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मध्य प्रदेश में 4 अगस्त से शुरू होगा युवा इंटर्नशिप कार्यक्रम, इतने इंटर्न होंगे शामिल
इस योजना को लाने का मकसद सरकार के द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की निगरानी करना और उनका समर्थन करना होगा. इन्हें सरकार 8000 रुपये का वजीफा भी देने जा रही है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 4 अगस्त को राज्य सरकार की प्रमुख योजना ‘मुख्यमंत्री युवा इंटर्नशिप कार्यक्रम’ के दूसरे चरण का उद्घाटन करने जा रहे हैं. इस कार्यक्रम के तहत, सरकार राज्य के 52 जिलों में प्रत्येक ब्लॉक में 15 इंटर्न (जिन्हें मुख्यमंत्री जनसेवा मित्र के रूप में जाना जाता है) की नियुक्ति करेगी. ये सभी इंटर्न राज्य के 52 जिलों के अंतिम छोर तक सरकार की योजनाओं की निगरानी करने के साथ ही उस पर नजर भी रखेंगे. प्रत्येक इंटर्न को उनकी इंटर्नशिप पूरी होने तक 8000 रुपये प्रति माह का वजीफा दिया जाएगा.
दूसरे चरण में क्या होगा खास?
सरकार के इस दूसरे चरण में लगभग 4600 नए युवा इंटर्न, जन सेवा मित्र शामिल होंगे, जिससे ब्लॉक स्तर पर काम करने वाले इंटर्न की कुल संख्या लगभग 9,000 इंटर्न हो जाएगी. यह कार्यक्रम अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान (एआईजीजीपीए) के तत्वावधान में भोपाल के लाल परेड मैदान में आयोजित किया जाएगा. इस कार्यक्रम में सीएम पिछले छह महीनों में बेहतर कार्य करने वाले कुछ प्रशिक्षुओं को उत्कृष्टता प्रमाण पत्र भी प्रदान करेंगे. मुख्यमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उनके परिवार के सदस्यों से आमने-सामने बातचीत भी करेंगे. महत्वाकांक्षी कार्यक्रम के दूसरे चरण की शुरुआत करने के अलावा, मुख्यमंत्री नव चयनित प्रशिक्षुओं को नियुक्ति पत्र वितरित करेंगे.
सरकार की योजना पहुंचे हर जन तक
शिवराज सरकार की इस योजना का मकसद राज्य के युवाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर मौजूद लोगों तक पहुंचाने का है. इस योजना का मकसद ये है कि कुशल लोगों का एक समूह तैयार किया जाए जो सामुदायिक जुड़ाव की दिशा में काम करेगा, योजना के डिस्ट्रीब्यूशन को मजबूत करेगा, विकास संबंधी कार्यों को पूरा करने में निर्वाचित सदस्यों का समर्थन करेगा और सूक्ष्म संचार को बढ़ावा देगा.
क्या है जन सेवा मित्र कार्यक्रम का मकसद?
सरकार के इस जन सेवा मित्र कार्यक्रम का मकसद सरकार के द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को लेकर आम आदमी की प्रतिक्रिया लेना है. इनका मकसद बड़े स्तर पर मौजूद डेटा के आधार पर पब्लिक सर्विस डिलीवरी को मजबूत करना, योजनाओं के लाभार्थियों से बातचीत करना, जिससे किसी भी क्षेत्र की लोकल समस्याओं को पहचाना जा सके. साथ ही ये भी देखने का मकसद है कि योजनाएं आम आदमी को कितना फायदा पहुंचा रही हैं. अगर नहीं पहुंचा रही हैं तो उसका क्या कारण है. दूसरे बैच के चयन के लिए आवेदन प्रक्रिया 2 जुलाई को शुरू हो चुकी है और 10 जुलाई तक जारी रहेगी. राज्य भर में लगभग 4600 नए प्रशिक्षुओं का चयन किया गया, जिससे जिलों के प्रत्येक ब्लॉक में प्रशिक्षुओं की कुल संख्या 30 हो गई.
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