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अमेरिका-ईरान शांति वार्ता की अनिश्चितता से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, बाजार सतर्क
निवेशकों ने अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की संभावना और समय-सीमा का पुनर्मूल्यांकन किया, जिससे पश्चिम एशिया से आपूर्ति बाधित होने की चिंताओं में बदलाव देखने को मिला.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
वैश्विक बाजारों में गुरुवार को शुरुआती कारोबार के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में तेजी दर्ज की गई. यह उछाल उस गिरावट के बाद आया है, जिसमें पिछले सत्र में कीमतें 7 प्रतिशत से अधिक गिर गई थीं. निवेशकों ने अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की संभावना और समय-सीमा का पुनर्मूल्यांकन किया, जिससे पश्चिम एशिया से आपूर्ति बाधित होने की चिंताओं में बदलाव देखने को मिला.
ब्रेंट और WTI क्रूड में बढ़ोतरी
ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 88 सेंट यानी 0.9 प्रतिशत बढ़कर 102.15 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 1.12 डॉलर यानी 1.2 प्रतिशत बढ़कर 96.20 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था.
पिछली गिरावट के बाद रिकवरी
यह रिकवरी बुधवार को हुई तेज गिरावट के बाद देखने को मिली, जब दोनों बेंचमार्क दो सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गए थे. उस समय बाजारों में यह उम्मीद थी कि कूटनीतिक प्रयासों से पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष समाप्त हो सकता है.
हालांकि, बाद में बाजार की धारणा बदल गई जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि तेहरान के साथ आमने-सामने बातचीत के लिए “अभी समय नहीं है”, जिससे संकेत मिला कि वार्ता अभी भी अस्थिर स्थिति में है.
ईरान की प्रतिक्रिया और वार्ता की स्थिति
इसी बीच, एक वरिष्ठ ईरानी सांसद ने कथित तौर पर अमेरिकी प्रस्ताव को “समझौते का ठोस ढांचा” नहीं बल्कि केवल एक “इच्छा सूची” बताया. अमेरिकी मीडिया आउटलेट एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, वॉशिंगटन ने ईरान से अगले 48 घंटों के भीतर संभावित समझौते से जुड़े कई प्रमुख बिंदुओं पर जवाब मांगा है. रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों पक्ष संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक किसी भी समय की तुलना में समझौते के सबसे करीब हैं.
आपूर्ति में देरी की आशंका
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि जल्द ही शांति समझौता भी हो जाता है, तो पश्चिम एशिया से कच्चे तेल की आपूर्ति सामान्य होने में कई सप्ताह लग सकते हैं. इस दौरान वैश्विक रिफाइनर और ऊर्जा कंपनियां मांग पूरी करने के लिए अपने भंडार का उपयोग करती रहेंगी.
अमेरिकी भंडार में गिरावट से समर्थन
कीमतों को अतिरिक्त समर्थन तब मिला जब अमेरिकी सरकार के बुधवार को जारी आंकड़ों में कच्चे तेल और ईंधन के भंडार में फिर गिरावट दर्ज की गई. यूएस एनर्जी इंफॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन (EIA) ने बताया कि ईरान संकट से जुड़ी आपूर्ति बाधाओं की भरपाई के प्रयासों के कारण भंडार लगातार कम हो रहा है.
वैश्विक घटनाओं पर भी नजर
निवेशक अब पश्चिम एशिया के बाहर की भू-राजनीतिक घटनाओं पर भी नजर बनाए हुए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अगले सप्ताह होने वाली बैठक भी वैश्विक बाजार धारणा और मांग के अनुमान को प्रभावित कर सकती है.
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