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दुबई सरकार ने आसान किए प्रॉपर्टी वीजा नियम, रियल एस्टेट निवेश को मिलेगा बढ़ावा
दुबई का यह कदम रियल एस्टेट बाजार को अधिक समावेशी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इससे न केवल विदेशी निवेश बढ़ेगा, बल्कि छोटे निवेशकों के लिए भी अंतरराष्ट्रीय संपत्ति बाजार में प्रवेश आसान हो जाएगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
दुबई ने अपने रियल एस्टेट सेक्टर को नई रफ्तार देने के लिए वीजा नियमों में बड़ा बदलाव किया है. अब छोटे और मिड-इनकम निवेशक भी कम बजट में प्रॉपर्टी खरीदकर रेजिडेंसी वीजा हासिल कर सकेंगे. इस फैसले से विदेशी निवेशकों के लिए दुबई का बाजार पहले से अधिक आकर्षक बन गया है.
वीजा नियमों में बड़ा बदलाव
दुबई सरकार ने दो साल के प्रॉपर्टी-लिंक्ड रेजिडेंसी वीजा के लिए पहले लागू न्यूनतम संपत्ति मूल्य की शर्त को हटा दिया है. पहले निवेशकों को कम से कम AED 750,000 (करीब ₹1.9 करोड़) की संपत्ति खरीदनी जरूरी थी, लेकिन अब यह बाध्यता खत्म कर दी गई है.
संयुक्त निवेश के लिए नई सीमा तय
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नए नियमों के तहत संयुक्त रूप से खरीदी गई प्रॉपर्टी में भी बदलाव किया गया है. अब प्रत्येक निवेशक की न्यूनतम हिस्सेदारी AED 400,000 (करीब ₹1.03 करोड़) होनी जरूरी होगी, पहले यह सीमा AED 750,000 थी. इस बदलाव से छोटे निवेशकों के लिए रियल एस्टेट बाजार में प्रवेश आसान हो गया है.
छोटे निवेशकों के लिए खुला अवसर
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला खासकर मिड-सेगमेंट निवेशकों के लिए बड़ा अवसर लेकर आया है. इससे न केवल व्यक्तिगत खरीदारों की पहुंच बढ़ेगी, बल्कि उन प्रॉपर्टीज की बिक्री भी बढ़ने की उम्मीद है, जो पहले वीजा पात्रता के कारण सीमित दायरे में थीं.
बाजार की स्थिति और दबाव
यह कदम ऐसे समय में आया है जब क्षेत्रीय भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक अनिश्चितता के कारण दुबई के रियल एस्टेट बाजार में कुछ दबाव देखा जा रहा है. हाल के महीनों में बिक्री में गिरावट के चलते डेवलपर्स को डिस्काउंट और आकर्षक पेमेंट प्लान देने पड़े हैं.
मजबूत आंकड़े और निवेश का रुझान
2025 में दुबई में रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी की बिक्री रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची थी, जहां AED 547 अरब के सौदे दर्ज किए गए. इसमें भारत और ब्रिटेन के निवेशकों की बड़ी हिस्सेदारी रही. रियल एस्टेट विशेषज्ञों का कहना है कि नया नियम बाजार में संतुलन बनाए रखने में मदद करेगा. एक तरफ जहां छोटे निवेशकों को अवसर मिलेगा, वहीं दूसरी ओर संयुक्त निवेश में न्यूनतम हिस्सेदारी की शर्त वीजा के दुरुपयोग और “वीजा पूलिंग” जैसी प्रथाओं पर रोक लगाएगी.
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