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₹30,000 करोड़ के 6 बड़े प्रोजेक्ट्स की PM मोदी ने की समीक्षा, बोले- रफ्तार के साथ क्वालिटी भी जरूरी
PRAGATI बैठक में प्रधानमंत्री का सख्त निर्देश, 9 राज्यों में चल रही इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल पर दिया जोर
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 hours ago
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को 30,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली छह बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की समीक्षा की. उन्होंने परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के साथ-साथ निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं करने पर जोर दिया. 53वीं PRAGATI बैठक में रेलवे, सड़क और बिजली क्षेत्र से जुड़ी इन परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री ने मंत्रालयों, राज्य सरकारों और कार्यान्वयन एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल के निर्देश दिए.
9 राज्यों में फैली परियोजनाओं की समीक्षा
सेवा तीर्थ में हुई बैठक में 9 राज्यों में चल रही छह परियोजनाओं की समीक्षा की गई. इस दौरान परियोजनाओं की समय-सीमा, अलग-अलग एजेंसियों के बीच तालमेल और लंबित मुद्दों के समाधान पर चर्चा हुई. प्रधानमंत्री ने परियोजनाओं के हर चरण में गुणवत्ता जांच और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने को कहा.
देरी से बढ़ती है लागत, टलते हैं आर्थिक फायदे
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में देरी का असर सिर्फ लागत बढ़ने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे नागरिकों, कारोबार और पूरी अर्थव्यवस्था को मिलने वाले लाभ भी टल जाते हैं. उन्होंने केंद्र और राज्य स्तर पर प्रो-एक्टिव तरीके से काम करने और हर स्तर पर अधिक जिम्मेदारी तय करने की जरूरत बताई.
उन्होंने कहा कि किसी बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को अलग-अलग हिस्सों या पैकेज के तौर पर नहीं, बल्कि एक एकीकृत परियोजना के रूप में देखा जाना चाहिए. अलग-अलग हिस्सों में हुई प्रगति का अंतिम लक्ष्य पूरी परियोजना को समय पर पूरा कर उसे परिचालन में लाना होना चाहिए.
बड़े प्रोजेक्ट्स में कॉमन यूटिलिटी कॉरिडोर पर जोर
प्रधानमंत्री ने बड़े परिवहन प्रोजेक्ट्स की योजना बनाते समय तकनीकी और आर्थिक रूप से संभव होने पर कॉमन यूटिलिटी कॉरिडोर की संभावनाओं का आकलन करने को भी कहा. इससे अलग-अलग इंफ्रास्ट्रक्चर सेवाओं के लिए बेहतर समन्वित व्यवस्था विकसित करने में मदद मिल सकती है.
एग्रीस्टैक में AI के इस्तेमाल पर जोर
बैठक में एग्रीस्टैक की भी समीक्षा की गई. प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र में डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अधिक प्रभावी इस्तेमाल पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि इनपुट की योजना बनाने से लेकर कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग तक पूरी वैल्यू चेन में डेटा इकोसिस्टम का बेहतर इस्तेमाल होना चाहिए. इससे किसानों और अन्य हितधारकों तक सही लाभ पहुंचाने और डेटा आधारित फैसले लेने में मदद मिलेगी.
साइबर फ्रॉड के खिलाफ जागरूकता अभियान बढ़ाने के निर्देश
प्रधानमंत्री ने साइबर फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट जैसी घटनाओं की भी समीक्षा की. उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की रोकथाम के लिए जागरूकता, शिक्षा और प्रशिक्षण पर लगातार काम करने की जरूरत है. खासतौर पर बुजुर्गों, युवाओं और अन्य संवेदनशील वर्गों के लिए लक्षित जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया गया. उन्होंने साइबर अपराध से निपटने वाले कर्मचारियों की नियमित ट्रेनिंग की जरूरत भी बताई, ताकि वे फ्रॉड के बदलते तरीकों की पहचान कर सकें और मामलों पर तेजी से कार्रवाई कर सकें.
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