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जानिए कब तक मिलेगी आपको सस्ती ईएमआई की सौगात, क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट्स?

शुक्रवार को आरबीआई ने वित्त वर्ष 2024-25 की बैठक में रेपो रेट में कोई भई बदलाव न करने का फैसला लिया गया, ऐसे में अब ईएमआई की दरें भी स्थिर रहेंगी.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

शुक्रवार को आरबीआई (RBI) ने वित्त वर्ष (Financial Year) 2024-2025 की पहली बैठक की. ऐसे में हर कोई ये जानना चाहता है ईएमआई सस्ती होगी या उन पर महंगाई का बोझ बढ़ेगा? तो चलिए आपको बताते हैं एक्सपर्ट्स की इसमें क्या राय है.

ईएमआई कम होने का करना पड़ेगा इंतजार

आरबीआई ने एक बार फिर से रेपो रेट को स्थिर रखने का फैसला किया है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि अभी लोगों की होम लोन की ईएमआई कम नहीं होगी. लोगों को सस्ते लोन के लिए इंतजार करना पड़ेगा. मौद्रिक नीति समिति ने रेपो रेट को 6.50 फीसदी पर स्थिर रखने का फैसला लिया है. पहले से ही उम्मीद जताई जा रही थी, कि पैनल इस बार भी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करेगा. इससे पहले वित्त वर्ष 24 की अंतिम बैठक में एमपीसी ने रेपो रेट में लगातार छठी बार कोई बदलाव नहीं किया था. इसे 6.50 फीसदी पर स्थिर रखने का फैसला किया था. 

एक साल से स्थिर हैं दरें
एक्सरपर्ट्स ने कहा है कि आरबीआई करीब एक साल से रेपो रेट 6.50 फीसदी पर स्थिर रखा हुआ है. आरबीआई ने रेपो रेट आखिरी बार पिछले साल फरवरी 2023 में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी कर 6.25 फीसदी से 6.50 फीसदी कर दिया था. वहीं, दिसंबर, 2023 में रीटेल महंगाई दर 5.69 फीसदी के स्तर पर थी. ऐसे में इस बार भी रेपो रेट में बदलाव की संभावना कम थी. रियल एस्टेट के दिग्गजों ने भी यह उम्मीद जताई थी कि डेवलपर्स और होम बॉयर्स को ध्यान में रखते हुए आरबीआई रेपो रेट को स्थिर रखेगा. 

इस स्थिति में कम हो सकती है ईएमआई
एक्सपर्ट्स के अनुसार वित्त वर्ष 2025 में जमा राशि और क्रेडिट क्रमशः 14.5-15 प्रतिशत और 16.0-16.5 प्रतिशत तक बढ़ सकते हैं. आरबीआई ब्याज रों में कटौती केवल वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में ही कर सकता है. एक्सपर्ट्स ने कहा कि आरबीआई महंगाई के आंकड़ों पर सख्ती से अमल करेगा. आरबीआई ने अनुमान लगाया है कि महंगाई केवल दूसरी तिमाही में 5 फीसदी से कम होगी. ऐसे में कोई भी ब्याज दरों के कम होने की उम्मीद कर सकती है, बशर्ते कि मानसून की स्थिति ठीक हो. उन्होंने कहा कि महंगाई मानसून के झटकों और ऊंची खाद्य कीमतों से अधिक निर्देशित होगी.


 


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