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शेयर बाजार में तूफानी तेजी, सेंसेक्स 1,233 अंक उछला; निवेशकों की दौलत में ₹8 लाख करोड़ का इजाफा
सोमवार, 2 नवंबर को बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों में जोरदार तेजी दर्ज की गई. कारोबार के दौरान सेंसेक्स 75,692 और निफ्टी 23,440 के स्तर को पार कर गए. दोनों प्रमुख सूचकांक लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने सोमवार को भारतीय शेयर बाजार को बड़ी राहत दी. रिलायंस इंडस्ट्रीज के मजबूत तिमाही नतीजों के बाद शेयरों में जोरदार खरीदारी ने बाजार की तेजी को और बल दिया. सेंसेक्स 1,233 अंक उछल गया, जबकि बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण करीब 8 लाख करोड़ रुपये बढ़ गया.
भारतीय शेयर बाजार में कारोबारी सप्ताह की शुरुआत शानदार रही. सोमवार, 2 नवंबर को बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों में जोरदार तेजी दर्ज की गई. कारोबार के दौरान सेंसेक्स 75,692 और निफ्टी 23,440 के स्तर को पार कर गए. दोनों प्रमुख सूचकांक लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए. बाजार में खरीदारी का असर मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर भी दिखाई दिया. दोनों सूचकांकों में करीब 1 फीसदी तक की तेजी रही.
रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में जोरदार उछाल
सोमवार को बाजार की तेजी में रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के शेयरों की सबसे अहम भूमिका रही. सितंबर तिमाही के उम्मीद से बेहतर नतीजों के बाद कंपनी के शेयरों में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली. शेयर करीब 9.41 फीसदी उछलकर बंद हुआ. अप्रैल 2020 के बाद यह कंपनी के शेयरों में एक दिन की सबसे बड़ी तेजी बताई जा रही है.
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, सोमवार को बाजार में आई तेजी के पीछे रिलायंस इंडस्ट्रीज का सबसे बड़ा योगदान रहा. कंपनी के शेयरों में तेजी के चलते एनर्जी इंडेक्स 3.9 फीसदी से अधिक चढ़ गया.
इन सेक्टरों में दिखी सबसे ज्यादा खरीदारी
निफ्टी के शेयरों में रिलायंस इंडस्ट्रीज और टाटा स्टील सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज करने वाले शेयरों में शामिल रहे. दूसरी ओर, इंफोसिस और आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में कमजोरी देखने को मिली.
सेक्टर के लिहाज से ऑयल एंड गैस, मेटल और पीएसयू बैंक शेयरों में अच्छी खरीदारी रही. वहीं, आईटी और मीडिया सेक्टर दबाव में रहे.
बड़ी कंपनियों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी तेजी का रुख बना रहा. निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1.19 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.71 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुआ. बाजार में तेजी का दायरा भी व्यापक रहा. निफ्टी 500 में शामिल 391 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 105 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई.
निवेशकों की दौलत में 8 लाख करोड़ रुपये का इजाफा
शेयर बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों को एक ही दिन में करीब 8 लाख करोड़ रुपये का फायदा हुआ. बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण बढ़कर करीब 482.41 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया. शुक्रवार, 30 अक्टूबर को बाजार बंद होने के समय यह आंकड़ा 474.37 लाख करोड़ रुपये था. इस तरह एक कारोबारी सत्र में बाजार पूंजीकरण में करीब 8.04 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई.
110 डॉलर के नीचे आया ब्रेंट क्रूड
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भी भारतीय शेयर बाजार के लिए राहत की वजह बनी. अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का भाव 110 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया. पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को खत्म करने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज होने से निवेशकों की धारणा में सुधार आया है.
दरअसल, कतर और ईरान के अधिकारियों के बीच लगातार तीसरे दिन बातचीत जारी रही. इन चर्चाओं का मकसद अमेरिका और इजरायल के ईरान के खिलाफ जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए समझौते का रास्ता तलाशना है. हालांकि, क्षेत्र में तनाव और अमेरिका की ओर से संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर अनिश्चितता अभी बनी हुई है.
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों के लिए राहत लेकर आती है. इससे तेल आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव कम होने की उम्मीद रहती है.
विदेशी निवेशकों की खरीदारी से भी मिला सहारा
घरेलू शेयर बाजार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की खरीदारी से भी समर्थन मिला. उपलब्ध प्रोविजनल आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों ने 30 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार में 3,598 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे. इससे बाजार की धारणा को मजबूती मिली.
निफ्टी के लिए 23,600 का स्तर अहम
विशेषज्ञों के मुताबिक, निफ्टी के लिए 23,250 से 23,270 का स्तर तत्काल सपोर्ट जोन है. वहीं, ऊपर की तरफ 23,600 का स्तर अहम रेजिस्टेंस रहेगा. उनका कहना है कि अगर निफ्टी मजबूती के साथ 23,600 के ऊपर निकलता है तो बाजार में शॉर्ट कवरिंग बढ़ सकती है. इससे मौजूदा तेजी को और मजबूती मिल सकती है और निफ्टी 23,750 के स्तर तक पहुंच सकता है.
(डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है. 'BW हिंदी' इसकी कोई जिम्मेदारी नहीं लेता. सोच-समझकर, अपने विवेक के आधार पर और किसी सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह के बाद ही निवेश करें, अन्यथा आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है.)
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