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RBI का बड़ा फैसला: मनी चेंजर्स के नए लाइसेंस पर रोक, फॉरेक्स कारोबार के लिए सख्त नियम लागू
नए नियमों के अनुसार, विदेशी मुद्रा सेवाएं देने के लिए ‘प्रिंसिपल-एजेंट मॉडल’ का विस्तार किया जाएगा. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सेवाएं बेहतर निगरानी और उचित जांच-परख के साथ प्रदान की जाएं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने विदेशी मुद्रा (फॉरेक्स) कारोबार से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है. नए नियमों के तहत अब नए मनी चेंजर्स को लाइसेंस जारी नहीं किए जाएंगे. इसके साथ ही विदेशी मुद्रा लेनदेन करने वाली सभी संस्थाओं के लिए आरबीआई की मंजूरी लेना अनिवार्य कर दिया गया है. केंद्रीय बैंक का यह कदम फॉरेक्स सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ाने और सिस्टम को अधिक मजबूत बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है.
नए मनी चेंजर्स लाइसेंस पर रोक
आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि अब नए फुल फ्लेज्ड मनी चेंजर्स (FFMC) के लिए कोई नया लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा. इसका उद्देश्य मौजूदा ढांचे को मजबूत करना और अनियमितताओं को रोकना बताया गया है. इसके साथ ही विदेशी मुद्रा सेवाओं की डिलीवरी को बेहतर बनाने और अनुपालन प्रक्रिया को आसान करने पर भी जोर दिया गया है.
प्रिंसिपल-एजेंट मॉडल का होगा विस्तार
नए नियमों के अनुसार, विदेशी मुद्रा सेवाएं देने के लिए ‘प्रिंसिपल-एजेंट मॉडल’ का विस्तार किया जाएगा. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सेवाएं बेहतर निगरानी और उचित जांच-परख के साथ प्रदान की जाएं. आरबीआई ने कहा है कि अब किसी भी प्रकार का विदेशी मुद्रा लेनदेन करने के लिए सभी संस्थाओं को केंद्रीय बैंक से अनुमति लेना जरूरी होगा.
तीन श्रेणियों में बांटे गए अधिकृत डीलर
आरबीआई ने फॉरेक्स कारोबार से जुड़े अधिकृत डीलरों को तीन श्रेणियों में विभाजित किया है. AD कैटेगरी-I में बैंक शामिल होंगे, जो सीधे आवेदन कर सकते हैं. AD कैटेगरी-II में NBFC और फुल फ्लेज्ड मनी चेंजर शामिल होंगे, बशर्ते वे कम से कम दो साल से संचालन में हों और उनका औसत वार्षिक फॉरेक्स टर्नओवर पिछले दो वित्तीय वर्षों में 50 करोड़ रुपये रहा हो. वहीं, AD कैटेगरी-III में वे संस्थाएं आएंगी जो विदेशी मुद्रा से जुड़े नए और इनोवेटिव प्रोडक्ट्स और सेवाएं पेश करना चाहती हैं.
नए आवेदन पर सख्त रोक
आरबीआई ने 30 अप्रैल को जारी अधिसूचना में साफ किया है कि अब नए FFMC लाइसेंस के लिए किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा. यह कदम फॉरेक्स सेक्टर को अधिक नियंत्रित और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
फॉरेक्स कारोबार में बड़ा बदलाव
विशेषज्ञों का मानना है कि आरबीआई के इन नए नियमों से फॉरेक्स मार्केट में संरचनात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं. इससे जहां एक ओर निगरानी मजबूत होगी, वहीं दूसरी ओर कारोबार करने वाली संस्थाओं के लिए अनुपालन प्रक्रिया और सख्त हो जाएगी.
आरबीआई का यह फैसला विदेशी मुद्रा बाजार में व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और नियंत्रित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. नए नियमों के लागू होने के बाद फॉरेक्स कारोबार की संरचना में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं.
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