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BW AUTO: तकनीक वो है जो फायदेमंद और सुरक्षित हो और जो काम को आसान बनाए

तकनीक के एक्‍सपर्ट कई जानकारों ने इस बात पर जोर दिया कि आ‍ज हर कोई नई तकनीक चाहता है. लेकिन जानकार ये भी मानते हैं कि उसका सुरक्षित होना भी बेहद अनिवार्य है. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

BW AUTO के दिल्‍ली में हो रहे इवेंट के दूसरे पैनल में इस सेक्‍टर के कई जानकारों ने भाग लिया. तकनीक की भूमिका पर अपनी बात कहते हुए जहां कुछ विशेषज्ञों ने बताया कि आज की जनरेशन जहां टेक सेवी है वहीं कई विशेषज्ञों ने तकनीक की सुरक्षा को लेकर भी अपनी बात कही. उन्‍होंने कहा कि जिस तरह से आज हर क्षेत्र में तकनीक आ रही है ऐसे में उसका सुरक्षित होना भी बेहद जरूरी है. 

आज की जनरेशन को तकनीक बहुत पसंद है
Mobec के फाउंडर और सीईओ Harry Bajaj ने कहा कि अगर मौजूदा जनरेशन की बात करें तो वो बहुत तकनीक पसंद जनरेशन है. अगर मैं अपनी बात कहूं तो हमने एक गेयर्ड कार से अपना सफर शुरू किया था लेकिन आज ऑटोमैटिक कार आ चुकी है. आज हम चीजों पर तकनीक के कारण बहुत भरोसा कर रहे हैं. जो भी आज उन कारों को या दूसरे वाहनों को बना रहे हैं वो इस तकनीक को मोनेटाइज कर रहे हैं. वो अपने प्रोडक्‍ट में तकनीक का भरपूर इसतेमाल कर रहे हैं. आज अगर दुनिया के दूसरे देशों के मुकाबले देखें तो भारत में सबसे ज्‍यादा यूथ हैं. हम वर्करों को इंपोर्ट नहीं करते हैं बल्कि हमारे पास पर्याप्‍त संख्‍या में हैं. आज हम उनका इस्‍तेमाल कर रहे हैं लेकिन यूएस और चाइना जैसे देशों के पास ज्‍यादा एक्‍सेसेबिलिटी है. ये दिन प्रतिदिन बढ़ रही है. मैं मानता हूं कि हमारे वहां भी बढ़ेगी लेकिन तकनीक का इंटीग्रेशन हर जगह तेजी से बढ़ रहा है. 

हम तकनीक का विकास सही समय पर कर रहे हैं
Pravaig के Founder & Chief Executive Officer, Siddhartha Bagri ने कहा कि , आज तकनीक का रोल और उसकी भूमिका बेहद अहम होती जा रही है. मैं मानता हूं कि भारत ग्‍लोबली तकनीक को शेप दे सकता है. आप ओएनडीसी मार्केट और यूपीआई को देख सकते हैं. आप जेनरिक मेडिसिन को ही देख लें या किसी भी दूसरे सेक्‍टर को देख लें, सभी जगह एआई तेजी से बढ़ रहा है. ये दुनिया के किसी एक हिस्‍से में नहीं बल्कि पूरी दुनिया में तेजी से ग्रो कर रहा है. ये हमारे ऊपर है कि हम यहां कैसे तकनीक का इस्‍तेमाल करते हैं. अब वो सेमीकंडक्‍टर हो या दूसरा कोई सेक्‍टर वहां बहुत ज्‍यादा स्‍कोप है, हम एक सही समय और एक सही जगह से इसकी शुरुआत कर रहे हैं. 

सप्‍लाई साइड में सामने आती है ज्‍यादा चुनौती 
FlixBus India के Senior Manager - Public Affairs, Jit Shankar Banerjee ने दूसरे सेशन में अपनी बात रखते हुए कहा कि 
सप्‍लाई साइड हो या डिमांड साइड हो सभी जगह टेक्‍नोलॉजी बड़ी भूमिका निभा रही है. बस ऑपरेटर के लिए सप्‍लाई साइड में तकनीक का इस्‍तेमाल करना उतना आसान नहीं होता है. तकनीक की उसी कमी ने इस बाजार को सीमित किया हुआ है. इसी के कारण हम अपने पार्टनरों को नेटवर्क पॉवर टेक्‍नोलॉजी के जरिए सशक्‍त बना रहे हैं. ताकि वो अपनी क्षमता में इजाफा कर सके.इसी तरह से डेटा साइंस के जरिए हम प्राइवेट सेक्‍टर के बस ऑपरेटर को मदद कर रहे हैं, जिससे वो लोड फैक्‍टर को मैनेज कर सकें. हम बस ऑपरेटरों को उनके काम को आसान बनाने के लिए तकनीक मुहैया करा रहे हैं, जिससे वो अपने डे टू डे ऑपरेशन को मैनेज कर सकें. ये वो कदम हैं जिन्‍हें हम सप्‍लाई साइड में अपने कस्‍टमर को प्रोवाइड कर रहे हैं. जबकि सप्‍लाई साइड में किस तरह की तकनीक मौजूद है इसकी जानकारी तो हम लोग जानते ही हैं 

तकनीक के क्‍या हैं असली मायने? 
AMO Electric Bikes, Founder & Managing Director, Sushant Kumar ने कहा कि टेक्‍नोलॉजी इवोल्‍यूशन का एक बड़ा हिस्‍सा है. जो कोई भी चीज नई हो लेकिन उसका मतलब हो तो हम उसे तकनीक कहते हैं, जिससे कोई भी कम्‍यूनिटी और आदमी फायदा ले सकता है. लेकिन जब हम तकनीक की बात करते हैं तो हमें उसके रिसर्च और डेवलपमेंट वाले पार्ट को जरूर देखना चाहिए. मेरा मानना है कि ऐसे में इंडस्‍ट्री को इस पर ज्‍यादा निवेश करना चाहिए जिससे टेक्‍नोलॉजी को सामने लाया जा सके. उन्‍होंने कहा कि मेरा ये भी मानना है कि तकनीक को कस्‍टमाइज और सिक्‍योर होना भी बेहद जरूरी है. अंत में मैं यही कहना चाहूंगा कि तकनीक कुछ भी हो उसको यूजफुल होना चाहिए और सभी के काम आना चाहिए. 

ये भी पढ़ें: आज ऑटो सेक्‍टर की सभी कंपनियों का मार्केट कैप तेजी से बढ़ रहा है: डॉ. अनुराग बत्रा


 


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