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हरियाणा में 500 करोड़ रुपये के निवेश की योजना, स्टीमहाउस इंडिया ने सरकार के साथ किया समझौता
इस समझौते के तहत राज्य के औद्योगिक क्लस्टर में सामुदायिक बॉयलर इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर विचार किया जाएगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 57 minutes ago
स्टीमहाउस इंडिया लिमिटेड ने हरियाणा सरकार के साथ 500 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश को लेकर समझौता ज्ञापन (MoU) किया है. इसके तहत पानीपत और सोनीपत जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में सामुदायिक बॉयलर और केंद्रीकृत भाप उत्पादन व्यवस्था विकसित करने की संभावनाओं का आकलन किया जाएगा. हालांकि, अभी किसी परियोजना को अंतिम मंजूरी नहीं मिली है.
औद्योगिक इकाइयों में प्रदूषण नियंत्रण और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़ी जरूरतों को देखते हुए स्टीमहाउस इंडिया लिमिटेड हरियाणा में निवेश की संभावनाएं तलाश रही है. कंपनी ने हरियाणा सरकार के हरियाणा एंटरप्राइजेज प्रमोशन सेंटर (HEPC) के साथ 500 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश को लेकर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं. इस समझौते के तहत राज्य के औद्योगिक क्लस्टर में सामुदायिक बॉयलर इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर विचार किया जाएगा.
इस पहल के तहत औद्योगिक इकाइयों को एक ही स्थान से भाप उपलब्ध कराने के लिए केंद्रीकृत उत्पादन और पाइपलाइन आधारित वितरण व्यवस्था की संभावनाओं का अध्ययन किया जाएगा. कंपनी ने इसके लिए पानीपत और सोनीपत जैसे औद्योगिक केंद्रों का उल्लेख किया है.
क्या है सामुदायिक बॉयलर व्यवस्था
सामुदायिक बॉयलर प्रणाली में एक केंद्रीकृत संयंत्र में भाप तैयार की जाती है और पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए कई औद्योगिक इकाइयों तक पहुंचाई जाती है. मौजूदा व्यवस्था में कई उद्योग अपनी जरूरत के मुताबिक अलग-अलग बॉयलर का इस्तेमाल करते हैं.
केंद्रीकृत व्यवस्था में ईंधन प्रबंधन, प्रदूषण नियंत्रण और उत्सर्जन की निगरानी एक ही प्रणाली के तहत की जा सकती है. हालांकि, इसका प्रभाव इस्तेमाल की जाने वाली तकनीक और परिचालन के दौरान पर्यावरणीय मानकों के पालन पर निर्भर करेगा.
छोटे औद्योगिक क्लस्टर में ऐसी व्यवस्था को बढ़ावा देने का मुद्दा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के दिशा-निर्देशों में भी शामिल रहा है.
अभी शुरुआती चरण में है योजना
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि हरियाणा सरकार के साथ हुआ यह समझौता केवल संभावनाओं का पता लगाने के लिए है. यह किसी परियोजना को आवंटित किए जाने या उसके निर्माण की गारंटी नहीं है. प्रस्तावित निवेश और परियोजनाओं पर आगे का फैसला तकनीकी एवं व्यावसायिक व्यवहार्यता, औद्योगिक मांग, पर्यावरणीय जरूरतों और जरूरी सरकारी मंजूरियों के आधार पर होगा.
स्टीमहाउस इंडिया के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक विशाल एस. बुधिया ने कहा कि हरियाणा के औद्योगिक क्षेत्रों में केंद्रीकृत भाप उत्पादन और वितरण व्यवस्था की संभावनाओं का अध्ययन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इस तरह की व्यवस्था में प्रदूषण नियंत्रण प्रणाली और ईंधन प्रबंधन को भी ध्यान में रखना होगा.
औद्योगिक भाप और नाइट्रोजन की आपूर्ति करती है कंपनी
साल 2015 में स्थापित स्टीमहाउस इंडिया लिमिटेड (पूर्व नाम अंकलेश्वर इको एनर्जी लिमिटेड) औद्योगिक भाप के उत्पादन और वितरण का कारोबार करती है. कंपनी अपने बॉयलर संयंत्रों के अलावा दूसरी उत्पादन इकाइयों से खरीदी गई भाप की भी पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए आपूर्ति करती है.
कंपनी गुजरात के अंकलेश्वर में नाइट्रोजन उत्पादन और वितरण की सुविधा भी संचालित करती है. यहां प्रेशर स्विंग एडसॉर्प्शन (PSA) तकनीक से नाइट्रोजन तैयार कर औद्योगिक ग्राहकों को उपलब्ध कराई जाती है. कंपनी के शेयर बीएसई और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में सूचीबद्ध हैं.
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