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धारावी प्रोजेक्ट को लेकर अडानी पर उठ रहे सवाल, क्यों हो रहा है ऐसा हाल?

धारावी के निवासियों के मन में सवाल है कि क्या सच में अडानी धारावी के पुनर्निर्माण को पूरा कर सकते है या फिर नहीं?

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

हाल ही में महाराष्ट्र सरकार ने, अडानी द्वारा एशिया के सबसे बड़े स्लम में से एक धारावी के पुनर्निर्माण के कॉन्ट्रैक्ट को मंजूरी दे दी थी और तभी से इस मामले को लेकर अडानी लगातार चर्चा में बने हुए हैं. लेकिन धारावी को पुनर्निर्मित करने के भारतीय अरबपति गौतम अडानी के प्लान की वजह से धारावी के निवासी इस वक्त थोड़ी चिंता में हैं. 

क्या हैं प्रमुख सवाल?
इस वक्त अडानी ग्रुप को लगातार कई बड़ी वित्तीय समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. इसके साथ-साथ अडानी ग्रुप पर एक आरोप यह भी है कि ग्रुप को प्रधानमंत्री मोदी की वजह से ही ग्रुप को यह प्रोजेक्ट मिला है. ऐसे में धारावी के निवासियों के मन में सवाल उठने लगे हैं कि क्या सच में अडानी द्वारा धारावी के पुनर्निर्माण के प्रोजेक्ट को पूरा किया जा सकता है या फिर नहीं? आपको बता दें कि धारावी न्यूयॉर्क स्थित सेंट्रल पार्क से तीन गुना ज्यादा बड़ा है और यह Danny Boyle की ऑस्कर जीत चुकी 2008 की फिल्म ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ में भी दिखाया गया है. 

अडानी की इन्वेस्टमेंट और रिटर्न
गौतम अडानी ने धारावी के पुनर्निर्माण के लिए 614 मिलियन डॉलर्स वाला एक कॉन्ट्रैक्ट महाराष्ट्र सरकार के सामने पेश किया था और जुलाई 2023 में महाराष्ट्र सरकार द्वारा इस प्लान को मंजूर कर दिया गया था. अडानी ग्रुप द्वारा कानूनी कागजों में धारावी को ‘अस्वच्छ और खेदजनक’ जगह बताया है और ग्रुप का लक्ष्य है कि वह इस जगह को तोड़कर सरकारी जमीन पर नए टावर बनाए जहां धारावी के निवासी एवं उनके काम की जगह को फिर से बसाया जा सके. बहुत सी रिपोर्ट्स का दावा है कि धारावी के पुनर्निर्माण के लिए अडानी द्वारा लगभग 12 बिलियन डॉलर इन्वेस्ट किए जा सकते हैं जबकि बदले में कंपनी को 24 बिलियन डॉलर्स का रिटर्न प्राप्त हो सकता है. 

किसे मिलेंगे नए घर? 
धारावी में बसाये जाने वाले निवासियों के लिए भी कुछ शर्तें हैं. धारावी के पुनर्निर्माण के बाद केवल उन निवासियों को ही यहां बसाया जाएगा जो साल 2000 से पहले ही धारावी में आकर बसे थे. इस शर्त में भी ध्यान रखने वाली बात ये है कि निवासियों को साल 2000 के बाद तो बसा होना ही चाहिए साथ ही केवल ऐसे लोगों को ही घर दिए जाएंगे जो ग्राउंड फ्लोर पर रहते हैं. 
 

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