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कैंसर की 543 दवाएं होंगी सस्ती, 9 नवंबर से लागू होंगी नई कीमतें; मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत
इस व्यवस्था के तहत कई प्रमुख कैंसर दवाओं की कीमतों में कमी की गई है. इनमें 20 से अधिक प्रकार के कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली इम्यूनोथेरेपी दवाएं शामिल हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) ने कैंसर के इलाज को किफायती बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. प्राधिकरण ने 9 नवंबर 2026 से 543 कैंसर-रोधी दवाओं की अधिकतम खुदरा कीमत (MRP) में कटौती की है. इस फैसले से मरीजों के जेब से होने वाले सालाना खर्च में 2,500 से 3,500 करोड़ रुपये तक की बचत होने का अनुमान है.
रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के फार्मास्यूटिकल्स विभाग की ओर से जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, NPPA ने विभिन्न ब्रांडों की 543 कैंसर-रोधी दवाओं की संशोधित अधिकतम खुदरा कीमतें तय की हैं. प्राधिकरण ने बताया कि फिलहाल जारी मूल्य सूची में 27 अक्टूबर तक दवा कंपनियों की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी शामिल है. जिन कंपनियों की ओर से गैर-अनुसूचित (नॉन-शेड्यूल्ड) कैंसर-रोधी दवाओं की संशोधित कीमतों की जानकारी बाद में दी जाएगी, उनके आधार पर सूची को अपडेट किया जाएगा.
137 कैंसर दवाओं पर लागू होगा ट्रेड मार्जिन का नया नियम
इससे पहले 17 अक्टूबर को NPPA ने जनहित में 137 गैर-अनुसूचित कैंसर-रोधी दवाओं के लिए ट्रेड मार्जिन रैशनलाइजेशन (TMR) लागू करने की घोषणा की थी. इसका उद्देश्य दवाओं की कीमतों को नियंत्रित करना और कैंसर के मरीजों के लिए इलाज की लागत कम करना है.
इस व्यवस्था के तहत कई प्रमुख कैंसर दवाओं की कीमतों में कमी की गई है. इनमें 20 से अधिक प्रकार के कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली इम्यूनोथेरेपी दवाएं शामिल हैं. इसके अलावा स्तन और प्रोस्टेट कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली डेनोसुमैब (Denosumab), कैंसर मरीजों में न्यूट्रोपेनिया की रोकथाम के लिए दी जाने वाली पेगफिल्ग्रास्टिम (Pegfilgrastim) और कोलन, ओवेरियन तथा सर्वाइकल कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली बेवासिजुमैब (Bevacizumab) जैसी दवाएं भी इस दायरे में आती हैं.
सालाना 3,500 करोड़ रुपये तक बच सकते हैं मरीजों के
NPPA के अनुसार, भारत में कैंसर-रोधी दवाओं का बाजार करीब 12,500 करोड़ रुपये का है. इसमें लगभग 225 दवाएं और 500 फॉर्मूलेशन शामिल हैं. मिंट की 27 अक्टूबर की एक रिपोर्ट में सरकारी अधिकारियों और दस्तावेजों के हवाले से बताया गया था कि कीमतों में इस कटौती से मरीजों के जेब से होने वाले खर्च में सालाना 2,500 से 3,500 करोड़ रुपये तक की बचत हो सकती है.
कीमतों में सबसे बड़ी कटौती कुछ प्रमुख कैंसर दवाओं में देखने को मिली है. कीमोथेरेपी में इस्तेमाल होने वाले थायोटेपा (Thiotepa) इंजेक्शन के ब्रांड सैमटेपा (Samtepa) की 100 मिलीग्राम शीशी की कीमत 80,071.86 रुपये से घटाकर 7,150.33 रुपये कर दी गई है. यानी इसकी कीमत में 72,921.53 रुपये या करीब 91.1 फीसदी की कमी आई है. इस दवा का इस्तेमाल स्टेम सेल ट्रांसप्लांट से पहले और ब्लैडर कैंसर के इलाज में किया जाता है.
वहीं, स्तन कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली पैल्बोसाइक्लिब (Palbociclib) के ब्रांड पैल्बोप्रो (Palbopro) के 125 मिलीग्राम वाले 21 कैप्सूल के पैक की कीमत 40,421.33 रुपये से घटकर 2,720 रुपये रह गई है. इसमें करीब 93.3 फीसदी की कटौती हुई है. यानी मरीजों को एक पैक पर 37,701.33 रुपये की बचत होगी.
इन प्रमुख कैंसर दवाओं की कीमतों में भी कटौती
HER2-पॉजिटिव स्तन कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली पर्टुज़ुमैब (Pertuzumab) के ब्रांड हर्टुमैब (Hertumab) की प्रति शीशी कीमत 94,951 रुपये से घटाकर 30,593 रुपये कर दी गई है. इस तरह इसकी कीमत में 64,358 रुपये की कमी आई है. इसी दवा के दूसरे ब्रांड लुपीहर (Lupiher) 420 मिलीग्राम की कीमत 83,520 रुपये से घटकर 37,358.35 रुपये हो गई है.
इसके अलावा बेवासिजुमैब (Bevacizumab) की कीमतों में भी बड़ी कटौती की गई है. इस दवा का इस्तेमाल मेटास्टैटिक कोलोरेक्टल कैंसर, नॉन-स्मॉल सेल लंग कैंसर, सर्वाइकल कैंसर और ओवेरियन ट्यूमर के इलाज में किया जाता है.
- इवजुमैब (Ivzumab) 400 मिलीग्राम इंजेक्शन की कीमत 69,852.12 रुपये से घटकर 13,512 रुपये हो गई है.
- बेवासिजैब (Bevacizab) 400 मिलीग्राम की कीमत 65,205.09 रुपये से घटकर 8,956.75 रुपये रह गई है.
- सिजुमैब (Cizumab) 400 मिलीग्राम की कीमत 57,816 रुपये से घटाकर 10,211 रुपये कर दी गई है.
ओवेरियन, स्तन और पैंक्रियाटिक कैंसर के कुछ मरीजों में इस्तेमाल होने वाली ओलापारिब (Olaparib) की कीमत में भी कमी की गई है. इसके ब्रांड बीआरसीएवन (Brcaone) 150 मिलीग्राम पैक की कीमत 46,364.05 रुपये से घटकर 11,573.68 रुपये हो गई है.
इसी तरह एक्यूट लिम्फोब्लास्टिक ल्यूकेमिया के इलाज में इस्तेमाल होने वाली पेगास्पार्गिनेज (Pegasparginase) के इंजेक्शन ब्रांड पेग एल-एस्पारागिन (Peg L-Aparagin) की कीमत 41,845.97 रुपये से घटाकर 7,766.85 रुपये कर दी गई है.
मेटास्टैटिक प्रोस्टेट कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली एबिराटेरोन एसीटेट (Abiraterone Acetate) के ब्रांड एबिरैट (Abirat) की 250 मिलीग्राम की 120 टैबलेट वाली बोतल की कीमत 36,088.81 रुपये से घटकर 4,064.48 रुपये रह गई है.
कई अन्य कंपनियों की दवाएं भी होंगी सस्ती
कीमतों में कटौती का लाभ एबॉट हेल्थकेयर, RPG लाइफ साइंसेज, हेटेरो हेल्थकेयर, डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज और नैटको फार्मा जैसी कंपनियों के कुछ दवा ब्रांडों को भी मिलेगा.
एबॉट हेल्थकेयर की बेवाजीकैब (Bevazicab) की 4 मिलीलीटर शीशी की कीमत 21,767.70 रुपये से घटाकर 5,930.10 रुपये कर दी गई है. RPG लाइफ साइंसेज की फुलब्रेका (Fullbreca) की कीमत 26,072.16 रुपये से घटकर 5,491 रुपये हो गई है.
हेटेरो हेल्थकेयर की फ्लूडानॉक्स (FLUDANOX) शीशी की कीमत 14,235 रुपये से घटाकर 2,432 रुपये कर दी गई है. वहीं, RPG लाइफ साइंसेज की डेब्रुमैब (Debrumab) 60 मिलीग्राम की कीमत 22,031.25 रुपये से घटकर 5,941 रुपये रह गई है.
इसके अलावा RPG लाइफ साइंसेज की एनुटा (Enuta) के 28 कैप्सूल वाले पैक की कीमत 6,578.20 रुपये से घटाकर 2,232 रुपये कर दी गई है. डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज की एजासाइटिन (Azacitidine) की कीमत 6,337 रुपये से घटकर 1,495 रुपये और नैटको फार्मा की डसनाट 20 (Dasnat 20) की 60 टैबलेट वाली पैकिंग की कीमत 2,812.50 रुपये से घटकर 1,085.90 रुपये हो गई है.
इस फैसले से कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कई महंगी दवाओं की कीमतों में उल्लेखनीय कमी आएगी. हालांकि, मरीजों को वास्तविक बचत इस बात पर निर्भर करेगी कि उनके इलाज में कौन-सी दवा, कौन-सा ब्रांड और कितनी मात्रा में इस्तेमाल हो रहा है.
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