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इन्वेस्टमेंट बैंकिंग में एंट्री की तैयारी में Zerodha, सेबी से मांगा मर्चेंट बैंकिंग लाइसेंस

सेबी से मंजूरी मिलने के बाद कंपनी आईपीओ प्रबंधन, पूंजी जुटाने की सलाह और अन्य कॉर्पोरेट फाइनेंस सेवाएं प्रदान कर सकेगी.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 month ago

देश की प्रमुख डिस्काउंट ब्रोकरेज कंपनी जेरोधा अब अपने कारोबार का दायरा बढ़ाने की तैयारी में है. कंपनी ने निवेश बैंकिंग कारोबार में प्रवेश के लिए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) से कैटेगरी-1 मर्चेंट बैंकिंग लाइसेंस के लिए आवेदन किया है. मंजूरी मिलने के बाद कंपनी आईपीओ प्रबंधन, पूंजी जुटाने की सलाह और अन्य कॉर्पोरेट फाइनेंस सेवाएं प्रदान कर सकेगी.

सेबी से मांगी कैटेगरी-1 मर्चेंट बैंकिंग लाइसेंस

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जेरोधा ने अपनी इकाई 'जेरोधा कॉरपोरेट एडवाइजर्स' के जरिए अप्रैल 2026 में सेबी के पास कैटेगरी-1 मर्चेंट बैंकिंग लाइसेंस के लिए आवेदन किया था. फिलहाल यह आवेदन नियामकीय मंजूरी का इंतजार कर रहा है. कंपनी ने भी इस आवेदन की पुष्टि की है, हालांकि लाइसेंस मिलने तक उसने अपने विस्तृत कारोबारी योजनाओं का खुलासा नहीं किया है.

लाइसेंस मिलने पर क्या कर सकेगी कंपनी?

कैटेगरी-1 मर्चेंट बैंकिंग लाइसेंस मिलने के बाद जेरोधा को निवेश बैंकिंग से जुड़ी कई सेवाएं देने की अनुमति मिल जाएगी. इनमें आईपीओ प्रबंधन, कंपनियों को पूंजी जुटाने संबंधी सलाह, इश्यू मैनेजमेंट, अंडरराइटिंग और अन्य कॉर्पोरेट फाइनेंस सेवाएं शामिल हैं.

तेजी से बढ़ रहा है IPO बाजार

जेरोधा का यह कदम ऐसे समय आया है जब भारत का प्राथमिक बाजार लगातार मजबूत बना हुआ है. बड़ी संख्या में स्टार्टअप, टेक्नोलॉजी कंपनियां और स्थापित कारोबारी समूह शेयर बाजार के जरिए पूंजी जुटाने की तैयारी कर रहे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में देश में आईपीओ गतिविधियां तेज बनी रह सकती हैं, जिससे निवेश बैंकिंग कारोबार में अवसर बढ़ेंगे.

बड़ी कंपनियों को मिलेगी चुनौती

यदि जेरोधा को सेबी से मंजूरी मिल जाती है तो कंपनी निवेश बैंकिंग क्षेत्र में पहले से मौजूद बड़ी कंपनियों को चुनौती दे सकती है. फिलहाल आईपीओ सलाह और कैपिटल मार्केट कारोबार में JM Financial, Kotak Mahindra Capital, Axis Capital और ICICI Securities जैसी कंपनियों का दबदबा है.

वित्तीय सेवाओं के विस्तार पर फोकस

पिछले कुछ वर्षों में जेरोधा ने अपनी सेवाओं का लगातार विस्तार किया है. कंपनी निवेश और वेल्थ मैनेजमेंट से जुड़े कई उत्पाद पेश कर चुकी है. हाल ही में कंपनी ने अपने Coin प्लेटफॉर्म पर फिक्स्ड डिपॉजिट निवेश की सुविधा शुरू की है, जिससे ग्राहक साझेदार बैंकों की एफडी में निवेश कर सकते हैं और एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उनका प्रबंधन कर सकते हैं.

टेक्नोलॉजी और निवेशक नेटवर्क का मिलेगा फायदा

उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि निवेश बैंकिंग कारोबार में प्रवेश से जेरोधा अपनी मजबूत तकनीकी क्षमता और बड़े रिटेल निवेशक आधार का लाभ उठा सकती है. उभरती कंपनियों और स्टार्टअप्स को पूंजी जुटाने में सहायता देने के साथ कंपनी अपने कारोबार को नई दिशा दे सकती है.

पूंजी बाजार में बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा

भारत का आईपीओ बाजार लगातार विस्तार कर रहा है, खासकर नई तकनीक आधारित और स्टार्टअप कंपनियों के बीच. ऐसे में जेरोधा की संभावित एंट्री निवेश बैंकिंग क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा को और तेज कर सकती है और देश के पूंजी बाजार परिदृश्य में नए बदलाव ला सकती है.


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