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स्पोर्ट्स लॉजिस्टिक्स में भारत की तेजी, DP World ने बताए ग्रोथ और चुनौतियों के ट्रेंड

DP World India के कंट्री मैनेजर, सबकॉन्टिनेंट, हेमंत कुमार रुइया के अनुसार, भारत में स्पोर्ट्स इवेंट्स के बढ़ते पैमाने, मल्टी-सिटी टूर्नामेंट्स और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के विस्तार ने लॉजिस्टिक्स सेक्टर के लिए नई चुनौतियां और अवसर दोनों पैदा किए हैं.

रितु राणा 6 months ago

वैश्विक सप्लाई चेन और स्पोर्ट्स लॉजिस्टिक्स का परिदृश्य तेजी से बदल रहा है, जहां गति, सटीकता और तकनीक की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है. भारत में स्पोर्ट्स इवेंट्स के बढ़ते पैमाने, मल्टी-सिटी टूर्नामेंट्स और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के विस्तार ने लॉजिस्टिक्स सेक्टर के लिए नई चुनौतियां और अवसर दोनों पैदा किए हैं. इसी पृष्ठभूमि में DP World India के कंट्री मैनेजर, सबकॉन्टिनेंट, हेमंत कुमार रुइया ने BusinessWorld हिंदी से विशेष बातचीत में स्पोर्ट्स लॉजिस्टिक्स की बदलती दुनिया, भारत की स्थिति और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की.

प्रश्न 1. भारत में स्पोर्ट्स लॉजिस्टिक्स मार्केट का मौजूदा आकार क्या है और यह कितनी तेजी से बढ़ रहा है?

हेमंत कुमार रुइया: वैश्विक स्पोर्ट्स इंडस्ट्री 2025 में लगभग 534.5 अरब अमेरिकी डॉलर (करीब 44.3 लाख करोड़ रुपये) आंकी गई है, जबकि भारत में यह करीब 19 अरब अमेरिकी डॉलर (लगभग 1.3 लाख करोड़ रुपये) है. यह 12–14 प्रतिशत की CAGR से बढ़ते हुए 2030 तक 40 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक हो सकता है (KPMG डेटा). स्पोर्ट्स लॉजिस्टिक्स इस ग्रोथ का तेजी से उभरता हुआ हिस्सा है, जो लीग्स और मल्टी-सिटी टूर्नामेंट्स के विस्तार के साथ मजबूत हो रहा है.

प्रश्न 2. इस सेक्टर की सबसे बड़ी चुनौतियां क्या हैं?

हेमंत कुमार रुइया: सबसे बड़ी चुनौती सीमित समय में कई शहरों में ऑपरेशंस को मैनेज करना है. मैच शेड्यूल बेहद टाइट होते हैं, जिससे देरी की कोई गुंजाइश नहीं होती. अलग-अलग शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर की विविधता भी एक बड़ी चुनौती है. ऐसे में सटीक योजना और समय पर डिलीवरी बेहद जरूरी हो जाती है.

 

प्रश्न 3. वैश्विक स्पोर्ट्स लॉजिस्टिक्स के दृष्टिकोण से भारत की वर्तमान स्थिति क्या है और इस क्षेत्र में भविष्य में आपको क्या अवसर दिखाई देते हैं?

हेमंत कुमार रुइया: आज भारत उस पैमाने पर काम कर रहा है जो प्रमुख वैश्विक स्पोर्ट्स बाजारों के बराबर है. इवेंट्स की आवृत्ति और जटिलता लगातार बढ़ रही है. आगे चलकर बेहतर कनेक्टिविटी और अधिक एकीकृत (इंटीग्रेटेड) ऑपरेशंस के जरिए लॉजिस्टिक्स क्षमताओं को और मजबूत करने का एक बड़ा अवसर मौजूद है.

प्रश्न 4. भारत में स्पोर्ट्स इवेंट्स के तेजी से बढ़ने के साथ, DP World स्पोर्ट्स लॉजिस्टिक्स सेगमेंट में अपने नेटवर्क और सेवा क्षमताओं का विस्तार कैसे कर रहा है?

हेमंत कुमार रुइया: भारत में हमारा फोकस टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल के जरिए बड़े स्तर पर सप्लाई चेन को सरल और मजबूत बनाने पर है. पोर्ट्स, लॉजिस्टिक्स, रेल और वेयरहाउसिंग तक फैले हमारे ऑपरेशंस में डिजिटल सिस्टम्स का एकीकरण विजिबिलिटी और समन्वय को बेहतर बनाने के लिए बेहद जरूरी है. हम ऐसे अधिक कनेक्टेड एंड-टू-एंड सप्लाई चेन समाधान विकसित करने की दिशा में काम कर रहे हैं, जिससे कार्गो तेज़ी से और अधिक पूर्वानुमेय तरीके से मूव कर सके. इसके साथ ही हमारी मल्टीमॉडल क्षमताएं लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के विभिन्न हिस्सों को सहज रूप से जोड़ने में मदद करती हैं. हमारा उद्देश्य अक्षमताओं को कम करना, विश्वसनीयता बढ़ाना और ऐसी सप्लाई चेन तैयार करना है जो भारत की वैश्विक व्यापार में बढ़ती भूमिका को बेहतर तरीके से सपोर्ट कर सके. 

 

प्रश्न 5.अगले एक वर्ष में DP World भारत में किन प्रमुख स्पोर्ट्स लॉजिस्टिक्स ऑपरेशंस या प्रोजेक्ट्स पर फोकस करेगा?

हेमंत कुमार रुइया: हम बड़े क्रिकेट टूर्नामेंट्स और मल्टी-सिटी ऑपरेशंस को सपोर्ट करना जारी रखेंगे, जहां सुचारु संचालन में लॉजिस्टिक्स की अहम भूमिका होती है. भारत में हमारा फोकस यह सुनिश्चित करने पर होगा कि स्पोर्ट्स लॉजिस्टिक्स विभिन्न स्थानों पर कुशलतापूर्वक काम करे और दिल्ली कैपिटल्स जैसी टीमों को समर्थन मिले, जिनके लिए हम ग्लोबल लॉजिस्टिक्स पार्टनर हैं. साथ ही हम ऐसे मजबूत सिस्टम्स विकसित करने पर काम कर रहे हैं जो भारत में बढ़ते स्पोर्ट्स इवेंट्स के पैमाने को संभाल सकें.

भारत के बाहर भी हम इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल को आगामी बड़े टूर्नामेंट्स से पहले लॉजिस्टिक जरूरतों को पूरा करने में सहयोग देना जारी रखेंगे, जिसमें जून में होने वाला ICC महिला T20 वर्ल्ड कप भी शामिल है. इसमें ब्रॉडकास्ट उपकरणों की आवाजाही जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं का समर्थन भी शामिल होगा.

प्रश्न 6. IPL जैसे टूर्नामेंट्स में, जहां लगातार अलग-अलग शहरों में मैच होते हैं, आपकी कंपनी समय-संवेदनशील लॉजिस्टिक्स को कैसे मैनेज करती है और स्पीड व एफिशिएंसी बढ़ाने के लिए कौन सी टेक्नोलॉजी या रणनीतियां अपनाती है?

हेमंत कुमार रुइया: यह पूरी तरह योजना और समन्वय पर निर्भर करता है. लगातार दिनों में अलग-अलग शहरों में मैच होने के कारण हर चीज का बेहद करीबी तालमेल जरूरी होता है. हमारी भूमिका यह सुनिश्चित करना है कि टीम को जो भी जरूरत हो, वह सही समय और सही स्थान पर पहुंचे, ताकि वे अपने प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित कर सकें. इन समयसीमाओं को देखते हुए निरंतरता और भरोसेमंदता बेहद महत्वपूर्ण है.

प्रश्न 7. हाई-वैल्यू और संवेदनशील स्पोर्ट्स इक्विपमेंट, जैसे ब्रॉडकास्टिंग गियर, का ट्रांसपोर्ट एक बड़ी चुनौती है. आपकी कंपनी ने सुरक्षित और समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए कौन से इनोवेशन, सेफ्टी प्रोटोकॉल या हैंडलिंग प्रोसेस अपनाए हैं?

हेमंत कुमार रुइया: संवेदनशील उपकरणों को संभालने के लिए हर चरण में सावधानीपूर्वक योजना और नियंत्रित मूवमेंट जरूरी होता है. इसमें उचित पैकेजिंग, सुरक्षित परिवहन और निरंतर निगरानी शामिल है. हमारा फोकस यह सुनिश्चित करने पर होता है कि उपकरण सुरक्षित पहुंचे और बिना किसी बाधा के इवेंट के लिए उपयोग हेतु तैयार रहे.

प्रश्न 8. आप अंतरराष्ट्रीय टीमों को क्रॉस-बॉर्डर लॉजिस्टिक्स में कैसे सपोर्ट करते हैं?

हेमंत कुमार रुइया: हमारा फोकस पहले से मूवमेंट की योजना बनाने और सभी संबंधित स्टेकहोल्डर्स के साथ करीबी समन्वय पर होता है. समय प्रबंधन बेहद महत्वपूर्ण है, खासकर निश्चित शेड्यूल वाले टूर्नामेंट्स में. वैश्विक स्पोर्ट्स इवेंट्स को संभालने के हमारे अनुभव से यह सुनिश्चित होता है कि उपकरण सुचारु रूप से मूव हो और समय पर अपने गंतव्य तक पहुंच जाए.

 

प्रश्न 9. स्पोर्ट्स लॉजिस्टिक्स में अचानक शेड्यूल बदलाव और मौसम से जुड़ी बाधाएं आम हैं. ऐसे में आपकी कंपनी विश्वसनीयता और निरंतरता बनाए रखने के लिए किस तरह की बैकअप प्लानिंग और रिस्क मैनेजमेंट रणनीतियां अपनाती है?

हेमंत कुमार रुइया: स्पोर्ट्स लॉजिस्टिक्स में फ्लेक्सिबिलिटी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. हम आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए कंटिजेंसी प्लान तैयार रखते हैं और वैकल्पिक विकल्प भी उपलब्ध रखते हैं. साथ ही, मजबूत समन्वय और रियल-टाइम विजिबिलिटी हमें तेजी से प्रतिक्रिया देने में मदद करती है. हमारी प्राथमिकता हमेशा यह रहती है कि संचालन में निरंतरता बनी रहे और किसी भी प्रकार की बाधा से इवेंट प्रभावित न हो.

यह बातचीत स्पष्ट करती है कि स्पोर्ट्स लॉजिस्टिक्स अब केवल सपोर्ट सिस्टम नहीं, बल्कि वैश्विक खेल आयोजन का एक रणनीतिक और तकनीक-आधारित स्तंभ बन चुका है. भारत इस बदलाव के केंद्र में तेजी से अपनी भूमिका मजबूत कर रहा है.


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