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Tesla के मिशन इंडिया पर Musk की खामोशी की वजह कहीं लोकसभा चुनाव तो नहीं?
एलन मस्क पिछले महीने दो दिनों की भारत यात्रा पर आने वाले थे, लेकिन आखिरी वक्त पर उन्होंने अपनी यात्रा टाल दी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारत में एंट्री को लेकर उत्साहित नजर आने वाले टेस्ला के मालिक एलन मस्क (Tesla Chief Elon Musk) फिलहाल खामोश हैं. भारत यात्रा टालने के बाद से उन्होंने इस मुद्दे पर पूरी तरह से चुप्पी साध ली है. टेस्ला जैसी विदेशी इलेक्ट्रिक कार निर्माता कंपनियों को आकर्षित करने के लिए मोदी सरकार ने कुछ वक्त पहले नई EV नीति फाइनल की थी. इसके बाद यह लगभग तय हो गया था कि मस्क की Tesla जल्द ही भारत की सड़कों पर दौड़ती नजर आएगी. लेकिन एक ही झटके में पूरी तस्वीर बदल गई.
टेस्ला ने नहीं दी कोई जानकारी
एक रिपोर्ट के अनुसार, टेस्ला ने अब तक अपनी भारत की योजनाओं के बारे में सरकार को नहीं बताया है. एक अधिकारी ने कहा कि वाणिज्यिक फैसलों की घोषणा कंपनियां करती हैं, लेकिन टेस्ला इस मामले में अभी तक खामोश है. उसकी तरफ से सरकार को EV पॉलिसी के तहत अपनी भारत योजना के बारे में कुछ नहीं बताया गया है. बता दें कि एलन मस्क 21-22 अप्रैल को भारत यात्रा पर आने वाले थे. इस दौरान, उनके टेस्ला के प्लान संबंधी घोषणा करने की भी संभावना भी. हालांकि, उन्होंने टेस्ला के दायित्वों का हवाला देकर आखिरी समय में अपनी यात्रा स्थगित कर दी.
चीन ने जाहिर की थी नाराजगी
एलन मस्क की खामोशी कई सवाल खड़े कर रही है. सबसे पहला तो यही कि क्या उन्होंने टेस्ला को भारत लाने की योजना को टाल दिया है? दरअसल, चीन ने टेस्ला के मिशन इंडिया पर कई सवाल खड़े किए थे. एक तरह से उसने टेस्ला के भारत जाने पर नाराजगी भी जाहिर की थी. इस संबंध में ग्लोबल टाइम्स (Global Times) में एक आर्टिकल प्रकाशित हुआ था और इसी के बाद एलन मस्क ने अपना भारत दौरा टाल दिया था. ग्लोबल टाइम्स ने कहा गया था कि टेस्ला के भारत में EV प्लांट लगाने से भारत को जरूर फायदा होगा, लेकिन यह टेस्ला के लिए फायदे का सौदा नहीं रहने वाला. तमाम चुनौतियों के बीच, टेस्ला के लिए भारत के अपरिपक्व बाजार में मुनाफा कमाना कठिन होगा.
इस वजह से तो नहीं किया होल्ड
अमेरिका के बाद चीन टेस्ला का दूसरा सबसे बड़ा बाजार है. ऐसे में कंपनी का चीन के बजाए भारत पर फोकस करना बीजिंग को बिल्कुल भी रास नहीं आएगा. मस्क पहले चाहते थे कि वह चीन में निर्मित अपनी कारों को भारतीय बाजार में उतारें और संभावनाओं का पता लगाने के बाद यहां प्लांट लगाने का फैसला लें. लेकिन भारत सरकार के इंकार के बाद उनके लिए प्लांट लगाने के अलावा कोई चारा नहीं बचा. चीनी सरकार को मस्क की पहली वाली चाहत से कोई परेशानी नहीं थी, क्योंकि उसके चीन में टेस्ला के उत्पादन में ही इजाफा होता. मगर प्लांट लगाने से तस्वीर पूरी तरह पलट सकती है.
संभव है मस्क चीन को नाराज नहीं करना चाहते और इसलिए उन्होंने मिशन इंडिया को होल्ड पर रख दिया है.
वेट एंड वॉच स्थिति में मस्क
चर्चा यह भी है कि एलन मस्क भारत में लोकसभा चुनाव के बाद नई सरकार के बनने तक इंतजार करना चाहते हैं. इसलिए उन्होंने टेस्ला की भारत योजना को लेकर सरकार से कोई बातचीत नहीं की है. वैसे तो चुनाव परिणाम लगभग तय माने जा रहे हैं, लेकिन आखिरी वक्त पर क्या हो जाए नहीं कहा जा सकता. यदि सत्ता परिवर्तन होता है, तो नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति में बदलाव भी संभव है. लिहाजा, मस्क जल्दबाजी के बजाए पूरी तस्वीर साफ होने की प्रतीक्षा में हैं. मस्क नहीं चाहते कि वह जल्दबाजी में कोई करार कर लें, जिसके चलते बाद में उन्हें नुकसान उठाना पड़े. संभव है कि इसी वजह से वह वेट एंड वॉच स्थिति में हैं.
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