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Exclusive: क्या है CM महाराष्‍ट्र का गेमचेंजर प्रोजेक्‍ट, कैसे दूर होगी बेरोजगारी, जानें

महाराष्‍ट्र के लिए समृद्धि हाईवे कई मायनों में महत्‍वपूर्ण होने जा रहा है। इससे जहां रिमोट क्षेत्रों में इंडस्‍ट्री पहुंचने जा रही है, वहीं दूसरी ओर सौर उर्जा का भी विकास होने जा रहा है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

मौजूदा समय में देश के इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर में बड़े काम हो रहे हैं. इसी कड़ी में महाराष्‍ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी प्रदेश में नए हाईवे से लेकर इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर के कई बड़े प्रोजेक्ट पर लगातार जुटे हुए हैं. महाराष्‍ट्र में इकोनॉमी से लेकर इंडस्‍ट्री के लिए क्‍या हो रहा है इसे लेकर महाराष्‍ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे से बिजनेस वर्ल्‍ड हिंदी के एडिटर अभिषेक मेहरोत्रा, बिजनेस वर्ल्‍ड के सीनियर एडिटर रूहेल अमीन और बिजनेस वर्ल्‍ड के कॉरस्पॉडेंट अर्जुन यादव ने विस्‍तार से बातचीत की. जानिए महाराष्‍ट्र सीएम ने इस पर क्‍या जवाब दिया.

  आप समृद्धि हाइवे को प्रदेश का गेमचेंजर प्रोजेक्क बता रहे हैं, ये दावा कितना सही है? 
मैं आपको इसके बारे में विस्तार से बताऊंगा।  मुंबई से लेकर नागपुर तक हम एक हाईवे बना रहे हैं जिसे समृद्धि हाइवे कहा जा रहा है, ये हाइवे लगभग 700 किलोमीटर लंबा है, जिसका 11 जनवरी को पीएम नरेन्‍द्र मोदी उद्घाटन करने जा रहे हैं. ये बहुत बड़ा प्रोजेक्ट है. मैं इसे महाराष्ट्र का एक गेमचेंजर प्रोजेक्ट मान रहा हूं. ये सिर्फ हमारे लिए ही नहीं बल्कि ये हमारे देश के लिए भी गेमचेंजर होने जा रहा है. अभी इस यात्रा में 18 घंटे का सफर लगता है लेकिन इस हाइवे के बनने के बाद इसमें 7 घंटे तक का समय कम हो जाएगा. हम लोगों ने और डिप्‍टी सीएम देवेन्‍द्र फड़नवीस ने नागपुर से शिरडी तक उसमें ट्रेवल किया, जिसमें नागपुर से शिरडी 4 घंटे में पहुंचे. अभी मौजूदा समय में लोग यहां प्राइवेट कार लेकर जाते हैं लेकिन जब ये हाईवे शुरु हो जाएगा तो यहां पब्लिक ट्रांसपोर्ट भी शुरू हो जाएगा, जिससे लोग उसके बाद पब्लिक ट्रांसपोर्ट से उसके जरिए जा सकेंगें. ये देश का सबसे लंबा हाईवे है और इसकी बड़ी विशेषता ये भी है ये पूरी तरह से इकोफ्रेंडली भी है. 

  इन दिनों इस तरह के हाईवे में सरकार कई ऐसे क्षेत्रों का भी विकास करती है, जिससे इन्‍हें दिलचस्‍प भी बनाया जा सके. क्‍या इससे गुजरने वालों को ऐसा कुछ इंटरेस्टिंग मिल सकेगा ?
इस हाईवे में हंड्रेड स्ट्रक्चर ऐसे हैं, जहां वाइल्ड लाइफ भी है और इस पर 326 करोड़ रुपये स्ट्रक्चर पर खर्च हुए हैं. उस वाइल्‍ड लाइफ के लिए अंडरपास भी हैं और ओवरपास भी हैं. इस पूरी परियोजना में 1 ओवरपास है, 92 अंडरपास हैं और जो वाइल्ड लाइफ में जानवर हैं, उन्‍हें पूरी तरह से जंगल का ही फील आएगा. जब लोग उसे क्रास करेंगें तो उनको ऐसा लगेगा कि कोई वे किसी रोड पर या शहर में नहीं जा रहे, जंगल में घूम रहे हैं.

 लगभग सभी राज्‍यों में नए ऊर्जा क्षेत्रों का विकास हो रहा है जिसमें सोलर एनर्जी महत्‍एवपूर्ण है. आपकी सरकार इस दिशा में क्‍या कर रही है? 
इस समृद्धि हाईवे में कम से कम 500 मेगावैट सोलर एनर्जी जनरेट करने की हमारी प्लानिंग है. फर्स्ट फेज में 138 मेगावॉट सोलर एनर्जी जनरेट करेंगे. हाईवे के बीच में और हाईवे के किनारे में इसे लगाया जाएगा. समृद्धि हाईवे ग्रीन हाईवे है. इसमें 11 लाख बड़े ट्री प्लांटेशन किए गए हैं,और छोटे-बड़े मिलाकर 33 लाख हैं. सरकार का प्लान है कि ये हाईवे पूरी तरह से ग्रीन हाईवे ही हो, इसलिए ग्रीन कॉरिडोर भी बन रहा है ताकि ये इको फ्रेंडली बना रहे। 

 इस हाईवे के निर्माण से राज्‍य में किस तरह की इंडस्‍ट्री को फायदा मिलने की उम्‍मीद है? 
यहां हम लोग आगे ऐसा वैल्यू एडिशन कर रहे हैं कि वहां पर जो 18 नोडल सेंटर हैं, जैसे वहाँ पर कॉटन है, वहाँ पर ऑरेंज है, टूरिज्म है औरंगाबाद में और अमरावती में कॉटन है, नागपुर में ऑरेंज है, तो वहाँ पर टेक्सटाइल इंडस्ट्री होगी,  इंडस्ट्रियल हब होगा, लॉजिस्टिक पार्क होगा, और एग्रो इंडस्ट्री होगी, फ़ूड प्रोसेसिंग यूनिट होगी और ये कोल्ड स्टोरेज चेन होगी, टाऊनशिप होगी, इंडस्ट्रियल टाऊनशिप और रेसिडेंशल टाऊनशिप. वहाँ हमने लैंडपूलिंग करने की भी तैयारी की है, जिसके लिए स्थानीय लोग भी तैयार हैं. हम लोगों को डेवलप्ड लैंड देंगे, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर भी शामिल होगा, इससे वो लोग वहां पर कम से कम 5 लाख से ज्यादा एम्प्लॉयमेंट जनरेट करके देंगे इस रोड पर. इस तरह राज्‍य के लिए गेमचेंजर हाईवे होगा.

महाराष्ट्र में अन-ईवन रीजनल डेवलपमेंट है, डिस्पैरिटी है, मुंबई कहीं ज्यादा डेवलप है, पुणे डेवलप है लेकिन रिमोट इलाके विकास से वंचित है. ये जो आपका विजन है, इससे इस पर क्या असर पड़ेगा?

पहले क्‍या होता था कि हमारे राज्‍य के जो कुछ रिमोट इलाके हैं वहां पर इंडस्‍ट्री नहीं जाती थी. जिन इलाकों में इंडस्‍ट्री है जैसे कि मुंबई, पुणे, नासिक, वहां ही बड़ी इंडस्ट्री के लोग जा रहे हैं, पर अब समृद्धि हाईवे बन रहा है तो इससे पूरे राज्‍य का विकास होगा. इस हाईवे के बनने के बाद अब उन इलाकों में भी तेजी से विकास हो पाएगा जहां अभी तक विकास नहीं हो पाया है. इसके बनने के बाद उन इलाकों तक भी इंडस्‍ट्री पहुंच पाएगी जहां अभी तक नहीं पहुंच पाई है. 

इस हाईवे के बनने के बाद किन-किन इलाकों की कनेक्टिविटी सुधर जाएगी? 


इस हाइवे के बनने के बाद मुंबई-नागपुर, नजदीक आ जाएंगे. नागपुर-JNPT, जालना ड्राईपोर्ट नजदीक आएगा, जहां 15 से 16 घंटे लगते हैं। इसके बनने के बाद 6-7 घंटे में पहुंच जाएंगे. ट्रेवल टाइन कम होने से वहां इंडस्ट्री भी जाएगी. नागपुर, बुलढाणा, अमरावती, वाशी, औरंगाबाद, जालना जैसे इलाकों में भी अब इंडस्‍ट्रीज पहुंचेगी, क्‍योंकि समृद्धि हाईवे बन रहा है. इस हाईवे से कनेक्टिविटी काफी सुधर जाएगी. 

सरकार इंडस्‍ट्री को वहां ले जाने के लिए सरकार किस तरह की योजना बना रही है? क्‍या सरकार का किसी तरह की सब्सिडी देने का कोई प्लान है? 
 इस हाईवे के पहुंचने के बाद हम लोग इंडस्‍ट्री को वहां ले जाने के लिए कई तरह की योजनाओं पर काम कर रहे हैं. हम लोग उनको सब्सिडी देने की भी योजना बना रहे हैं. इंडस्‍ट्री वालों को हम लोग वहां इंफ्रास्ट्रक्चर हेल्प भी देंगे. वहां पर इंडस्‍ट्री के लिए बड़ी संभावनाएं भी हैं. उसके लिए हमारे पास स्किल्‍ड मैनपावर है और अच्‍छा इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर भी है. हमारे पास उनके लिए अच्‍छा एटमोस्फेयर भी है, जो इंडस्ट्री के लिए और इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट के लिए बहुत ही फायदेमंद होगा.


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