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IBLF: अनीता भोगले की महिलाओं को सलाह - सुंदरता से ज्यादा जरूरी है कॉन्फिडेंस 

BW Business World द्वारा आयोजित ‘इंडिया बिजनेस लिटरेचर फेस्टिवल’ (IBLF) के मुंबई चैप्टर में अनीता भोगले ने अपने विचार रखे.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

#IBLF: देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान ‘BW Business World’ द्वारा ‘इंडिया बिजनेस लिटरेचर फेस्टिवल’ (IBLF) के मुंबई चैप्टर का आयोजन किया जा रहा है. इस कार्यक्रम में जाने-माने लेखक शिरकत कर रहे हैं. इस मौके पर लेखिका अनीता भोगले (Anita Bhogle) ने अपनी किताब 'Equal, Yet Different: Career Catalysts for the Professional Woman' के बारे में बताया. 

इस तरह मिली प्रेरणा
अनीता भोगले ने कहा कि किताब लिखने की प्रेरणा उन्हें उनकी लाइफ से मिली, लेकिन ये किताब अकेले उनकी कहानी पर ही आधारित नहीं है. इसमें तमाम महिलाओं की अनगिनत परेशानियां, उनके अनुभव और सोसाइटी में महिलाओं के साथ होने वाले पक्षपात पर बात की गई है. यह एक रिसर्च बुक है, जिसके लिए उन्होंने हर वर्ग की महिलाओं से बात की है. अनीता ने कहा कि जब उनके बच्चे बड़े हो रहे थे, तो उन्हें फैमिली का पर्याप्त समर्थन नहीं मिला. पति को काम के सिलसिले में काफी समय तक बाहर रहना पड़ता था. जिसकी वजह से उन्हें करियर से जुड़े कई अवसर गंवाने पड़े.

सुनाई एक लड़की की कहानी
अनीता भोगले ने आगे कहा कि उन्होंने कई अवसर जरूर खोये, लेकिन कुछ अलग, कुछ बड़ा करने की इच्छा हमेशा मन में जगाए रखी. उन्होंने कहा कि हमारे देश में क्षमता के आधार पर अवसरों को विभाजित नहीं किया जाता, बल्कि ये विभाजन महिला-पुरुष के आधार पर होता है. उन्होंने एक लड़की की कहानी भी सुनाई, जो एक ट्रेडिशनल फैमिली से थी. उसने IIT करने के बाद CAT की तैयारी की, लेकिन उसके परिवार ने बीच में ही उसकी शादी करा दी. उसका करियर पर एक तरह से वहीं फुल स्टॉप लग गया था, मगर उसने दो बच्चे होने के बाद अपने सपने पूरे किए. आईआईएम अहमदाबाद गई और लाइफ में सफलता हासिल की. अनीता ने सवाल किया कि ऐसा कितने पुरुषों के साथ होता है?    

बदलनी होगी मानसिकता
उन्होंने कहा कि किताब के सिलसिले में जब वह एक लड़की से मिलीं तो उसने बताया कि वो MBA करना चाहती थी, लेकिन परिवार ने सपोर्ट नहीं किया. अनीता भोगले ने कहा - हर रोज महिलाएं सोचती हैं लाइफ फेयर नहीं है. उन्हें हर कदम पर पक्षपात का सामना करना पड़ता है. वर्क लाइफ बैलेंस नहीं होने के चलते अधिकांश महिलाओं को करियर से समझौता करना पड़ता है. हमें अपनी मानसिकता अब बदलनी होगी.

कैसे आया लिखने का ख्याल?
BW Businessworld के सीनियर एडिटर रूहेल अमीन के इस सवाल पर कि किताब लिखने का ख्याल कब और कैसे आया? अनीता भोगले ने कहा कि मेरी लाइफ ने मुझे किताब लिखने पर ट्रिगर किया, लेकिन ये अकेले मेरी कहानी पर ही बेस्ड नहीं है. पहले मैंने सीरिज ऑफ ब्लॉग लिखने का सोचा था, लेकिन लोग जुड़ते गए, कहानियां बढ़ती गईं, तो इसे किताब की शक्ल दे दी. किताब के टाइटल से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि इसकी प्रेरणा मुझे ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर स्टीव वॉग के एक भाषण से मिली, जो उन्होंने कई सालों पहले एक लीडरशिप कांफ्रेंस में दिया था. उन्होंने कहा था कि लीडर अपने लोगों को इक्वली और डिफ्रेंटली ट्रीट करते हैं  

बड़े सपने देखने चाहिए
महिलाओं को सलाह देते हुए अनीता भोगले ने कहा कि उन्हें बड़े सपने देखने चाहिए, जब वह बड़ा सोचेंगी, तभी कुछ बड़ा हासिल कर पाएंगी. उन्होंने कहा कि सुंदर दिखने से ज्यादा महत्वपूर्ण है कि हमारे अंदर कॉन्फिडेंस कितना ज्यादा है, हम कितने इंडिपेंडेंट हैं. भोगले ने कहा कि महिलाओं को खुलकर अपनी बात रखना आना चाहिए, उन्हें फैमिली से अपने करियर को लेकर खुलकर बात करनी चाहिए.  


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