होम / बातें साहित्य की / युवाओं के लिए संजीवनी बूटी है फजले गुफरान की किताब ‘मेरे राम सबके राम’!

युवाओं के लिए संजीवनी बूटी है फजले गुफरान की किताब ‘मेरे राम सबके राम’!

अगर सच में समाज में ‘राम-राज्य’ लाना है, तो श्रीराम को आध्यात्मिक रूप से देखना और समझना बेहद जरूरी है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

भारत में किसी से दुआ-सलाम करनी हो तो अक्सर ‘राम-राम’ कह दिया जाता है. इस छोटी सी बात से ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि ‘राम’ का नाम हमारे जीवन में कितनी गहराई तक बसा हुआ है. लेकिन अक्सर ही ‘राम’ नाम राजनीति के गलियारों में भी गूंजता सुनाई देता है. ऐसे में कभी-कभी लगता है कि आखिर राम हैं किसके? इन्हीं सवालों को तलाशने की कोशिश में हमने कई किताबें पढ़ी और इसी कड़ी में वरिष्ठ पत्रकार और लेखक, फजले गुफरान की किताब ‘मेरे राम सबके राम’ को पढ़ने का मौका मिला.

राम नाम का सच्चा अर्थ 
फजले गुफरान की किताब को पढ़ते हुए राम नाम का सच्चा अर्थ और उसकी व्याख्या तो समझ आते ही हैं साथ ही यह भी समझ आता है कि राम को सिर्फ एक संप्रदाय से जोड़कर नहीं देखा जा सकता. अगर समाज में ‘राम-राज्य’ लाना है, तो श्रीराम को आध्यात्मिक रूप से देखना और समझना बेहद जरूरी है. किताब में आपको श्रीराम से जुड़े कई सवालों के जवाब तो मिलेंगे ही, साथ ही उनकी वंशावली से लेकर राम मंदिर से जुड़े कई रोचक किस्सों को इस तरह से गढ़ा गया है कि आप इस किताब से आंखें नहीं हटा पाएंगे.

विदेशों में श्रीराम 
वैसे तो श्रीराम का स्वरूप इतना ज्यादा बड़ा है कि आपने उनके कई स्वरूपों के दर्शन किताबों, फिल्मों और नाटकों के जरिए किए ही होंगे. लेकिन असल में राम के आदर्शों, जीवन मूल्यों और उनकी सत्यनिष्ठा से रूबरू कराती इस किताब से हमें विदेशों में ‘राम’ नाम का महत्व जानने का मौका भी मिलता है. किताब पढ़कर गर्व महसूस हुआ कि हमारा देश कितना महान है, जिसके राम दुनिया के हर देश के राम हैं. 

युवाओं के लिए संजीवनी बूटी
'मेरे राम सबके राम' में कई ऐसे सवाल भी उठाए गए हैं कि क्या कलियुग में राम राज्य लाना मुमकिन है? क्या हम श्रीराम की तरह कड़े संघर्षों से गुज़रकर आजीवन आदर्शों का पालन कर सकते हैं? कई ऐसे सवालों के जवाब बहुत ही सरल और सीधे तरीके से दिए गए हैं. इस किताब को पढ़कर लगा कि लेखक ने किताब की हर कथा और कथन को बेहद गहराई से समझाने की कोशिश की है. किताब आज के युवाओं के लिए संजीवनी बूटी है, जिसे पढ़कर वह असल राम की पहचान कर पाएंगें.

भारत और श्रीराम
प्रभात प्रकाशन के सौजन्य से प्रकाशित हुई इस किताब में लेखक फजले गुफरान ने भारतीय संविधान के संदर्भ में भी श्रीराम के आदर्शों को बड़े अच्छे तरीके से उकेरा है. श्रीराम के शासन को भारतीय परिप्रेक्ष्य में जिस तरह से पेश किया है, आम आदमी को उसे समझने की बहुत ज्यादा जरूरत है और किताब में इसे बेहतरीन ढंग से पेश किया गया है. किताब में श्रीराम के पौराणिक किस्से और कहानियों की बजाय उनके इतिहास को साक्ष्यों के आधार पर प्रस्तुत किया है. इसे पढ़कर श्रीराम का इतिहास समझ आता है. 

क्यों किसी एक के नहीं हैं राम?
लेखक फजले गुफरान ने इस किताब में श्रीराम को हर इंसान से जोड़ने की कोशिश की है और किताब का शीर्षक मेरे राम सबके राम इस बात को सिद्ध करता है. वैसे भी राम किसी एक संप्रदाय के हो ही नहीं सकते क्योंकि उनके आदर्शों को पूरी दुनिया मानती है. अगर आप राम को अलग नजरिए से जानना चाहते हैं, तो यह बेहतरीन किताब है, जिसे आपको जरूर पढ़ना चाहिए.
 

यह भी पढ़ें: चुनावी मौसम में क्या फिर मिलने वाला है सस्ते सिलेंडर का तोहफा? 1 अक्टूबर को हो जाएगा साफ

 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

वरिष्ठ पत्रकार आलोक मेहता की नई किताब ‘Revolutionary Raj’ आज होगी लॉन्च, मोदी के 25 साल के सफर की तस्वीरें और विश्लेषण

यह किताब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिछले 25 वर्षों के राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन को तस्वीरों और विश्लेषण के साथ प्रस्तुत करती है.

21-February-2026

Rupa Publications ने 'Case for Ram' नामक नई किताब के विमोचन की घोषणा की

किताब में धर्म, कानून और समाज के संगम को दर्शाया गया; बताई गई वह कानूनी यात्रा जो सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले तक पहुंची

29-September-2025

Westland Books ने प्रोफेसर प्रतीक राज की नई किताब "Atypical" के रिलीज की घोषणा की

यह किताब मैनेजमेंट के रणनीति (Strategy) विषय पर आधारित है और बिज़नेस की जरूरतों को समझने के लिए एक मजबूत सिद्धांतिक ढांचा (Theoretical Framework) प्रस्तुत करती है.

19-February-2025

स्मृति शेष- दिल्ली में मालवा की धड़कन और खुशबू की तरह महकते थे डॉ. हरीश भल्ला!

दिल्ला के सांस्कृतिक सम्राट डॉ. हरीश भल्ला का 10 जनवरी 2025 को निधन हो गया. ‘इंडिया न्यूज’ चैनल पर हरीश भल्ला का शो ‘एक कहानी विद डॉ. हरीश भल्ला काफी लोकप्रिय था.

25-January-2025

 'India’s Green Startups' : जलवायु संकट के समाधान में नवाचार और उद्यमिता की भूमिका

पूर्व केंद्रीय वित्त और नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा और संदीप भामर द्वारा लिखित 'India’s Green Startups' भारत के ग्रीन नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र पर एक गहरी नजर डालती है.

22-January-2025


बड़ी खबरें

सिटी का बड़ा अलर्ट: भारत “अंडरवेट”, निफ्टी में 11.7% अपसाइड का अनुमान

सिटी ने कुछ सेक्टर्स पर सकारात्मक रुख बनाए रखा है, जिनमें बैंकिंग, टेलीकॉम, डिफेंस और फार्मास्युटिकल्स शामिल हैं. वहीं, कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी, कंज्यूमर स्टेपल्स और आईटी सर्विसेज पर अंडरवेट रेटिंग दी गई है.

19 hours ago

अनिल अंबानी की कंपनियों पर शिकंजा,सीबीआई ने मुंबई में 17 ठिकानों पर की छापेमारी

सीबीआई ने सार्वजनिक क्षेत्र के विभिन्न बैंकों और LIC की शिकायतों के आधार पर रिलायंस ग्रुप के खिलाफ अब तक सात मामले दर्ज किए हैं. इन मामलों में हजारों करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी का आरोप है.

16 hours ago

ईडी का बड़ा एक्शन: फर्जी GST बिल मामले में पंजाब सरकार के मंत्री संजीव अरोड़ा गिरफ्तार

सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई कथित फर्जी GST खरीद, मनी लॉन्ड्रिंग और निर्यात से जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच के तहत की गई.

16 hours ago

पश्चिम बंगाल में नया राजनीतिक युग शुरू, शुभेंदु अधिकारी ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ

शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री बनने के साथ पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हो गया है.

23 hours ago

बंगाल एक ब्रांड: नवयुग, आत्मविश्वास और नियति का जनादेश

इस लेख में डॉ. अनुराग बत्रा बताते हैं कि कैसे हालिया बंगाल विधानसभा चुनाव केवल राजनीति से परे एक जनादेश था.

21 hours ago