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PNB-IGBC साझेदारी: ग्रीन होम खरीदने वालों को मिलेगा सस्ता लोन, ब्याज में भी छूट
IGBC सर्टिफाइड प्रोजेक्ट्स के खरीदारों को PNB की हरित आवास योजना का लाभ मिलेगा. इसके साथ ही ब्याज दर में छूट समेत कई अन्य सुविधाएं भी प्राप्त होंगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 47 minutes ago
भारतीय हरित भवन परिषद (IGBC) और पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने भारत में ग्रीन होम ओनरशिप को बढ़ावा देने के लिए एक रणनीतिक समझौता (MoU) किया है. इस साझेदारी का उद्देश्य IGBC से प्रमाणित आवासीय परियोजनाओं के खरीदारों को प्राथमिकता वाली ग्रीन फाइनेंसिंग उपलब्ध कराना और टिकाऊ आवास को अधिक किफायती बनाना है.
इस समझौते के तहत IGBC और पंजाब नेशनल बैंक के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए एक व्यवस्थित ढांचा तैयार किया जाएगा. इसके जरिए IGBC से प्रमाणित आवासीय परियोजनाओं को पंजाब नेशनल बैंक की ‘हरित निवास योजना’ के तहत शामिल किया जा सकेगा. इससे टिकाऊ घरों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और रियल एस्टेट सेक्टर में ग्रीन बिल्डिंग प्रैक्टिस को अपनाने को प्रोत्साहन मिलेगा.
4,298 ग्रीन होम प्रोजेक्ट्स को मिल चुका है IGBC सर्टिफिकेशन
भारत में ग्रीन बिल्डिंग आंदोलन में आवासीय क्षेत्र की भूमिका लगातार तेजी से बढ़ रही है. IGBC ग्रीन होम्स रेटिंग सिस्टम के जरिए देशभर में टिकाऊ आवास को बढ़ावा दिया जा रहा है. अब तक इस प्रणाली के तहत 4,298 ग्रीन होम प्रोजेक्ट्स रजिस्टर्ड हो चुके हैं, जिनका कुल क्षेत्रफल 4.68 अरब वर्ग फुट से अधिक है. यह आंकड़ा दिखाता है कि डेवलपर्स और होमबायर्स ऊर्जा की बचत करने वाले, स्वस्थ और पर्यावरण के अनुकूल घरों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं. IGBC और पंजाब नेशनल बैंक की यह साझेदारी इस दिशा में एक और बड़ा कदम मानी जा रही है, जिससे प्रमाणित ग्रीन होम आम खरीदारों के लिए अधिक सुलभ हो सकेंगे.
खरीदारों को मिलेगा ब्याज दर में लाभ
पंजाब नेशनल बैंक की हरित निवास योजना के तहत IGBC प्रमाणित ग्रीन प्रोजेक्ट्स में घर खरीदने वाले ग्राहकों को कई वित्तीय लाभ मिलेंगे. इनमें मौजूदा होम लोन ब्याज दर पर 0.10 फीसदी की छूट, प्रोसेसिंग फीस में छूट, डॉक्यूमेंटेशन चार्ज नहीं लगना और 5 फीसदी तक अधिक रिपेमेंट एलिजिबिलिटी जैसी सुविधाएं शामिल हैं. इन प्रोत्साहनों के जरिए खरीदारों पर लोन का बोझ कम होगा और वे पर्यावरण के अनुकूल घर खरीदने के लिए अधिक प्रेरित होंगे.
पंजाब नेशनल बैंक और IGBC का साझा लक्ष्य
पंजाब नेशनल बैंक के MSME और रिटेल डिवीजन के चीफ जनरल मैनेजर फिरोज हसनैन ने कहा, "IGBC के साथ यह साझेदारी टिकाऊ और जिम्मेदार विकास के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता को मजबूत करती है. पंजाब नेशनल बैंक हरित निवास योजना के जरिए हमारा लक्ष्य ग्रीन हाउसिंग को अधिक सुलभ और किफायती बनाना है." उन्होंने कहा कि यह पहल ग्राहकों को बेहतर वित्तीय लाभ देने के साथ-साथ देश में हरित समुदायों के विकास को गति देगी.
डेवलपर्स और खरीदारों दोनों को होगा फायदा
इस साझेदारी के तहत IGBC उन आवासीय परियोजनाओं की पहचान में सहयोग करेगा, जो हरित निवास योजना के लिए IGBC प्री-सर्टिफिकेशन और सर्टिफिकेशन के योग्य होंगी. वहीं पंजाब नेशनल बैंक इन परियोजनाओं में डेवलपर्स और होमबायर्स को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगा. दोनों संस्थान किफायती ग्रीन हाउसिंग के लिए नए वित्तीय मॉडल तलाशेंगे, जिसमें IGBC ग्रीन अफोर्डेबल हाउसिंग और IGBC ग्रीन होम्स जैसी योजनाएं शामिल हैं.
ग्रीन होम से पर्यावरण और आर्थिक दोनों फायदे
IGBC ग्रीन बैंक्स एंड फाइनेंस के चेयरमैन अनुज कुमार अग्रवाल ने कहा, "IGBC और पंजाब नेशनल बैंक की साझेदारी भारत में ग्रीन होम्स को मुख्यधारा में लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. ग्रीन बिल्डिंग सर्टिफिकेशन को प्राथमिकता वाली फाइनेंसिंग से जोड़कर हम खरीदारों, डेवलपर्स, वित्तीय संस्थानों और पर्यावरण सभी के लिए लाभकारी व्यवस्था तैयार कर रहे हैं." उन्होंने कहा कि ग्रीन होम्स न केवल पर्यावरण संरक्षण में मदद करते हैं, बल्कि लंबे समय में ऊर्जा और पानी की खपत कम करके लागत में भी कमी लाते हैं.
भारत के सतत विकास लक्ष्यों को मिलेगा समर्थन
पंजाब नेशनल बैंक और IGBC की यह साझेदारी ग्रीन बिल्डिंग सर्टिफिकेशन को संस्थागत वित्त से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. इससे होमबायर्स, डेवलपर्स और वित्तीय संस्थानों के लिए एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार होगा, जो जलवायु अनुकूल, संसाधन कुशल और भविष्य के लिए तैयार आवासीय समुदायों के निर्माण में मदद करेगा. पंजाब नेशनल बैंक भारत के प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में से एक है और होम लोन, कंस्ट्रक्शन फाइनेंस, MSME फाइनेंसिंग समेत कई वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराता है. वहीं, CII-इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल (IGBC) की स्थापना 2001 में भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) ने भारत में ग्रीन बिल्डिंग आंदोलन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की थी. IGBC के अनुसार, देश में अब तक 16.20 अरब वर्ग फुट से अधिक ग्रीन बिल्डिंग क्षेत्र और 19,710 से अधिक परियोजनाएं उसके 33 ग्रीन और नेट जीरो रेटिंग सिस्टम को अपना चुकी हैं.
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