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क्या है Cyber Security System, जिसे कार में लगाना हो सकता है अनिवार्य? 

साइबर हमलों से वाहनों को बचाने के लिए नितिन गडकरी का मंत्रालय एक योजना पर काम कर रहा है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

क्या आपकी कार भी साइबर हमलावरों (Cyber Attack) की जद में आ सकती है? आपको भले ही यह सवाल अटपटा लगे, लेकिन इसका जवाब है 'हां'. यही वजह है कि केंद्र सरकार इस दिशा में काम कर रही है और आने वाले समय में पैसेंजर और कमर्शियल वाहनों में साइबर सिक्योरिटी मैनेजमेंट सिस्टम लगाना अनिवार्य किया जा सकता है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, साइबर क्राइम के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार वाहन निर्माताओं के लिए वाहनों में साइबर सिक्योरिटी मैनेजमेंट सिस्टम लगाना अनिवार्य कर सकती है, ताकि साइबर हमलों से वाहनों को सुरक्षित किया जा सके.

सरकार ने तैयार किया ड्राफ्ट
नितिन गडकरी के नेतृत्व वाले सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने इसके लिए ड्रॉफ्ट भी तैयार किया है. रिपोर्ट्स में एक सरकारी अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि अगले महीने यानी दिसंबर की शुरुआत तक इसके लिए अधिसूचना जारी कर दी जाएगी. ये सिस्टम गाड़ियों के डेटा को हैकर्स से बचाने में मदद करेगा. ड्रॉफ्ट के अनुसार, सभी वाहन निर्माता कंपनियों को वाहनों में एक साइबर सिक्योरिटी मैनेजमेंट सिस्टम लगाना होगा. वाहनों की मंजूरी के समय इसके लिए सर्टिफिकेट पेश करना होगा. ऐसे सभी पैसेंजर व्हीकल और गुड्स कैरियर जिनमें एक भी इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट है, उन्हें इस नियम के तहत रखा जाएगा. 

ये भी पढ़ें- आखिर ऐसा क्या हुआ कि 6 Airbags पर नितिन गडकरी को लेना पड़ गया यू-टर्न?

कैसे हो सकता है Cyber Attack?
अब सवाल ये उठता है कि वाहनों पर साइबर हमले क्यों हो सकते हैं? इसका जवाव बेहद सरल है. मौजूदा वक्त में ज्यादातर अधिकांश वाहन ऑटोनॉमस ड्राइविंग, इंफोटेनमेंट सिस्टम और कनेक्टेड सर्विसेज जैसी अडवांस्ड टेक्नॉलजी से लैस हैं. आप कार चलाते समय अपना फोन कार के इंफोटेनमेंट सिस्टम से कनेक्ट कर देते हैं, ऐसे में हैकर्स उसके जरिए आपका डेटा चुरा सकते हैं. इसके अलावा, इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन भी साइबर हमलों की जद में आ सकते हैं. इसे ध्यान में रखते हुए भी नीति बनाई जा रही है.
 


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