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महंगाई के बीच भी रियल एस्टेट सेक्टर चमका, 75 शहरों में हाउसिंग सेल्स वैल्यू ₹9.33 लाख करोड़ पहुंची

टॉप महानगरों में मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) ने सबसे मजबूत प्रदर्शन किया. देश की कुल वार्षिक हाउसिंग सेल्स में इसकी हिस्सेदारी 23.7 प्रतिशत रही और यहां सालाना आधार पर 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई.

रितु राणा 3 hours ago

भारत का रियल एस्टेट सेक्टर एक बार फिर मजबूत रफ्तार पकड़ता नजर आ रहा है. आर्थिक चुनौतियों और महंगाई के दबाव के बावजूद देश के 75 प्रमुख शहरों में घरों की बिक्री मूल्य के हिसाब से 16 प्रतिशत बढ़कर 9.33 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है. हालांकि बेचे गए घरों की संख्या में मामूली गिरावट दर्ज की गई, लेकिन प्रॉपर्टी कीमतों में तेजी, प्रीमियम प्रोजेक्ट्स की बढ़ती मांग और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर ने हाउसिंग मार्केट को मजबूती दी है.

बिक्री मूल्य में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

रिसर्च फर्म Liases Foras की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में देश के 75 प्रमुख शहरों में कुल हाउसिंग सेल्स वैल्यू बढ़कर 9,32,965 करोड़ रुपये हो गई. यह पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 16 प्रतिशत अधिक है. हालांकि इस दौरान कुल घरों की बिक्री में हल्की गिरावट देखने को मिली. वित्त वर्ष 2025-26 में 7,09,793 यूनिट्स की बिक्री हुई, जबकि एक साल पहले यह आंकड़ा 7,19,029 यूनिट था.

नए प्रोजेक्ट्स की लॉन्चिंग तेज

बढ़ती मांग को देखते हुए डेवलपर्स ने नए प्रोजेक्ट्स की लॉन्चिंग भी तेज कर दी है. रिपोर्ट के अनुसार, पिछले वित्त वर्ष में नए घरों की सप्लाई 10 प्रतिशत बढ़कर 6,20,842 यूनिट तक पहुंच गई. सप्लाई बढ़ने की वजह से बिना बिके मकानों का स्टॉक भी 13 प्रतिशत बढ़कर करीब 12 लाख यूनिट तक पहुंच गया है.

टॉप शहरों में कैसा रहा प्रदर्शन?

देश के टॉप 8 महानगरों में कुल हाउसिंग सेल्स मामूली घटकर 5,07,850 यूनिट रह गई. पिछले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 5,09,211 यूनिट था. मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) सबसे बड़ा हाउसिंग मार्केट बनकर उभरा, जिसकी कुल बिक्री में 23.7 प्रतिशत हिस्सेदारी रही. वहीं बेंगलुरु दूसरे स्थान पर रहा, जिसकी हिस्सेदारी 9.9 प्रतिशत दर्ज की गई. दूसरी ओर पूना में पर्याप्त सप्लाई होने के बावजूद हाउसिंग सेल्स में 25 प्रतिशत की बड़ी गिरावट देखने को मिली.

प्रॉपर्टी कीमतों में लगातार तेजी

रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान हाउसिंग प्राइस इंडेक्स में सालाना 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई. बढ़ती कीमतों के बावजूद खरीदारों की रुचि बनी हुई है, जो बाजार में मजबूत मांग का संकेत देती है.

एनसीआर बना प्रीमियम हाउसिंग का बड़ा केंद्र

वोमेकी ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन गौरव के सिंह ने कहा कि गुरुग्राम अब एनसीआर के सबसे मजबूत रियल एस्टेट बाजारों में शामिल हो चुका है. उनके मुताबिक, “देशभर में बिक्री की संख्या में हल्की गिरावट के बावजूद बाजार का मूल्य 16 प्रतिशत बढ़कर 9.33 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचना दिखाता है कि खरीदार अब क्वालिटी और बेहतर लोकेशन को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं.” उन्होंने कहा कि गुरुग्राम में प्रीमियम और लग्जरी हाउसिंग की मांग, कॉरपोरेट मूवमेंट और बेहतर कनेक्टिविटी ने इसे निवेश के लिए आकर्षक डेस्टिनेशन बना दिया है.

कार्यन ग्रुप के डायरेक्टर वरुण गर्ग ने कहा कि गाजियाबाद तेजी से एनसीआर के उभरते रियल एस्टेट हॉटस्पॉट के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है. उन्होंने कहा कि RRTS और बेहतर कनेक्टिविटी जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है और शहर अब केवल अफोर्डेबल हाउसिंग का विकल्प नहीं, बल्कि ग्रोथ-ड्रिवन इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन बन रहा है.

उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ा

एनके रियलटर्स के मैनेजिंग डायरेक्टर पवन अग्रवाल ने कहा कि रियल एस्टेट सेक्टर की तेजी केवल कीमतों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उपभोक्ताओं के बढ़ते विश्वास और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर का संकेत है. उन्होंने कहा, “आज खरीदार बेहतर लोकेशन, लाइफस्टाइल सुविधाओं और लॉन्ग-टर्म वैल्यू पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं. रियल एस्टेट अब स्थिर और दीर्घकालिक रिटर्न देने वाला एसेट क्लास बन चुका है.”

खरीदार अब गुणवत्ता को दे रहे प्राथमिकता

सांघवी रियल्टी के निदेशक पक्षाल सांघवी ने कहा कि आवास बिक्री मूल्य में मजबूत बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि भारतीय हाउसिंग मार्केट अब पहले से अधिक परिपक्व और स्थिर हो चुका है. उनके मुताबिक, “आज खरीदार बेहतर प्लानिंग, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, समय पर डिलीवरी और लंबी अवधि की वैल्यू वाले प्रोजेक्ट्स के लिए प्रीमियम कीमत चुकाने को तैयार हैं.” उन्होंने कहा कि घर अब केवल खरीदारी नहीं, बल्कि लॉन्ग-टर्म वेल्थ क्रिएशन का माध्यम बनता जा रहा है.

 

ब्रह्मा ग्रुप के एवीपी ऑपरेशंस आशीष शर्मा ने कहा कि बाजार अब केवल मांग के आधार पर नहीं, बल्कि भरोसे और बेहतर मूल्य के आधार पर आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा, “लोग अब अच्छी लोकेशन, आधुनिक सुविधाओं और भरोसेमंद डेवलपर्स को ज्यादा महत्व दे रहे हैं. डेवलपर्स के लिए यह समय गुणवत्ता और समय पर डिलीवरी पर ज्यादा फोकस करने का है.”

जे एस्टेट्स के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर अनिल गोदारा ने कहा कि यह रिपोर्ट भारतीय रेजिडेंशियल मार्केट में मजबूत उपभोक्ता मांग और बदलती प्राथमिकताओं को दर्शाती है. उन्होंने कहा, “आज खरीदार अपने निवेश से बेहतर वैल्यू चाहते हैं और यही वजह है कि डेवलपर्स भी अधिक योजनाबद्ध और बेहतर प्रोजेक्ट्स पर ध्यान दे रहे हैं.”

मजबूत निवेश संकेत

एम3एम इंडिया के हेड कॉर्पोरेट फाइनेंस प्रतीक तिबरेवाला ने कहा कि 9.33 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा भारतीय अर्थव्यवस्था और रियल एस्टेट सेक्टर के लिए बेहद सकारात्मक संकेत है. उन्होंने कहा, “आज का खरीदार भविष्य की वैल्यू और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को ध्यान में रखकर निवेश कर रहा है. प्रॉपर्टी की बढ़ती कीमतें और नए लॉन्च की मजबूत मांग यह दर्शाती हैं कि रियल एस्टेट अब भी सबसे सुरक्षित और हाई-रिटर्न एसेट क्लास बना हुआ है.”

टियर-2 शहरों में भी तेजी

अराइज ग्रुप के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर अमन शर्मा ने कहा कि रियल एस्टेट ग्रोथ अब केवल बड़े महानगरों तक सीमित नहीं रही. उनके मुताबिक, “करनाल, सोनीपत, मोहाली और पंचकूला जैसे उभरते शहरों में भी बेहतर कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की वजह से मांग तेजी से बढ़ रही है.”

 


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