होम / बिजनेस / दमदार नतीजों के बाद बजाज ऑटो का बड़ा फैसला, डिविडेंड के साथ बायबैक का ऐलान

दमदार नतीजों के बाद बजाज ऑटो का बड़ा फैसला, डिविडेंड के साथ बायबैक का ऐलान

बजाज ऑटो के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने FY26 के लिए 150 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड की सिफारिश की है. यह 10 रुपये फेस वैल्यू वाले शेयर पर 1500 प्रतिशत डिविडेंड के बराबर है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 months ago

देश की प्रमुख ऑटो कंपनी बजाज ऑटो (Bajaj Auto) ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के शानदार नतीजों के साथ निवेशकों के लिए बड़ा ऐलान किया है. कंपनी ने 150 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड देने और 12,000 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बड़ा बायबैक लाने की घोषणा की है. कंपनी के मजबूत नतीजों और शेयरधारकों को मिलने वाले फायदे के बाद बाजार में भी उत्साह देखने को मिला और बजाज ऑटो के शेयरों में तेजी दर्ज की गई.

150 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान

बजाज ऑटो के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने FY26 के लिए 150 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड की सिफारिश की है. यह 10 रुपये फेस वैल्यू वाले शेयर पर 1500 प्रतिशत डिविडेंड के बराबर है. कंपनी ने 29 मई 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है, यानी इस तारीख तक जिन निवेशकों के नाम कंपनी के रिकॉर्ड में होंगे, उन्हें डिविडेंड का लाभ मिलेगा. अगर आगामी AGM में शेयरधारकों की मंजूरी मिल जाती है, तो डिविडेंड की राशि 24 जुलाई 2026 के आसपास निवेशकों के खातों में ट्रांसफर की जाएगी.

5,633 करोड़ रुपये का बड़ा बायबैक

कंपनी ने पिछले दो वर्षों में दूसरी बार शेयर बायबैक का ऐलान किया है. बजाज ऑटो करीब 5,633 करोड़ रुपये के शेयर वापस खरीदेगी. बायबैक प्राइस 12,000 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है, जो BSE पर पिछले बंद भाव से लगभग 16 प्रतिशत अधिक है. कंपनी कुल 46.9 लाख शेयर खरीदेगी, जो उसकी कुल इक्विटी का करीब 1.68 प्रतिशत हिस्सा है. कंपनी के अनुसार डिविडेंड और बायबैक को मिलाकर कुल 9,825 करोड़ रुपये शेयरधारकों को लौटाए जाएंगे, जो FY26 के कुल प्रॉफिट आफ्टर टैक्स के लगभग बराबर है.

चौथी तिमाही में मुनाफे में जोरदार उछाल

जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में बजाज ऑटो का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 34 प्रतिशत बढ़कर 2,746 करोड़ रुपये हो गया. पिछले साल इसी अवधि में कंपनी का मुनाफा 2,049 करोड़ रुपये था. वहीं, कंपनी का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट बढ़कर 3,492 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो एक साल पहले 1,801 करोड़ रुपये था. कंपनी ने कहा कि रिकॉर्ड वाहन बिक्री और विदेशी मुद्रा से हुए फायदे ने नतीजों को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई.

राजस्व और EBITDA में भी मजबूत बढ़त

Q4 FY26 में कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 32 प्रतिशत बढ़कर 16,005 करोड़ रुपये हो गया. पिछले साल इसी तिमाही में यह 12,148 करोड़ रुपये था. वहीं, EBITDA 35.6 प्रतिशत बढ़कर 3,322 करोड़ रुपये पहुंच गया. कंपनी का EBITDA मार्जिन भी बढ़कर 20.8 प्रतिशत हो गया, जो पिछले साल 20.2 प्रतिशत था. हालांकि, कंपनी का कुल खर्च भी बढ़कर 15,390 करोड़ रुपये तक पहुंच गया.

वाहन बिक्री में शानदार प्रदर्शन

चौथी तिमाही में बजाज ऑटो की कुल वाहन बिक्री 24 प्रतिशत बढ़कर 13.71 लाख यूनिट हो गई. टू-व्हीलर बिक्री 24 प्रतिशत बढ़कर 11.66 लाख यूनिट रही, जबकि कमर्शियल व्हीकल बिक्री 28 प्रतिशत बढ़कर 2.04 लाख यूनिट पहुंच गई. घरेलू बाजार में भी कंपनी की बिक्री मजबूत रही और दोनों सेगमेंट में दो अंकों की वृद्धि दर्ज की गई.

पूरे साल में शानदार प्रदर्शन

पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट बढ़कर 10,574 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष में 7,324 करोड़ रुपये था. वहीं कुल रेवेन्यू बढ़कर 62,905 करोड़ रुपये पहुंच गया. FY26 में कंपनी की कुल वाहन बिक्री 10 प्रतिशत बढ़कर 51.17 लाख यूनिट रही.

शेयर बाजार में दिखा असर

मजबूत तिमाही नतीजों, बड़े डिविडेंड और बायबैक ऐलान के बाद बजाज ऑटो के शेयरों में तेजी देखने को मिली. BSE पर कंपनी का शेयर करीब 2.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ 10,572 रुपये के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी के मजबूत फंडामेंटल और शेयरधारकों को लगातार बेहतर रिटर्न देने की रणनीति निवेशकों का भरोसा और मजबूत कर सकती है.

 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

सेबी का कमोडिटी सौदा: विदेशी लाते हैं पैसा, भारतीय ब्रोकर उठाते हैं जोखिम

सेबी भारत के फिजिकली सेटल्ड कमोडिटी कॉन्ट्रैक्ट्स में विदेशी फंड्स चाहता है. वे डिलीवरी नहीं ले सकते. इसलिए अगर कोई फंड समय रहते बाहर निकलने में विफल रहता है, तो उसकी पोजीशन बाजार बंद होने के बाद अपने आप एक भारतीय ब्रोकर की खुद की बुक्स में चली जाती है. फंड "किसी भी आगे के अधिकार, टाइटल, दायित्व या एक्सपोजर" से मुक्त हो जाता है. ब्रोकर यह सब अपने ऊपर ले लेता है. SEBI इसे एक सुरक्षा उपाय कहता है.

6 hours ago

20 वर्षों में भारत की GDP 38 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है: अजीत डोभाल

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि अगले दो दशकों में भारत का आर्थिक विस्तार नई पीढ़ी के स्नातकों के लिए अवसर पैदा कर सकता है.

7 hours ago

सरकारी जमीन और बिल्डिंग्स से जुटाए जाएंगे ₹5,000 करोड़ से ज्यादा, NLMC ने तेज की एसेट मॉनेटाइजेशन प्रक्रिया

NLMC बोर्ड ने 5,000 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की अतिरिक्त जमीन और बिल्डिंग संपत्तियों के मॉनेटाइजेशन की सिफारिश की है.

8 hours ago

बकाया टैक्स पर गिरफ्तारी नहीं, संपत्ति कुर्क कर होगी वसूली; CBDT ने नियमों में किया बदलाव

सीबीडीटी ने 17 सितंबर को जारी अधिसूचना के जरिए आयकर नियम, 2026 के नियम 225 में संशोधन किया है. यह नियम टैक्स बकाया की वसूली की प्रक्रिया से संबंधित है.

9 hours ago

पावर प्लांट्स में सिर्फ 9 दिन का कोयला, 42% घटा स्टॉक; लॉजिस्टिक्स बनी बड़ी चुनौती

बिजली की बढ़ती मांग और परिवहन संबंधी दिक्कतों के चलते थर्मल पावर प्लांट्स में कोयले का दबाव बढ़ा, 190 में से 51 प्लांट्स में स्टॉक गंभीर स्तर पर

10 hours ago


बड़ी खबरें

बकाया टैक्स पर गिरफ्तारी नहीं, संपत्ति कुर्क कर होगी वसूली; CBDT ने नियमों में किया बदलाव

सीबीडीटी ने 17 सितंबर को जारी अधिसूचना के जरिए आयकर नियम, 2026 के नियम 225 में संशोधन किया है. यह नियम टैक्स बकाया की वसूली की प्रक्रिया से संबंधित है.

9 hours ago

सेबी का कमोडिटी सौदा: विदेशी लाते हैं पैसा, भारतीय ब्रोकर उठाते हैं जोखिम

सेबी भारत के फिजिकली सेटल्ड कमोडिटी कॉन्ट्रैक्ट्स में विदेशी फंड्स चाहता है. वे डिलीवरी नहीं ले सकते. इसलिए अगर कोई फंड समय रहते बाहर निकलने में विफल रहता है, तो उसकी पोजीशन बाजार बंद होने के बाद अपने आप एक भारतीय ब्रोकर की खुद की बुक्स में चली जाती है. फंड "किसी भी आगे के अधिकार, टाइटल, दायित्व या एक्सपोजर" से मुक्त हो जाता है. ब्रोकर यह सब अपने ऊपर ले लेता है. SEBI इसे एक सुरक्षा उपाय कहता है.

6 hours ago

20 वर्षों में भारत की GDP 38 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है: अजीत डोभाल

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि अगले दो दशकों में भारत का आर्थिक विस्तार नई पीढ़ी के स्नातकों के लिए अवसर पैदा कर सकता है.

7 hours ago

सरकारी जमीन और बिल्डिंग्स से जुटाए जाएंगे ₹5,000 करोड़ से ज्यादा, NLMC ने तेज की एसेट मॉनेटाइजेशन प्रक्रिया

NLMC बोर्ड ने 5,000 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की अतिरिक्त जमीन और बिल्डिंग संपत्तियों के मॉनेटाइजेशन की सिफारिश की है.

8 hours ago

भारत के फॉरेक्स रिजर्व में 4.924 अरब डॉलर की गिरावट, 10 हफ्तों की बढ़त पर लगा ब्रेक

विदेशी मुद्रा आस्तियां देश के कुल विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा होती हैं. डॉलर में व्यक्त FCA में यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं की विनिमय दरों में होने वाले बदलाव का असर भी शामिल होता है.

15 hours ago