक मजबूती का आकलन बिक्री वॉल्यूम में लगातार सुधार से होगा.
कीमत बढ़ी, लेकिन बिक्री की रफ्तार सीमित
FY27 की पहली तिमाही में देशभर में 247 मिलियन वर्ग फुट आवासीय बिक्री दर्ज की गई, जो सालाना आधार पर 3% अधिक रही. हालांकि, तिमाही आधार पर इसमें 3% की गिरावट आई. वहीं, नए प्रोजेक्ट्स की लॉन्चिंग घटकर 242 मिलियन वर्ग फुट रह गई, जो सालाना आधार पर 14% और तिमाही आधार पर 16% कम है. कीमतों में बढ़ोतरी के चलते कुल बिक्री मूल्य में सालाना आधार पर 9% की वृद्धि दर्ज की गई. यानी बिक्री वॉल्यूम की सुस्ती के बावजूद बढ़ते प्रॉपर्टी रेट्स ने बाजार की वैल्यू को सहारा दिया.
NCR में कीमतों की तेजी, बिक्री में बड़ी गिरावट
दिल्ली-NCR में प्रॉपर्टी की कीमतों में मजबूती बनी रही, लेकिन बिक्री वॉल्यूम में बड़ी गिरावट दर्ज की गई. क्षेत्र में आवासीय बिक्री सालाना आधार पर 27% और तिमाही आधार पर 8% घटकर 23.5 मिलियन वर्ग फुट रह गई. इस दौरान नई लॉन्चिंग 21.2 मिलियन वर्ग फुट रही. इसके मुकाबले मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में 41.5 मिलियन वर्ग फुट की बिक्री दर्ज की गई. बेंगलुरु में 30.7 मिलियन वर्ग फुट और हैदराबाद में 34.3 मिलियन वर्ग फुट की बिक्री हुई.
गुरुग्राम और नोएडा में मजबूत बने रेट्स
डेवलपर्स का मानना है कि गुरुग्राम और नोएडा जैसे बाजारों में कीमतों में तेजी के पीछे केवल निवेशकों की दिलचस्पी नहीं, बल्कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और प्रीमियम प्रोजेक्ट्स की बढ़ती मांग भी अहम कारण हैं.
JMS ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर पुष्पेंद्र सिंह ने कहा कि गुरुग्राम में 2019 के बाद से प्रॉपर्टी की कीमतों में 117% तक की बढ़ोतरी देखी गई है. खासकर सेक्टर 95 और द्वारका एक्सप्रेसवे जैसे इलाकों में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का सीधा असर रियल एस्टेट की कीमतों पर पड़ा है. उनके मुताबिक, रेंटल यील्ड में सुधार भी बाजार की मजबूती का संकेत है.
BPTP लिमिटेड के प्रेसिडेंट और CEO मानिक मलिक ने कहा कि घर खरीदार अब बेहतर कनेक्टिविटी, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और अच्छे सोशल इकोसिस्टम वाले इलाकों को प्राथमिकता दे रहे हैं. इससे गुरुग्राम, नोएडा और फरीदाबाद जैसे बाजारों को फायदा मिल रहा है.
अनसोल्ड इन्वेंट्री में मामूली बढ़ोतरी
बेंगलुरु, हैदराबाद और NCR में अनसोल्ड इन्वेंट्री में तिमाही आधार पर मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई. जून 2026 तक देशभर में अनसोल्ड रेजिडेंशियल स्टॉक करीब 0.8 बिलियन वर्ग फुट रहा, जो पिछले 12 महीनों की बिक्री के आधार पर लगभग 1.9 साल की इन्वेंट्री के बराबर है.
पायनियर अर्बन लैंड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट ऋषभ पेरिवाल ने कहा कि गुरुग्राम का बाजार अब सिर्फ कीमतों में तेजी तक सीमित नहीं है. प्रीमियम और लग्जरी हाउसिंग के साथ ग्रेड-A ऑफिस स्पेस और प्रीमियम रिटेल की मांग भी बाजार को मजबूती दे रही है.
मांग वाले बाजारों पर रहेगा डेवलपर्स का फोकस
रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले समय में डेवलपर्स नए प्रोजेक्ट्स की सप्लाई को लेकर अधिक सतर्क रह सकते हैं. उनका फोकस उन माइक्रो-मार्केट्स और प्रोजेक्ट्स पर बढ़ सकता है, जहां खरीदारों की मांग स्पष्ट और मजबूत है.
कुल मिलाकर, रेजिडेंशियल रियल एस्टेट बाजार में कीमतों की तेजी जारी है, लेकिन बिक्री वॉल्यूम की सुस्ती यह संकेत देती है कि बाजार की अगली ग्रोथ के लिए केवल महंगे घर नहीं, बल्कि वास्तविक मांग में भी तेजी जरूरी होगी.
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