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अमेजन, स्विगी-इंस्टामार्ट और बिगबास्केट पर सख्ती, धतूरे की बिक्री के चलते फूड लाइसेंस सस्पेंड

कर्नाटक FDA का बड़ा एक्शन, प्लेटफॉर्म्स पर धतूरे के फल और बीज खाद्य उत्पाद के तौर पर लिस्ट मिलने के बाद उठाया कदम

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago

ऑनलाइन ग्रॉसरी और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खाद्य उत्पादों की लिस्टिंग को लेकर कर्नाटक खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने बड़ी कार्रवाई की है. विभाग ने अमेजन (Amazon), स्विगी-इंस्टामार्ट (Swiggy Instamart) और बिगबास्केटस (BigBasket) के फूड लाइसेंस अगले आदेश तक सस्पेंड कर दिए हैं. यह कार्रवाई इन प्लेटफॉर्म्स पर धतूरे (Datura/Thorn Apple) के फल और बीजों को खाद्य उत्पाद के तौर पर लिस्ट किए जाने और उनकी बिक्री से जुड़ी शिकायतों के बाद की गई है. विभाग ने तीनों प्लेटफॉर्म्स को धतूरे से संबंधित सभी लिस्टिंग और विज्ञापन तत्काल हटाने तथा इसकी खाद्य उत्पाद के तौर पर बिक्री और वितरण रोकने का निर्देश दिया है.

धतूरे की लिस्टिंग पर सरकार सख्त

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कर्नाटक FDA ने तीनों कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनके फूड लाइसेंस सस्पेंड किए हैं. विभाग ने प्लेटफॉर्म्स को ऐसी सभी लिस्टिंग और विज्ञापन हटाने को कहा है, जिनमें धतूरे के फल या बीजों को इंसानों के खाने के लिए उपलब्ध कराया गया था. FDA के निर्देश के अनुसार, अगले आदेश तक इन प्लेटफॉर्म्स पर धतूरे को खाद्य उत्पाद के रूप में बेचने या वितरित करने की अनुमति नहीं होगी. विभाग ने कंपनियों को यह सुनिश्चित करने के लिए भी कहा है कि ऐसी प्रतिबंधित लिस्टिंग दोबारा प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध न हों.

खाने के लिए प्रतिबंधित है धतूरा

धतूरे को अंग्रेजी में ‘Thorn Apple’ कहा जाता है. यह एक जहरीला पौधा है, जिसके फल और बीजों का सेवन स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है. अधिकारियों के मुताबिक, इसका सेवन विषाक्तता का कारण बन सकता है और गंभीर मामलों में व्यक्ति कोमा में जा सकता है या उसकी मौत भी हो सकती है. कर्नाटक FDA के अनुसार, धतूरे के फल और बीजों को इंसानों के खाने के लिए खाद्य पदार्थ के तौर पर रखना, बेचना या वितरित करना प्रतिबंधित है. इसी वजह से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर इसकी खाद्य उत्पाद के रूप में लिस्टिंग को गंभीर खाद्य सुरक्षा उल्लंघन माना गया है.

ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी पर उठे सवाल

इस कार्रवाई के बाद ऑनलाइन ग्रॉसरी और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध उत्पादों की निगरानी और उनकी लिस्टिंग की जिम्मेदारी को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं. बड़ी संख्या में उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री के बीच खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत प्रतिबंधित या खतरनाक वस्तुओं की पहचान और उन्हें प्लेटफॉर्म से हटाना कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण चुनौती बन गया है. कर्नाटक FDA की कार्रवाई इसी निगरानी व्यवस्था को लेकर सख्ती का संकेत मानी जा रही है.
 


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