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Mahadev Betting App: दुबई में दबोच तो लिया, लेकिन भारत कब आएगा Ravi Uppal?

महादेव बेटिंग ऐप मामले में प्रवर्तन निदेशालय को बड़ी कामयाबी मिली है. रवि उप्पल को दुबई में गिरफ्तार किया गया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

छत्तीसगढ़ की राजनीति में भूचाल लाने वाले महादेव बेटिंग ऐप मामले (Mahadev Betting App Case) में एक बड़ी खबर सामने आई है. रवि उप्‍पल को दुबई में गिरफ्तार कर लिया गया है. ये गिरफ्तारी प्रवर्तन निदेशालय (ED) की तरफ से जारी रेड कॉर्नर नोटिस के चलते हुई है. रवि 6000 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग केस के मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकार (Saurabh Chandrakar) का राइट हैंड है. इस मामले में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का नाम भी सामने आया है.  

प्रत्यर्पण की तैयारी
रवि उप्‍पल की गिरफ्तारी के बाद अब उसे भारत लाने की तैयारी चल रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दुबई प्रशासन जल्द ही जल्द रवि को भारत को सौंप देगा. महादेव ऐप का दूसरा प्रमोटर सौरभ चंद्राकर भी UAE में है. रवि की गिरफ्तारी के बाद अब उसके पकड़े जाने की संभावना भी बढ़ गई है. दोनों आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए दुबई से बाहर नहीं निकल रहे थे, लेकिन दुबई पुलिस ने ही रवि को गिरफ्तार कर लिया. गौरतलब है कि ED ने रायपुर की स्‍पेशल कोर्ट से इन दोनों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट हासिल किया था. इसके बाद, अक्‍टूबर में इन दोनों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी हुआ था.

भारत में बैन है ऐप
सौरभ चंद्राकार और रवि उप्पल ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर महादेव बेटिंग ऐप तैयार किया है. यह सट्टेबाजी के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराता है. इसे भारत में बैन कर दिया गया है, लेकिन अन्य देशों में यह चल रहा है. महादेव बेटिंग ऐप पर यूजर्स कार्ड, पोकर आदि गेम खेलते थे. आरोप है कि इसकी मदद से लोग क्रिकेट, बैडमिंटन, फुटबॉल जैसे खेलों के अलावा चुनाव पर भी सट्टेबाजी करते हैं. ED यानी प्रवर्तन निदेशालय ने अपनी जांच में पाया है कि ऐप से जुड़े सबसे ज्यादा खाते छत्तीसगढ़ में खुले हैं. इसके बाद से BJP लगातार भूपेश बघेल को निशाना बना रही थी और संभवतः इसी के चलते उन्हें सत्ता से जाना पड़ा. बताया जाता है कि मूलरूप से छत्तीसगढ़ का रखने वाला चंद्राकर पहले रायपुर में एक जूस सेंटर चलाता था. 

शादी से मिली थीं सुर्खियां
सौरभ चंद्राकार फिलहाल दुबई को ठिकाना बनाए हुए है और वहीं से सट्टेबाजी संचालित कर रहा है. कुछ वक्त पहले सौरभ चंद्राकार का नाम एकदम से सुर्खियों में आ गया था, वजह Mahadev App नहीं बल्कि उसकी शाही शादी थी. शाही इसलिए क्योंकि इस शादी में पानी की तरह पैसा बहाया गया था. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सौरभ चंद्राकार ने अपनी शादी पर 200 करोड़ रुपए खर्च किए थे और वो भी कैश में. जबकि स्टील किंग लक्ष्मी मित्तल (Lakshmi Mittal) ने अपनी बेटी की 240 करोड़ रुपए खर्च किए थे, यानी सौरभ ने खर्चे के मामले में स्टील किंग की बराबरी कर डाली थी.

प्राइवेट जेट का हुआ था इस्तेमाल
ED की जांच में यह सामने आया है कि महादेव बेटिंग ऐप ने प्रमोटर सौरभ चंद्राकार ने दुबई में धूमधाम से शादी रचाई थी. इस शादी पर उसने करीब 200 करोड़ रुपए खर्च किए थे. नागपुर से अपने रिश्तेदारों और सिलेब्रिटीज दुबई लाने के लिए उसने प्राइवेट जेट का इंतजाम किया था. सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात ये है कि शादी का अधिकांश खर्चा उसने कैश में किया. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि सौरभ के पास कितनी दौलत होगी.  
उसने सट्टेबाजी से हुई कमाई का एक बड़ा हिस्सा भारतीय शेयर बाजार में निवेश कर रखा है.  .

हवाला के जरिए कैश में पेमेंट
सौरभ चंद्राकर की शादी इसी साल UAE के छठे सबसे बड़े शहर आरएके में हुई थी. उसने अपनी शादी के लिए वेडिंग प्लानर को 120 करोड़ रुपए का भुगतान किया था. सौरभ ने नागपुर से अपने रिश्तेदारों दुबई लाने के लिए प्राइवेट जेट भेजे थे. बताया तो यह भी जा रहा है कि शादी में परफॉर्म करने के लिए बॉलीवुड की सिलेब्रिटीज को भी बुलाया गया था और इसके लिए सारा भुगतान हवाला के जरिए कैश में किया गया. ED के मुताबिक, डिजिटल सबूतों से पता चला है कि हवाला के जरिए 112 करोड़ रुपए योगेश बापट की इवेंट मैनेजमेंट कंपनी आर-1 इवेंट्स प्राइवेट लिमिटेड को दिए गए. इसी तरह होटल बुकिंग के लिए 42 करोड़ रुपए का पेमेंट यूएई की करेंसी में किया गया था.
 


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