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चीनी की कीमतों में 40% उछाल, अब D-Mart से Blinkit तक खरीद पर लगी लिमिट
त्योहारी सीजन से पहले सप्लाई संकट का असर, कई रिटेलर्स और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर ग्राहकों के लिए 3 से 5 किलो तक की सीमा
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 hours ago
देश में चीनी की बढ़ती कीमतों और सप्लाई में कमी का असर अब रिटेल बाजार पर भी दिखाई देने लगा है. त्योहारी सीजन से पहले मांग बढ़ने की आशंका के बीच D-Mart, BigBasket, Blinkit और Swiggy Instamart जैसे रिटेलर्स और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ने ग्राहकों के लिए चीनी की खरीद की मात्रा सीमित कर दी है. कुछ प्लेटफॉर्म पर प्रति ग्राहक 3 किलो, जबकि कुछ जगहों पर 5 किलो तक चीनी खरीदने की सीमा तय की गई है.
पिछले दो महीनों में चीनी की खुदरा कीमतों में करीब 40 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. देश के कई हिस्सों में इसके दाम 70 रुपये प्रति किलो से भी ऊपर पहुंच गए हैं. सप्लाई की कमी और बढ़ती कीमतों के बीच रिटेलर्स ने राशनिंग का सहारा लिया है, ताकि सीमित स्टॉक को अधिक से अधिक ग्राहकों तक पहुंचाया जा सके.
क्यों बढ़े चीनी के दाम?
चीनी की कीमतों में तेजी के पीछे शुरुआती अनुमानों से कम उत्पादन, 8 लाख टन चीनी का निर्यात और कुछ बिचौलियों द्वारा कथित जमाखोरी को प्रमुख वजह माना जा रहा है. इसके अलावा, इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) सहित विभिन्न उद्योग संगठनों के उत्पादन अनुमानों में अंतर ने भी स्थिति को प्रभावित किया है.
कीमतों में तेजी का असर पैकेज्ड फूड कंपनियों पर भी पड़ रहा है. चीनी के साथ-साथ खाद्य तेल की लागत बढ़ने से कंपनियों के मुनाफे पर दबाव बढ़ रहा है. ऐसे में कई निर्माता अपने उत्पादों की कीमतों में 5-6 फीसदी तक बढ़ोतरी की तैयारी कर रहे हैं. एक प्रमुख स्नैक फूड कंपनी के प्रमुख ने कहा कि कीमतों में करीब 5 फीसदी बढ़ोतरी करने के अलावा उनके पास कोई विकल्प नहीं है.
D-Mart, Blinkit और BigBasket पर कितनी खरीद की सीमा?
सप्लाई को देखते हुए कई रिटेल और ई-कॉमर्स कंपनियों ने चीनी की खरीद को सीमित करना शुरू कर दिया है. कुछ कंपनियां ग्राहकों को 1-1 किलो के दो या तीन पैक, जबकि कुछ 5 किलो का एक पैक खरीदने की अनुमति दे रही हैं. AWL एग्रीबिजनेस के एग्जीक्यूटिव डिप्टी चेयरमैन अंगशु मल्लिक के मुताबिक, कई रिटेल चेन ने प्रति ग्राहक चीनी के पाउच की संख्या पर सीमा तय की है, ताकि ज्यादा से ज्यादा ग्राहक उनकी दुकानों से चीनी खरीद सकें.
दिल्ली-एनसीआर में Blinkit ने मावाना प्रीमियम क्रिस्टल शुगर और धामपुर क्रिस्टल व्हाइट शुगर जैसे ब्रांडों के लिए प्रति ट्रांजैक्शन 5 किलो के एक पैक तक खरीद सीमित कर दी है. प्लेटफॉर्म पर ग्राहकों को यह भी बताया जा रहा है कि इस उत्पाद की मात्रा सीमित है. पुणे में Blinkit ग्राहकों को शॉपिंग कार्ट में 1-1 किलो के अधिकतम तीन पैक जोड़ने की अनुमति दे रहा है. वहीं, BigBasket ने कुछ खास ब्रांडों के लिए 1-1 किलो के पांच पैक तक खरीदने की सीमा तय की है.
दिल्ली-एनसीआर में Swiggy Instamart पर Supreme Harvest Crystal Sugar और Madhur Sugar के लिए 1-1 किलो के दो-दो पैक की सीमा तय की गई थी. वहीं, पुणे स्थित D-Mart के एक स्टोर में लगाए गए बोर्ड पर ग्राहकों को बताया गया कि वे एक बिल पर अधिकतम 5 किलो चीनी खरीद सकते हैं.
सरकार ने 10 लाख टन चीनी आयात को दी मंजूरी
घरेलू बाजार में कीमतों को नियंत्रित करने और सप्लाई बढ़ाने के लिए सरकार ने पिछले सप्ताह 10 लाख टन चीनी के आयात को मंजूरी दी थी. इसका उद्देश्य घरेलू बाजार में उपलब्धता बढ़ाना और कीमतों पर दबाव कम करना है.
पहले 20 लाख टन निर्यात की थी अनुमति
भारत ने घरेलू बाजार में पर्याप्त स्टॉक रहने की उम्मीद में कुल 20 लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति दी थी. इसमें नवंबर में 15 लाख टन और फरवरी में 5 लाख टन चीनी का निर्यात किया जाना था. हालांकि, घरेलू बाजार में कीमतों में तेजी आने के बाद सरकार ने मई में चीनी के निर्यात पर रोक लगा दी. मिल स्तर पर चीनी की कीमत जून के पहले सप्ताह में 41 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थी. सरकारी कदमों के बाद इस सप्ताह कीमत घटकर करीब 58 रुपये प्रति किलो रह गई.
अब रक्षाबंधन जैसे प्रमुख त्योहारों से पहले मांग बढ़ने की संभावना के बीच पैकेज्ड फूड कंपनियों पर लागत का दबाव और बढ़ गया है. ऐसे में कंपनियां बढ़ी हुई चीनी की लागत का कुछ हिस्सा उत्पादों की कीमत बढ़ाकर ग्राहकों पर डालने की तैयारी में हैं.
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