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ऐसी बढ़ी महंगाई कि कपल्स ने तलाक से कर ली तौबा, जानें क्या है पूरा मामला

महंगाई केवल भारत ही नहीं कई देशों की परेशानी का सबब बन गई है. अमेरिका में जहां EMI पर शादी हो रही है, वहीं ब्रिटेन में तलाक कम हो गए हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

क्या महंगाई तलाक की इच्छा पर भारी पड़ सकती है? यूरोप में रहने वालों के लिए इस सवाल का जवाब फिलहाल हां है. यूरोप के कई देशों में महंगाई रिकॉर्ड स्तर पर है. हालत ये हो गई है कि लोगों को रोजमर्रा की ज़रूरतों में कटौती करनी पड़ रही है. ऐसे में वकील की फीस, कोर्ट-कचहरी के चक्कर में वह अतिरिक्त पैसा खर्च करने की स्थिति में नहीं हैं. कपल ये भी जानते हैं कि तलाक के बाद उन्हें अलग-अलग घरों में रहना होगा, जो मौजूदा समय में सबसे महंगा काम है. इसलिए मनमुटाव के बावजूद अधिकांश कपल्स ने अलग होने का प्लान टाल दिया है.

दोगुनी हो गई संख्या
मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि ब्रिटेन में ऐसे कपल्स की संख्या दो गुनी हो गई है, जो महंगाई के चलते चाहकर भी अलग नहीं हो पा रहे हैं. इनमें 50 साल से ऊपर की उम्र वाले दम्पतियों की संख्या ज्यादा है. पहले ये आसानी से तलाक का खर्च उठाने और अलग-अलग घर एफोर्ड करने में सक्षम थे, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल गई है. इसलिए ऐसे जोड़े न चाहते हुए भी एक साथ रहने को मजबूर हैं.

घर खरीदना हुआ महंगा
एक रिपोर्ट में ब्रिटेन के राष्ट्रीय सांख्यिकी विभाग के हवाले से बताया गया है कि एक वक्त एक सामान्य घर की औसत कीमत ढाई करोड़ रुपए से अधिक है, जो एक साल पहले 35 लाख रुपए के आसपास थी. इतना ही नहीं, किराए पर घर लेना भी काफी महंगा हो गया है. जनवरी से लेकर अब तक किराए पर दोगुनी से ज्यादा बढ़ोत्तरी हुई है. ब्रिटेन में तलाक की प्रक्रिया में औसतन 13 रुपए खर्च हो जाते हैं, ये आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले ज्यादा है.

किराया भी निकाल रहा पसीना
मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि ब्रिटेन में इस वक्त घरों का किराया अपने उच्चतम स्तर पर है और इसमें लगातार इजाफा होता जा रहा है. ऐसे में भले ही पति-पत्नी दोनों नौकरी करते हों, उनके लिए अलग-अलग घर में रहना आसान नहीं है. यही वजह है कि ज़्यादातर मिडिल क्लास कपल्स ने अपने रिश्ते को आधिकारिक तौर पर अंत करने का फैसला फिलहाल टाल दिया है. वहीं, अमेरिकी भी महंगाई की मार से त्रस्त हैं. वहां शादियां भी अब EMI पर हो रही हैं. 
 


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