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दिल्ली में एंट्री पर भारी पड़ेगा प्रदूषण चार्ज, कमर्शियल वाहनों पर ₹4000 तक का शुल्क

सरकार द्वारा यह कदम सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद उठाया गया है, जिसका उद्देश्य दिल्ली में प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की अनावश्यक आवाजाही को कम करना है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago

नई दिल्ली में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. अब राजधानी में प्रवेश करने वाले कमर्शियल वाहनों को पहले से ज्यादा पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क (ECC) देना होगा. नई दरों के तहत कुछ भारी वाहनों पर यह शुल्क ₹4000 तक पहुंच गया है. यह कदम सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद उठाया गया है, जिसका उद्देश्य दिल्ली में प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की अनावश्यक आवाजाही को कम करना है.

ECC शुल्क में बढ़ोतरी का नया ढांचा

सरकार द्वारा जारी नई अधिसूचना के अनुसार, विभिन्न कैटेगरी के कमर्शियल वाहनों पर शुल्क में ₹600 से ₹1400 तक की बढ़ोतरी की गई है. नई दरें इस प्रकार हैं:

1. कैटेगरी 2 (हल्की कमर्शियल गाड़ियां) और कैटेगरी 3 (2-एक्सल ट्रक):
  ₹1400 से बढ़ाकर ₹2000

2. कैटेगरी 4 (3-एक्सल ट्रक) और कैटेगरी 5 (4 या उससे अधिक एक्सल ट्रक):
  ₹2600 से बढ़ाकर ₹4000

इसके साथ ही अब हर साल ECC दरों में 5% की ऑटोमैटिक बढ़ोतरी भी लागू होगी.

सिर्फ राजस्व नहीं, प्रदूषण पर रोक

दिल्ली सरकार में पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा का कहना है कि यह फैसला केवल राजस्व बढ़ाने के लिए नहीं है, बल्कि एक सख्त पर्यावरणीय नियंत्रण उपाय है. उन्होंने कहा कि संशोधित ECC का उद्देश्य डीजल से चलने वाले प्रदूषणकारी वाहनों की अनावश्यक एंट्री को कम करना है और ट्रांसपोर्ट सिस्टम को अधिक पर्यावरण अनुकूल बनाना है.

सुप्रीम कोर्ट और CAQM की भूमिका

फरवरी में सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने सुझाव दिया था कि ECC लंबे समय से नहीं बढ़ाया गया है. इस वजह से कई कमर्शियल वाहन वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे की बजाय दिल्ली के रास्ते का इस्तेमाल कर रहे थे, जिससे प्रदूषण बढ़ रहा था.

क्यों लिया गया यह फैसला?

सरकार के अनुसार इस कदम के पीछे मुख्य कारण हैं:

1. 2015 में तय ECC अब प्रभावी नहीं रहा
2. डीजल वाहनों की अनियंत्रित एंट्री रोकना
3. ट्रांसपोर्ट कंपनियों को साफ ईंधन वाले विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित करना
4. दिल्ली में ट्रैफिक और प्रदूषण दोनों को कम करना

ट्रांसपोर्ट सेक्टर में असंतोष भी

ECC बढ़ोतरी के फैसले का ट्रांसपोर्ट सेक्टर ने विरोध किया है. ऑल इंडिया मोटर एंड गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन का कहना है कि बढ़े हुए शुल्क से लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ेगी, जिसका असर अंततः उपभोक्ताओं पर पड़ेगा.

दिल्ली की हवा सुधारने की कोशिश

सुप्रीम कोर्ट पहले भी कह चुका है कि जो भारी वाहन जरूरी नहीं हैं, उन्हें दिल्ली में प्रवेश करने के बजाय एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करना चाहिए. सरकरा को इस नई ECC व्यवस्था से उम्मीद है कि अनावश्यक ट्रैफिक कम होगा, प्रदूषण में कमी आएगी और राजधानी की वायु गुणवत्ता में सुधार होगा.

विशेषज्ञों का मानना है कि ECC बढ़ने का असर परिवहन लागत पर पड़ेगा. इससे माल ढुलाई महंगी हो सकती है, जिसका बोझ धीरे-धीरे उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों पर दिख सकता है. ECC में यह बढ़ोतरी दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में एक सख्त कदम है. हालांकि इससे ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर लागत का दबाव बढ़ेगा, लेकिन सरकार का दावा है कि यह कदम राजधानी की हवा को साफ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
 


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