✕

होम / शुभ लाभ / हिमाचल और गुजरात में कौन जीतेगा सत्ता की लड़ाई? ज्योतिषियों का ये है कहना

हिमाचल और गुजरात में कौन जीतेगा सत्ता की लड़ाई? ज्योतिषियों का ये है कहना

हिमाचल में BJP और कांग्रेस के बीच ही सीधी टक्कर नजर आ रही है. वहीं, गुजरात में BJP और कांग्रेस के बीच, आप भी अपने पांव पसारने की जीतोड़ कोशिश में है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

हिमाचल और गुजरात में चुनावी जंग बहुत ही रोचक हो गई है. हिमाचल की बात करें तो यहां भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बीच ही सीधी टक्कर नजर आ रही है. वहीं, गुजरात में BJP और कांग्रेस के बीच, आम आदमी पार्टी (आप) भी अपने पांव पसारने की जीतोड़ कोशिश में है. एक ओर जहां राजनीतिक पंडित अपने-अपने कयास लगाने में लगे हुए हैं, वहीं ज्योतिषी भी हिमाचल प्रदेश और गुजरात के राजनीतिक भविष्य की भविष्यवाणी कर रहे हैं. यहां हम आपको दो अंतर्राष्ट्रीय ख्याति के ज्योतिषियों आकलन से रू-ब-रू करवाने जा रहे हैं.

क्या बोलती है हिमाचल की कुण्डली?
प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्या डॉ अर्चना के आकलन के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश की जन्मपत्रिका में सूर्य लग्न में है और मकर राशि के राहू द्वितीय स्थान पर है और शनि मेष राशि में चतुर्थ स्थान पर है. केतु सिंह राशि में अष्टम स्थान पर. लाभ स्थान पर वृश्चिक राशि में मंगल, गुरु व शुक्र है. चंद्र, बुध धनु राशि में बाहरवें भाव में हैं. अभी राहु की महादशा चल रही है और राहु की महादशा में शुक्र चलेंगे. चुनाव की लिहाज से देखें तो हिमाचल प्रदेश के ग्रहयोग कांग्रेस की जन्मकुंडली से मेल नहीं खाते है. इस वक्त कांग्रेस के ग्रह नक्षत्रों की स्थिति ऐसी नहीं है कि उसके लिए हिमाचल में बहुत सुखद नतीजे आएं. राहुल गांधी ने 'भारत जोड़ो पदयात्रा' दक्षिण से शुरू की, अगर वह यात्रा हिमाचल से प्रारंभ करते, तो हिमाचल में बेहतर परिणाम निकल सकते थे. जब भी शुक्र ग्रह महादशा या अंतर्दशा में आते हैं, तो जमीन से जुड़े कार्य, पदयात्रा और यथार्थ के धरातल पर किए कार्यों के अच्छे परिणाम मिलते हैं.

इस पार्टी का शायद न खुले खाता 
भाजपा की धनु लग्न की कुंडली है. बुध, केतु कुंभ राशि में तृतीय भाव में हैं. सूर्य चतुर्थ भाव में मीन राशि में हैं. शुक्र स्वराशि वृष में स्थित है. भाग्य स्थान पर गुरू शनि, मंगल, राहु सिंह राशि में हैं. चंद्र बाहरवें भाव में वृश्चिक राशि में है. बीजेपी की जन्मपत्रिका में भाग्येश सूर्य की 2026 तक महादशा चल रही है. ज्योतिषीय गणना के मुताबिक, देश में 2026 तक जहां भी चुनाव होंगे बीजेपी अधिकतर जगहों पर जीत दर्ज करेगी. करीब 70 फीसदी जगहों पर बीजेपी सरकार बनाएगी. फिलहाल राहु में शुक्र चल रहे हैं और राहु और शुक्र का यह योग शुक्र के आते ही सत्ताधारी पार्टी को लाभ देता है. वैसे भी राहु -शुक्र का ये योग भाजपा को अधिक लाभ दे रहा है. वहीं आम आदमी पार्टी हिमाचल में खाता खोलते हुए भी नहीं दिख रही है.

इसलिए बदलता है मिजाज
वहीं, विश्व विख्यात ज्योतिषाचार्य पंडित हनुमान मिश्रा जिनकी भविष्यवाणी गुजरात के पिछले चुनाव में सीटों सहित बिल्कुल सही साबित हुई थी. हिमाचल के बारे में उनका कहना है कि हिमाचल प्रदेश राहु की महादशा और शनि की अंतर्दशा के प्रभाव में है. हिमाचल प्रदेश के दशम भाव का स्वामी बुध न केवल चंद्रमा के साथ में है, बल्कि चंद्रमा के उपनक्षत्र के प्रभाव में भी है. यही कारण है कि यहां के लोगों का मिजाज हर बार बदलता है और लोग ज्यादातर हर बार नई सरकार चुनने में यकीन रखते हैं. क्योंकि वर्तमान में शनि की अंतर्दशा का प्रभाव है और शनि आठवें भाव में नीच का होकर बैठा है जो अप्रत्याशित परिणाम की ओर इशारा कर रहा है. अब यहां के लिए अप्रत्याशित परिणाम तो यही हो सकता है कि जैसा पहले होता रहा है, वैसा न हो. यानी इस बार सत्ता परिवर्तन न हो.

दोनों पार्टियां समान स्थिति में
भारतीय जनता पार्टी फिलहाल शनि की अंतर्दशा के प्रभाव में है. अर्थात यहां पर दशाओं का सामंजस्य होने का लाभ बीजेपी को मिल सकता है. कांग्रेस राहु की अंतर्दशा के प्रभाव में है. हालांकि राहु, शनि के उपनक्षत्र में है. अतः हम कांग्रेस को भी काफी हद तक अच्छी स्थिति में पा रहे हैं. सामान्य शब्दों में दोनों ही पार्टियां लगभग समान स्थिति में खड़ी हुई हैं, लेकिन कांग्रेस आपसी कलह या षड्यंत्र का शिकार भी हो सकती है. अब क्योंकि हमें यहां किसी एक पार्टी का नाम स्पष्ट शब्दों में लेना होगा, तो ऐसी स्थिति में मैं यही कहूंगा कि बहुत संभव है कि इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी पुनः वापसी कर सकती है. अलबत्ता बृहस्पति ग्रह के वक्री होने के कारण कुछ मंत्रियों को नुकसान हो सकता है. चाहे वह नुकसान हार के रूप में हो या फिर पद से हटने के रूप में हो. यानी मुख्यमंत्री हो या फिर मंत्री उन्हें अपनी कुर्सी बचाने के लिए और भी यत्न करने की जरूरत रहेगी.

क्या बोलती है गुजरात की कुण्डली?
पंडित हनुमान मिश्रा के मुताबिक, गुजरात पर सूर्य की महादशा में गुरु की अंतर्दशा का प्रभाव है. वहीं 25 दिसंबर के बाद शनि की अंतर्दशा का प्रभाव शुरू हो जाएगा. दोनों ही ग्रह नवम भाव में बैठे हुए हैं, जो मुखिया के परिवर्तन या फिर सत्ता के परिवर्तन के संकेतक हैं. अब हमें विश्लेषण इस बात का करना है कि यहां सत्ता परिवर्तन होगा या फिर मुखिया का परिवर्तन. इसका अनुमान हम दशाओं के सामंजस्य से लगाएंगे. गुरु की अंतर्दशा के प्रभाव वाले गुजरात के साथ शनि की अंतर्दशा की प्रभाव वाली बीजेपी औसत दर्जे का संबंध रख सकती है. यानी यहां से न तो सकारात्मक और न ही नकारात्मक परिणाम की उम्मीद है. अर्थात बीजेपी की वर्तमान स्थिति प्रैक्टिकली जैसी है, उसको वैसे ही परिणाम मिलेंगे, बहुत अधिक चमत्कार होने की उम्मीद नहीं है.

'आप' के लिए विरोधी ग्रह है बृहस्पति
अब हम इनके विरोधी दलों की भी बात कर लेते हैं. गुरु की अंतर्दशा वाले गुजरात के साथ राहु की अंतर्दशा वाली कांग्रेस की कंपैटिबिलिटी कमजोर है. अर्थात वर्तमान में गुजरात के भीतर कांग्रेस का प्रदर्शन तुलनात्मक रूप से कमजोर रह सकता है, जिसका फायदा इसके विरोधी दलों को मिल सकता है. वहीं आम आदमी पार्टी की बात करें तो इसकी अंतर्दशाएं भी बृहस्पति की हैं. यह इस पार्टी के लिए एक अच्छी स्थिति है, लेकिन मकर लग्न वाली आम आदमी पार्टी के लिए बृहस्पति विरोधी ग्रह है. लिहाजा गुजरात के लोग इन के प्रति आकर्षित तो होंगे लेकिन अंत समय पर उनका मूड इनके प्रति बदल भी सकता है. कहने का मतलब यह है कि असंतोष के बावजूद भी गुजरात के वोटर बीजेपी के लिए मतदान कर सकते हैं. वहीं, कांग्रेस आपसी कलह या षड्यंत्र का शिकार हो सकती है. जबकि आम आदमी पार्टी को भी गुजरात में चंद सीटे मिलती हुई नजर आ रही हैं. हिमाचल की तरह गुजरात में भी भाजपा अपनी अस्मिता बचाने में तुलनात्मक रूप से बेहतर कर सकती है. अलबत्ता यहां शीर्ष नेतृत्व व मंत्रियों के बदलाव की उम्मीद हिमाचल की तुलना में अधिक है.

इस वजह से दिलचस्प होगी जंग
आइए अब दूसरी ज्योतिषाचार्या डॉ. अर्चना के पक्ष को भी जान लेते हैं. उनके अनुसार, गुजरात की जन्मपत्रिका का अध्ययन करते हैं, तो ग्रह नक्षत्रों की स्थिति इस प्रकार है- मेष लग्न में ही उच्च के सूर्य के साथ शुक्र विराजमान है. तृतीय स्थान में मिथुन में चंद्र, पंचम में सिंह राशि में राहु और गुरु-शनि, भाग्येश और कर्मेश होकर भाग्य स्थान में धनु राशि में है. वैसे तो कर्मेश शनि की महादशा में भाग्येश की अंतर्दशा के समय जब दोनों भाग्य स्थान में हों तो भाग्योदय होता है. वर्तमान समय में केतु में मंगल का योग भी अच्छा है. मंगल के कारण गुजरात में चुनावी जंग बहुत अच्छी और दिलचस्प बन रही है. गुजरात की जन्मपत्रिका में केतु में मंगल आयेगा तो यह चुनाव होगा. जब चुनाव मंगल में होता है, तो घमासान बहुत अच्छा होता है किन्तु जैसे जैसे चुनाव नजदीक आता जाता है, तो जो योद्धा सच्चाई पर चलता है और धरातल पर कार्य करता है, वही विजयी होता है. कार्य करने वाले बलशाली लोग लाभान्वित होते हैं.

केजरीवाल खाता तो खोलेंगे, लेकिन
अरविंद केजरीवाल की जन्मपत्रिका में मंगल नीच का है. बहुत जोर-शोर से वो चुनाव में उतरकर बोलेंगे, परंतु जनता उन्हें यथार्थ के धरातल पर तौलेगी. वो अपना खाता खोलेंगे, किंतु भाजपा के भाग्येश की महादशा के प्रभाव और प्रधानमंत्री का कर्म पर विश्वास, इसके अलावा भाजपा और गुजरात के ग्रह-नक्षत्रों का आपसी समन्वय ऐसा है कि भाजपा अपना महत्व बनाकर रखेगी और जीत की अवस्था में रहेगी. ग्रह गोचर के हिसाब से देखें तो जब चुनाव परिणाम आएंगे, तब मंगल वक्री अवस्था में होंगे जो दूध का दूध व पानी का पानी कर देते हैं, खोखले दावे नहीं चलते. चुनाव के समय भाजपा के पराक्रम व पंचम स्थान में चंद्र होंगे और चुनाव परिणाम वाले दिन स्थिति ऐसी बन रही है कि सही कर्मों का ही फल मिलेगा. हालांकि ग्रह नक्षत्रों का इशारा यह भी है कि कुछ दिग्गज नेताओं के हारने की संभावना भी बन रही है. यह भी संभावना है कि जो मुख्यमंत्री का चेहरा हो वो शपथ न ले पाए या कुछ समय बाद बदलाव हो. यह ग्रह योग की गणना का इशारा है, कारण कुछ भी बन सकता है. संकेत ये भी हैं कि दोनों राज्यों में सरकार भाजपा की ही बनेगी. अब इन भविष्य वक्ताओं की भविष्यवाणी कितनी सच होती है, यह तो चुनाव परिणाम के बाद पता चलेगा.


टैग्स
सम्बंधित खबरें

अक्षय तृतीया 2025: गोल्ड में निवेश का सुनहरा मौका, जानें कहां मिलेंगे सबसे बेहतर ऑफर्स?

अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना न केवल परंपरा से जुड़ा है, बल्कि यह निवेश के लिहाज से भी एक बेहतरीन अवसर माना जाता है.

29-April-2025

कल से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत, जानें कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त, सुख-समृद्धि के उपाय

कल यानी 30 मार्च, 2025 से चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ हो रहा है, धार्मिक आस्था का पर्व होने के साथ यह एक ऐसा अवसर है जब हम अपने जीवन में शांति, समृद्धि, और खुशहाली की कामना करते हैं,

29-March-2025

Bill Ackman के लिए 2025 अपूर्व संपत्ति, शक्ति और पहचान का वर्ष होगा

Bill Ackman की बेजोड़ दूरदृष्टि और बाजार संकटों को संभालने में उनकी साहसिकता ने उन्हें हमारे समय के सबसे प्रभावशाली निवेशकों में से एक बना दिया है.

06-December-2024

हृदय और मन को शुद्ध करने के साथ मनुष्य को सकारात्मक बनाता है ज्योतिष और दान -आचार्य प्रवीण चौहान

दान देना सबसे बड़ा पुण्य है और ये मनुष्य के सकारात्मक कर्म को आकर्षित करता है, जिससे आध्यात्मिक विकास होता है.

06-December-2024

Elon Musk : प्रतिभाशाली व्यक्ति और एक ट्रिलियनेयर बनने की ओर अग्रसर

एस्ट्रोलॉजर विक्रम चंदीर्रामणि के अनुसार अप्रैल 2025 एक महत्वपूर्ण महीना साबित होगा, जब बड़ी निवेश योजनाओं के परिणामस्वरूप बिजनेस ऑपरेशंस और असेट सेल्स से महत्वपूर्ण रेवेन्यू प्राप्त होंगे.

20-November-2024


बड़ी खबरें

डेटा सेंटर कारोबार पर अडानी ग्रुप का बड़ा दांव, 1.5 अरब डॉलर का विदेशी कर्ज जुटाने की तैयारी

गौतम अडानी के नेतृत्व वाला अडानी ग्रुप अब ऊर्जा और बुनियादी ढांचे के पारंपरिक कारोबार से आगे बढ़कर डिजिटल क्षेत्र में अपनी मौजूदगी मजबूत करने पर जोर दे रहा है. प्रस्तावित फंडिंग इसी रणनीति का हिस्सा है.

1 hour ago

डिज्नी में फिर होगी छंटनी! खर्च में 20% तक कटौती की तैयारी, हजारों कर्मचारियों की जा सकती है नौकरी

डिज्नी पिछले कई वर्षों से लागत घटाने और कारोबार के पुनर्गठन की प्रक्रिया में जुटी है. इस दौरान कंपनी हजारों कर्मचारियों की छंटनी कर चुकी है और अरबों डॉलर के खर्च में कटौती की है.

1 hour ago

NTT DATA मंगलुरु में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर 2027 तक 2,500 करेगी, AI और क्लाउड पर रहेगा फोकस

कंपनी ने बताया कि विस्तार के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा के क्षेत्र में विशेष क्षमताएं विकसित की जाएंगी. इसके अलावा हेल्थकेयर और लाइफ साइंसेज, हाईटेक, ऑटोमोटिव और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों पर भी ध्यान दिया जाएगा.

2 hours ago

सेंसेक्स-निफ्टी की शानदार रिकवरी के बाद आज भी तेजी की उम्मीद, जानें बाजार के लिए बड़े ट्रिगर्स

सोमवार को बीएसई सेंसेक्स 1,233.25 अंक यानी 1.66 फीसदी की बढ़त के साथ 75,692.78 पर बंद हुआ. वहीं, एनएसई निफ्टी 387.70 अंक यानी 1.68 फीसदी चढ़कर 23,440.80 के स्तर पर पहुंच गया.

3 hours ago

मेनबोर्ड IPO से फंड जुटाने में 30% की बढ़ोतरी, सितंबर में ही आए 94% फंड; 71 कंपनियों ने शेयर बाजार में रखा कदम

अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच मेनबोर्ड आईपीओ के जरिए कंपनियों ने कुल 84,400 करोड़ रुपये जुटाए, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में जुटाए गए 64,900 करोड़ रुपये के मुकाबले 30 फीसदी अधिक है.

2 hours ago