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मुंबई में कम हुए प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन, जानिए क्या है मुख्य वजह?

500-1000 स्क्वेयर-फुट वाले घरों के बाद सबसे ज्यादा 500 स्क्वेयर-फुट के क्षेत्रफल के अंदर आने वाले घरों को बुक किया गया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

मुंबई, भारत की सबसे प्रमुख प्रॉपर्टी मार्केटों में से एक है. जुलाई 2023, मुंबई की रियल एस्टेट मार्केट के लिए काफी खराब महीना साबित हुआ है. जुलाई 2023 के दौरान मुंबई में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन की संख्या में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली है.आइए जानते हैं मुंबई में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन कम होने के पीछे कौन से कारण प्रमुख हैं?

प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन में आई गिरावट
देश की वित्तीय राजधानी मुंबई में जुलाई 2023 के दौरान मात्र 9,923 प्रॉपर्टी ही रजिस्टर की गई हैं. जुलाई 2023 के दौरान मुंबई में रजिस्टर की गई प्रॉपर्टी से सरकार ने 808 करोड़ रुपयों की कमाई की है. सालाना आधार पर सरकार की कमाई में 3% की गिरावट देखने को मिली है. जुलाई 2023 में सरकार को हुई कमाई की तुलना अगर हम पिछले महीने से करें तो इसमें 6% की गिरावट देखने को मिली है. 

मुंबई की प्रॉपर्टी मार्केट का हाल
ANAROCK ग्रुप के चेयरमैन अनुज पूरी बताते हैं कि अगर हम अप्रैल से जून 2023 के बीच मुंबई में लॉन्च हुई नई यूनिट्स की जांच करें, तो उनमें ऐसे घरों की संख्या सबसे ज्यादा है जिनका क्षेत्रफल 500-1000 स्क्वेयर-फुट के बीच है. 500-1000 स्क्वेयर-फुट वाले घरों के बाद सबसे ज्यादा 500 स्क्वेयर-फुट के क्षेत्रफल के अंदर आने वाले घरों को बुक किया गया है, जिनकी संख्या कुल यूनिट्स का 35% हिस्सा हैं. अप्रैल-जून 2023 के दौरान सबसे ज्यादा नई प्रॉपर्टी मुंबई के पश्चिमी इलाकों में लॉन्च की गई हैं. मुंबई के पश्चिमी इलाकों के बाद अगर कोई क्षेत्र ऐसा है जहां सबसे ज्यादा नई प्रॉपर्टी लॉन्च की गई हैं, तो वह मुंबई का केंद्रीय इलाका है. प्रॉपर्टी बुक करने के लिए इस्तेमाल होने वाले टिकटों की बात करें तो 80 लाख से लेकर 1.5 करोड़ के टिकटों में सबसे ज्यादा गतिविधि दर्ज की गई है. 

कोविड के बाद बदली स्थिति
कोविड महामारी की शुरुआत के बाद से ही बड़े घरों और प्रॉपर्टी की मांग बढ़ रही है. इस वृद्धि के पीछे एक प्रमुख वजह यह भी है कि ज्यादातर कंपनियों और संस्थाओं के द्वारा WFH (वर्क फ्रॉम होम) जैसी नीतियों का इस्तेमाल किया जा रहा है जिससे लोग ज्यादा से ज्यादा समय अपने घरों पर ही बीता रहे हैं और इसीलिए बड़े घरों की मांग में वृद्धि देखने को मिल रही है. कोविड महामारी के बाद से ही लग्जरी रियल एस्टेट के क्षेत्र में भी जबरदस्त वृद्धि देखने को मिल रही है. HNI (High Net Worth Individuals) और UHNI (Ultra High Net Worth Individuals) मार्केट की स्थिति पर बहुत ही करीबी रूप से ध्यान दे रहे हैं और अपने मनपसंद रेट पर प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं.

मुंबई में क्यों कम हुए प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन?
मुंबई में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन में भारी कमी देखने को मिली है. दरअसल मुंबई में मानसून की शुरुआत होते ही प्रॉपर्टी साईट पर विजिट को रोक दिया जाता है और ज्यादातर यूनिट्स के क्लोजर की प्रक्रिया भी धीमी होने लगती है. इन कारणों की वजह से ही प्रॉपर्टी के रजिस्ट्रेशन पर भी प्रभाव पड़ता है. एक्सपर्ट्स की मानें तो अगले कुछ महीनों के दौरान भी यह स्लोडाउन जारी रहेगा लेकिन लॉन्ग-टर्म में सब सही हो जाएगा और प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन में एक बार फिर बढ़ोत्तरी देखने को मिल सकती है.
 

यह भी पढ़ें: इस सेक्टर में एंट्री करने जा रहा है Yes Bank, बड़ी डील की है तैयारी

 


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