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भारत-कनाडा संबंधों को मिलेगी नई आर्थिक धार, वित्त मंत्री ने गिनाए निवेश के बड़े मौके
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा- भारत की तेज आर्थिक वृद्धि और कनाडा की लंबी अवधि की पूंजी व विशेषज्ञता मिलकर दोनों देशों के वित्तीय संबंधों को नई दिशा दे सकती है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
भारत और कनाडा के बीच आर्थिक और वित्तीय संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में नई संभावनाएं उभर रही हैं. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को टोरंटो में भारतीय समुदाय और कारोबारी जगत को संबोधित करते हुए कहा कि दोनों देशों के पास एक मजबूत और व्यापक वित्तीय साझेदारी विकसित करने का बड़ा अवसर है. उन्होंने भारत की तेज आर्थिक वृद्धि, बड़े बाजार और निवेश के अवसरों को कनाडा की दीर्घकालिक पूंजी, संस्थागत विशेषज्ञता और मजबूत नियामकीय अनुभव से जोड़ने पर जोर दिया.
सीतारमण ने कहा कि भारत-कनाडा सहयोग को केवल व्यापार और निवेश तक सीमित रखने के बजाय इंफ्रास्ट्रक्चर, वित्तीय सेवाओं, फिनटेक, स्वच्छ ऊर्जा, इनोवेशन और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों तक विस्तार दिया जा सकता है.
भारत में कनाडाई निवेशकों की मजबूत मौजूदगी
वित्त मंत्री ने भारत में कनाडाई पेंशन फंडों की लंबे समय से मौजूदगी का उल्लेख किया. ये फंड इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स, रिन्यूएबल एनर्जी और वित्तीय सेवाओं जैसे क्षेत्रों में निवेश कर रहे हैं. इसके अलावा कनाडा की वित्तीय संस्थाएं भी भारत में अपनी गतिविधियों का विस्तार कर रही हैं, खासकर कॉरपोरेट और कमर्शियल बैंकिंग के क्षेत्र में. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध अब केवल पूंजी के आवागमन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि संस्थागत स्तर पर भी सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है.
UPI से डिजिटल फाइनेंस तक सहयोग की संभावना
सीतारमण ने भारत के डिजिटल वित्तीय ढांचे और खासतौर पर यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी UPI की क्षमता का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि कनाडा के बैंक, फिनटेक कंपनियां और नियामक भारत के साथ मिलकर डिजिटल वित्तीय व्यवस्था की अगली पीढ़ी तैयार करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग को डिजिटल भुगतान से आगे बढ़ाकर भविष्य की डिजिटल वित्तीय सेवाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास तक ले जाया जा सकता है.
GIFT City बनेगा विदेशी पूंजी का गेटवे
वित्त मंत्री ने गुजरात स्थित GIFT City को अंतरराष्ट्रीय पूंजी के लिए महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म बताया. उन्होंने कहा कि भारत का इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों के लिए एक नए गेटवे के रूप में उभर रहा है.
GIFT City में सीमा-पार वित्तीय गतिविधियों के लिए विशेष नियामकीय और कर व्यवस्था उपलब्ध है. इससे विदेशी संस्थागत निवेशकों को भारत में निवेश के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक वित्तीय गतिविधियों के लिए भी अवसर मिलते हैं.
बीमा, पेंशन और एसेट मैनेजमेंट में भी अवसर
सीतारमण ने कहा कि भारत ने बीमा, एसेट मैनेजमेंट और पेंशन जैसे क्षेत्रों में विदेशी भागीदारी के लिए लगातार रास्ते खोले हैं. इसके साथ भारतीय पूंजी बाजार भी पहले की तुलना में अधिक गहरे और विकसित हुए हैं. उन्होंने कहा कि भारत की तेज आर्थिक वृद्धि, बड़ी युवा आबादी, बढ़ती खपत और मजबूत होते पूंजी बाजार कनाडा के दीर्घकालिक संस्थागत निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर पेश करते हैं.
भारतीय प्रवासी समुदाय को बताया अहम कड़ी
वित्त मंत्री ने कनाडा में रह रहे भारतीय मूल के लोगों को दोनों देशों के आर्थिक संबंधों की महत्वपूर्ण ताकत बताया. उन्होंने कहा कि भारतीय समुदाय केवल दोनों देशों के बीच संपर्क का माध्यम नहीं है, बल्कि आर्थिक साझेदारी की मजबूत नींव भी है.
सीतारमण ने कनाडा के वित्तीय क्षेत्र में भारतीय मूल के पोर्टफोलियो मैनेजर, उद्यमी, बैंकर, जोखिम विशेषज्ञ और अन्य पेशेवरों की मौजूदगी का उल्लेख करते हुए कहा कि यह मानव संसाधन दोनों देशों के लिए रणनीतिक लाभ है.
द्विपक्षीय रिश्तों को नई दिशा देने पर जोर
सीतारमण ने कहा कि हाल के समय में भारत और कनाडा के द्विपक्षीय संबंधों में महत्वपूर्ण बदलाव आया है. उन्होंने जून 2025 में G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की मुलाकात का उल्लेख किया. दोनों नेताओं ने संबंधों को नए सिरे से आगे बढ़ाने और भविष्य पर केंद्रित रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर सहमति जताई थी.
उन्होंने कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की इस साल भारत यात्रा का भी जिक्र किया. इस दौरान व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते यानी CEPA पर बातचीत औपचारिक रूप से शुरू हुई. इसके अलावा Cameco के साथ 2.6 अरब कनाडाई डॉलर के यूरेनियम समझौते और 2030 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को 70 अरब कनाडाई डॉलर से अधिक करने के लक्ष्य का भी उल्लेख किया गया.
साझा मूल्यों को बताया रिश्तों की मजबूत नींव
वित्त मंत्री ने भारत और कनाडा को स्वाभाविक साझेदार बताते हुए दोनों देशों के लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय परंपराओं, संयुक्त राष्ट्र आधारित बहुपक्षीय व्यवस्था और विविधता के प्रति सम्मान को रिश्तों की मजबूत नींव बताया. उन्होंने कहा कि दोनों देश बहुसांस्कृतिक समाज हैं और विविधता को महत्व देते हैं. यह समानता व्यापार समझौतों से आगे जाकर दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत आधार देती है.
7.6% GDP ग्रोथ का किया उल्लेख
सीतारमण ने वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की वास्तविक GDP वृद्धि दर 7.6 प्रतिशत रहने का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि भारत का बड़ा बाजार, युवा आबादी, बढ़ती खपत और विकसित होते पूंजी बाजार लंबी अवधि के निवेशकों के लिए बड़े अवसर पैदा कर रहे हैं.
वित्त मंत्री ने कहा कि टोरंटो की उनकी यात्रा अभी शुरुआत है और आने वाले समय में दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं तथा संस्थानों के बीच समझ को और मजबूत करने के लिए बातचीत जारी रहेगी. उन्होंने भरोसा जताया कि भारत और कनाडा मिलकर अपने संबंधों को पहले से अधिक गहरा, व्यापक और महत्वाकांक्षी बना सकते हैं.
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