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Vodafone Idea को ₹35,000 करोड़ का कर्ज दिलाने में जुटे बैंक, SBI ने रखीं ये शर्तें
Vi को अगले 10 वर्षों में अपने नेटवर्क को अपग्रेड और विस्तार करने के लिए कुल करीब ₹60,000 करोड़ की जरूरत होने का अनुमान है. इसमें से लगभग ₹35,000 करोड़ का इंतजाम लोन के जरिए किया जाएगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 59 minutes ago
वोडाफोन आइडिया (Vi) अपने नेटवर्क के विस्तार और अपग्रेडेशन के लिए करीब ₹35,000 करोड़ का कर्ज जुटाने की तैयारी में है. इस लोन के लिए 8 से 10 बैंकों का कंसोर्टियम बनाए जाने की योजना है. रिपोर्ट के मुताबिक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) करीब ₹7,000 करोड़ के कर्ज के साथ इस कंसोर्टियम का सबसे बड़ा कर्जदाता हो सकता है. हालांकि, इतनी बड़ी फंडिंग देने से पहले बैंकों ने कंपनी के सामने कई शर्तें रखी हैं.
SBI देगा करीब ₹7,000 करोड़
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, SBI ने Vi को करीब ₹7,000 करोड़ का कर्ज देने का प्रस्ताव मंजूर किया है. यह प्रस्तावित ₹35,000 करोड़ के लोन का करीब 20 फीसदी है. बाकी रकम अन्य सरकारी और निजी बैंकों से जुटाई जाएगी. रिपोर्ट के अनुसार, कंसोर्टियम में शामिल प्रत्येक बैंक को कम से कम ₹1,500 करोड़ का कर्ज देना होगा. NaBFID करीब ₹4,000 करोड़ के एक्सपोजर के साथ दूसरा बड़ा कर्जदाता हो सकता है.
नेटवर्क अपग्रेड पर खर्च होंगे ₹60,000 करोड़
Vi को अगले 10 वर्षों में अपने नेटवर्क को अपग्रेड और विस्तार करने के लिए कुल करीब ₹60,000 करोड़ की जरूरत होने का अनुमान है. इसमें से लगभग ₹35,000 करोड़ का इंतजाम लोन के जरिए किया जाएगा. इसके अलावा करीब ₹25,000 करोड़ कंपनी अपनी आंतरिक कमाई और भविष्य में इक्विटी के जरिए जुटाने की योजना बना सकती है.
बैंकों ने रखीं कई शर्तें
इतनी बड़ी रकम का कर्ज देने से पहले बैंकों ने Vi के सामने कुछ कड़ी शर्तें रखी हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें सबसे अहम शर्त यह है कि लोन की अवधि के दौरान कुमार मंगलम बिड़ला को कंपनी का चेयरमैन बने रहना होगा. बिड़ला मई 2026 में दोबारा Vi के चेयरमैन बने थे. इसके अलावा SBI कंपनी के कैश फ्लो पर निगरानी रख सकता है. कंपनी के फंड के लेन-देन को बैंकिंग सिस्टम के जरिए ट्रैक करने की व्यवस्था भी प्रस्तावित है. बैंकों ने आदित्य बिड़ला ग्रुप से कंपनी में अपनी मौजूदा हिस्सेदारी बनाए रखने और कर्ज के लिए मजबूत गारंटी देने की मांग भी की है.
कई सरकारी और निजी बैंक बातचीत में शामिल
Vi के प्रस्तावित कंसोर्टियम में पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया जैसे सरकारी बैंक शामिल हो सकते हैं. इसके अलावा HDFC Bank और ICICI Bank जैसे निजी बैंक भी कर्ज देने को लेकर बातचीत का हिस्सा हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, लोन की पूरी रूपरेखा अक्टूबर के मध्य तक तैयार होने की उम्मीद है.
Vi में सरकार की सबसे बड़ी हिस्सेदारी
वोडाफोन आइडिया में भारत सरकार की करीब 49 फीसदी हिस्सेदारी है. यह हिस्सेदारी कंपनी के बकाये को इक्विटी में बदलने के बाद बनी थी. ब्रिटेन की Vodafone Group के पास करीब 19 फीसदी हिस्सेदारी है, जबकि आदित्य बिड़ला ग्रुप की हिस्सेदारी लगभग 6.64 फीसदी है. बैंकों की ओर से बिड़ला ग्रुप से गारंटी मांगने के पीछे कंपनी की पिछली वित्तीय स्थिति भी एक अहम वजह मानी जा रही है. वर्ष 2021 में कंपनी पर भारी कर्ज के दबाव के बीच कुमार मंगलम बिड़ला ने Vi के बोर्ड से इस्तीफा दिया था. ऐसे में बैंक चाहते हैं कि प्रस्तावित कर्ज के दौरान कंपनी के प्रबंधन और प्रमोटर समर्थन को लेकर पर्याप्त भरोसा बना रहे.
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