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Paytm के शेयरों में 7% से ज्यादा उछाल, पहली बार पूरे साल मुनाफे में आई कंपनी

मार्च तिमाही में कंपनी की कुल आय सालाना आधार पर 18.4 प्रतिशत बढ़कर 2,264 करोड़ रुपये हो गई. वहीं EBITDA भी अब पॉजिटिव हो गया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 months ago

डिजिटल पेमेंट और फिनटेक कंपनी पेटीएम (Paytm) की पैरेंट कंपनी One 97 Communications के शेयरों में गुरुवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली. कंपनी के मजबूत तिमाही नतीजों और पहली बार पूरे वित्त वर्ष में मुनाफे में आने के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा है. कारोबार के दौरान खबर लिखे जाने तक पेटीएम का शेयर 7.11 प्रतिशत तक उछलकर 1,189.60 रुपये के स्तर पर पहुंच गया. विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी के बिजनेस मॉडल में सुधार और फाइनेंशियल सर्विसेज से बढ़ती कमाई आने वाले समय में स्टॉक को और मजबूती दे सकती है.

एक साल में 34% चढ़ा शेयर

पिछले एक साल में पेटीएम के शेयरों में करीब 34 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है. खास बात यह रही कि इस दौरान Nifty 50 इंडेक्स लगभग सपाट रहा, जबकि पेटीएम ने बाजार से बेहतर प्रदर्शन किया. कंपनी का मार्केट कैप भी बढ़कर 74 हजार करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया है, जो निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है.

चौथी तिमाही में 184 करोड़ रुपये का मुनाफा

कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में 184 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है. पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को 540 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था. इस तरह कंपनी ने एक साल में घाटे से मुनाफे तक का बड़ा बदलाव दिखाया है. पेटीएम के मुताबिक, ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस में सुधार और फाइनेंशियल सर्विसेज बिजनेस की मजबूत ग्रोथ इसकी प्रमुख वजह रही.

पहली बार पूरे साल रही फायदे में

वित्त वर्ष 2026 पेटीएम के लिए ऐतिहासिक रहा, क्योंकि कंपनी पहली बार पूरे साल मुनाफे में रही. पूरे वित्त वर्ष में कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 552 करोड़ रुपये दर्ज किया गया. यह कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है, खासकर ऐसे समय में जब पिछले साल आरबीआई की कार्रवाई के बाद कंपनी को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा था.

रेवेन्यू और EBITDA में मजबूत सुधार

मार्च तिमाही में कंपनी की कुल आय सालाना आधार पर 18.4 प्रतिशत बढ़कर 2,264 करोड़ रुपये हो गई. वहीं EBITDA भी अब पॉजिटिव हो गया है. पिछले साल जहां EBITDA 88 करोड़ रुपये के नुकसान में था, वहीं इस बार यह 132 करोड़ रुपये के मुनाफे में पहुंच गया. EBITDA मार्जिन 5 प्रतिशत रहा. कंपनी का कहना है कि लागत नियंत्रण और बेहतर ऑपरेटिंग एफिशिएंसी की वजह से यह सुधार संभव हो पाया है.

UPI और लोन बिजनेस बना ग्रोथ इंजन

पेटीएम के पेमेंट और लेंडिंग बिजनेस में भी मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई. कंपनी के कन्ज्यूमर यूपीआई ग्रोस ट्रांजेक्शन  वैल्यू में सालाना आधार पर 46 प्रतिशत की वृद्धि हुई. इसके अलावा, हर महीने ट्रांजैक्शन करने वाले यूजर्स की संख्या बढ़कर 7.7 करोड़ तक पहुंच गई. इससे साफ संकेत मिलता है कि पेटीएम के प्लेटफॉर्म पर यूजर एक्टिविटी लगातार बढ़ रही है. फाइनेंशियल सर्विसेज से कंपनी की आय 37 प्रतिशत बढ़कर 750 करोड़ रुपये हो गई, जबकि पेमेंट सर्विसेज से 1,265 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल हुआ.

कंट्रीब्यूशन प्रॉफिट और मार्जिन में बढ़त

कंपनी का कंट्रीब्यूशन प्रॉफिट बढ़कर 1,254 करोड़ रुपये हो गया है. वहीं कंट्रीब्यूशन मार्जिन बढ़कर 55 प्रतिशत पहुंच गया. इसका मतलब है कि कंपनी अब अपने बिजनेस मॉडल से बेहतर कमाई कर रही है और बढ़ते स्केल का फायदा मिल रहा है.

RBI संकट के बाद वापसी के संकेत

पेटीएम के लिए पिछला एक साल चुनौतीपूर्ण रहा था. पेटीएम पेमेंट बैंक पर आरबीआई की कार्रवाई के बाद कंपनी के कई ऑपरेशंस प्रभावित हुए थे. हालांकि अब कंपनी पार्टनर-बेस्ड मॉडल के जरिए यूपीआई और पेमेंट सेवाएं चला रही है. नए मॉडल के तहत कंपनी धीरे-धीरे अपने कारोबार को स्थिर करने और दोबारा तेजी से विस्तार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है. ताजा नतीजों से संकेत मिल रहा है कि पेटीएम अब मुश्किल दौर से बाहर निकलती दिखाई दे रही है और बाजार का भरोसा फिर मजबूत हो रहा है.
 


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