होम / बिजनेस / सरकारी जमीन और बिल्डिंग्स से जुटाए जाएंगे ₹5,000 करोड़ से ज्यादा, NLMC ने तेज की एसेट मॉनेटाइजेशन प्रक्रिया
सरकारी जमीन और बिल्डिंग्स से जुटाए जाएंगे ₹5,000 करोड़ से ज्यादा, NLMC ने तेज की एसेट मॉनेटाइजेशन प्रक्रिया
NLMC बोर्ड ने 5,000 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की अतिरिक्त जमीन और बिल्डिंग संपत्तियों के मॉनेटाइजेशन की सिफारिश की है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
नेशनल लैंड मॉनेटाइजेशन कॉर्पोरेशन (NLMC) ने 5,000 करोड़ रुपए से ज्यादा मूल्य की अतिरिक्त सरकारी जमीन और बिल्डिंग संपत्तियों के मॉनेटाइजेशन के प्रस्तावों की सिफारिश की है. सरकार कम इस्तेमाल हो रही और अतिरिक्त सरकारी संपत्तियों से आर्थिक वैल्यू हासिल करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है. वित्त मंत्रालय के मुताबिक, ये सिफारिशें 18 सितंबर को NLMC के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की 21वीं बैठक में की गईं.
बैठक में NLMC के एसेट मॉनेटाइजेशन प्रोग्राम, वित्तीय प्रदर्शन और संस्थागत पहलों की प्रगति की समीक्षा की गई. बोर्ड ने सरकारी संस्थाओं के पास मौजूद अतिरिक्त और कम इस्तेमाल हो रही जमीन व बिल्डिंग संपत्तियों की पहचान कर उनके मूल्य को अनलॉक करने की प्रक्रिया में तेजी लाने पर जोर दिया.
संपत्तियों की पहचान से मॉनेटाइजेशन तक की होगी प्रक्रिया
बैठक में बोर्ड ने सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेज (CPSEs) और अन्य सरकारी संस्थाओं के साथ NLMC के कामकाज की समीक्षा की. इसमें उपयुक्त संपत्तियों की पहचान, ड्यू डिलिजेंस यानी जांच-पड़ताल, वैल्यूएशन और मॉनेटाइजेशन की प्रक्रिया तैयार करने जैसे पहलुओं पर चर्चा हुई.
बोर्ड ने प्रक्रिया को तेज करने के साथ यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि चिन्हित संपत्तियों का मॉनेटाइजेशन उचित और पारदर्शी तरीके से किया जाए. इसके अलावा संबंधित सरकारी संस्थाओं और अन्य स्टेकहोल्डर्स के साथ बेहतर तालमेल बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया गया, ताकि अतिरिक्त संपत्तियों के मॉनेटाइजेशन में देरी न हो.
क्या है NLMC और इसका काम?
NLMC केंद्र सरकार की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी है, जो वित्त मंत्रालय के डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक एंटरप्राइजेज के प्रशासनिक नियंत्रण में काम करती है. इसका मुख्य उद्देश्य केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (CPSEs) और अन्य सरकारी संस्थाओं के पास मौजूद अतिरिक्त जमीन और बिल्डिंग संपत्तियों के मॉनेटाइजेशन में मदद करना है.
NLMC मंत्रालयों, विभागों, CPSEs और अन्य सरकारी संस्थाओं के साथ मिलकर ऐसी संपत्तियों की पहचान, वैल्यूएशन और मॉनेटाइजेशन की प्रक्रिया में सहायता करता है, जिनकी अब जरूरत नहीं है या जिनका इस्तेमाल कम हो रहा है.
वित्त मंत्रालय के अनुसार, NLMC का कामकाज पारदर्शिता, दक्षता और संपत्तियों से उचित मूल्य हासिल करने पर केंद्रित है. इसका उद्देश्य सरकारी संपत्तियों के मॉनेटाइजेशन के लिए ज्यादा व्यवस्थित प्रक्रिया तैयार करना है.
वित्त वर्ष 2025-26 के वित्तीय दस्तावेजों को भी मंजूरी
NLMC के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के सालाना वित्तीय स्टेटमेंट और डायरेक्टर्स की रिपोर्ट को भी मंजूरी दी. मंत्रालय के मुताबिक, कॉर्पोरेशन आगे भी संपत्ति की मालिक सरकारी संस्थाओं के साथ मिलकर अतिरिक्त संपत्तियों की पहचान, वैल्यूएशन और मॉनेटाइजेशन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा.
यह पहल सरकार के व्यापक एसेट मॉनेटाइजेशन कार्यक्रम का हिस्सा है. इसके तहत मौजूदा सरकारी संपत्तियों से आर्थिक मूल्य हासिल करने और उनके बेहतर इस्तेमाल के लिए एक व्यवस्थित ढांचा तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है.
टैग्स