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पहले क्‍वार्टर से Real State सेक्‍टर के लिए आई बड़ी खबर, बिक्री में हुआ इजाफा

नए प्रोजेक्‍ट के लॉन्‍च होने के आंकड़ों को देखें तो कई शहरों में जहां 100 फीसदी नुकसान हुआ है जबकि कई अन्‍य शहरों में इसमें कई गुना की बढ़ोतरी भी हुई है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

साल का पहला क्‍वार्टर जहां देश की कई नामी कंपनियों के लिए परेशानी भरा रहा है, वहीं दूसरी ओर आवासीय रियल स्‍टेट के लिए ये क्‍वार्टर खुश खबरी लेकर आया है. हालात ये है कि देश के टॉप शहरों में रियल स्‍टेट में प्रापर्टी सेल में 7 प्रतिशत की ग्रोथ देखने को मिली है. ये खबर पिछले लंबे समय से इंतजार कर रहे रियल स्‍टेट के लिए एक बड़ी खबर है. 

आखिर क्‍या रही इस बढ़ोतरी की वजह 
 मीडिया रिपोर्ट के अनुसार PropEquity ने इसे लेकर कहा है कि भारतीय आवासीय बाजार में यह बढ़ोतरी बुनियादी ढांचे के विकास, सरकारी नीतियों और कई समूहों के मजबूत लॉन्च के कारण हुई है. PropEquity ने रिपोर्ट में दावा किया है कि भारतीय रियल एस्टेट बाजार रेजीडेंसियल सेल्‍स में बिक्री देखने को मिल रही है. रियल एस्टेट डेटा और एनालिटिक्स फर्म की एक रिपोर्ट के मुताबिक, देश के शीर्ष 14 शहरों में मौजूदा वर्ष की पहली तिमाही में रेजीडेंसियल बिक्री में साल-दर-साल आधार पर 7 प्रतिशत की औसत वृद्धि देखी गई है.

किन शहरों में हुई ज्‍यादा बढ़ोतरी 
क्‍वार्टर सेल्‍स के आंकड़ों की मानें तो पुणे, ठाणे और हैदराबाद इस लिस्‍ट में शीर्ष पर रहे हैं, पुणे ने 2023 की पहली तिमाही में 25,536 इकाइयां बेचीं हैं. ये पूरी बिक्री में लगभग 21 प्रतिशत की बाजार हिस्सेदारी थी. ठाणे में 24,481 यूनिट्स की बिक्री हुई, जबकि हैदराबाद में 17,236 यूनिट्स की बिक्री हुई. इन तीन शहरों में सभी 14 शहरों में बेची गई इकाइयों का 54 प्रतिशत से अधिक हिस्सा है.

नए प्रोजेक्‍ट नहीं हो रहे हैं लॉन्‍च 
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एजेंसी की ये रिपोर्ट बताती है कि भारत में लॉन्च होने वाली नई रेजिडेंशियल यूनिट्स की संख्या में गिरावट आई है. इससे पहले ये ट्रेंड 2020 में कोविड-19 महामारी के आने के बाद देखने को मिला था. ऐसा माना जा रहा है कि यह पहले से ही बने और न बिकने वाले स्टॉक की निकासी के कारण ऐसा हुआ है. 2023 की पहली तिमाही में नए लॉन्च किए गए प्रोजेक्‍ट की संख्‍या 2022 की पहली तिमाही में लॉन्च की गई इकाईयों की तुलना में काफी कम है. वर्ष 2022 के पहले क्‍वार्टर में जहां रियल स्‍टेट सेक्‍टर में 113,491 इकाइयां लॉन्‍च हुई थी वहीं 2023 में पहली तिमाही में 93,600 आवासीय इकाइयां लॉन्‍च हुई थी. ये कोई 18 प्रतिशत की कमी देखने को मिली है. 

सबसे कम किस शहर में हुए लॉन्‍च 
समूचे साल के आंकड़ों में अगर शहरों की ओर देखें कि सबसे ज्‍यादा नुकसान किसे हुआ है तो उनमें फरीदाबाद नंबर वन पर है. इसमें साल-दर-साल के आधार पर 100 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, इसके बाद गाजियाबाद में 61 प्रतिशत की गिरावट देखी गई. जबकि इन सभी के विपरीत गुरुग्राम ने 9,610 यूनिट के लॉन्च के साथ में 560 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, इसके बाद चेन्नई में 6,276 इकाइयों की वृद्धि हुई, जो सालाना 135 प्रतिशत की वृद्धि थी. नए लॉन्‍च में कमी की वजह के कई कारण हैं. इनमें मौजूदा बाजार की स्थिति, आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान और निर्माण गतिविधियों में देरी जैसे कारण शामिल हैं. जबकि कई लोग लगातार बढ़ती महंगाई और आरबीआई की संभावित ब्‍याज बढ़ोतरी को भी इसकी वजह मान रहे हैं. 

अर्थव्‍यवस्‍था में निभाई है इसने महत्‍वपूर्ण भूमिका 
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार भारत में रेजीडेंसीयल बाजार ने 2023 के पहले Q1 में महत्वपूर्ण वृद्धि देखी, और इसने देश की अर्थव्यवस्था में एक बड़ी भूमिका निभानी शुरू कर दी प्रॉपइक्विटी के संस्थापक और प्रबंध निदेशक समीर जसूजा ने कहा कि बाजार में पुनरुत्थान पिछले साल से रिकवरी की प्रवृत्ति के कारण हुआ है, इस तिमाही में तिमाही बिक्री नए लॉन्च से 32 प्रतिशत अधिक है. सभी पक्षों ने इस वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए एक साथ काम किया और ग्राहकों की मांगों को स्थानांतरित करने के लिए जल्दी से समायोजित किया. आवासीय बिक्री और लॉन्च रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए क्योंकि ब्रांडेड डेवलपर्स ने अपने खेल को बढ़ाया और आपूर्ति प्रदान की. इस साल की पहली तिमाही में 1,23,938 इकाइयों की बिक्री के साथ, आवासीय बाजार ने विकास के एक नए चरण में प्रवेश किया है और नए मानक स्थापित किए गए हैं.
 


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