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हाउसिंग मार्केट की रफ्तार पड़ी धीमी, दूसरी तिमाही में घरों की बिक्री 6% घटी: रिपोर्ट

ANAROCK रिसर्च के अनुसार, दूसरी तिमाही में देश के सात प्रमुख शहरों में करीब 90,715 आवासीय इकाइयों की बिक्री हुई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 96,285 यूनिट था.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 month ago

देश के शीर्ष सात शहरों में आवासीय बाजार की रफ्तार दूसरी तिमाही में कुछ धीमी पड़ती दिखाई दी है. ANAROCK की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल-जून 2026 तिमाही में घरों की बिक्री सालाना आधार पर 6 फीसदी घटकर 90,715 यूनिट रह गई. हालांकि, इस दौरान नए प्रोजेक्ट्स की लॉन्चिंग में 7 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई. पश्चिम एशिया में जारी युद्ध, सप्लाई चेन में व्यवधान और आर्थिक अनिश्चितताओं का असर रियल एस्टेट बाजार पर देखने को मिला.

6 फीसदी घटी घरों की बिक्री

ANAROCK रिसर्च के अनुसार, दूसरी तिमाही में देश के सात प्रमुख शहरों में करीब 90,715 आवासीय इकाइयों की बिक्री हुई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 96,285 यूनिट था. तिमाही आधार पर भी बिक्री में 11 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) और बेंगलुरु ने कुल बिक्री में सबसे बड़ा योगदान दिया. दोनों शहरों में मिलाकर लगभग 43,995 घरों की बिक्री हुई, जो कुल बिक्री का करीब 48 फीसदी है.

सिर्फ तीन शहरों में बढ़ी बिक्री

सालाना आधार पर केवल कोलकाता, हैदराबाद और बेंगलुरु में ही घरों की बिक्री बढ़ी. कोलकाता में 10 फीसदी, हैदराबाद में 2 फीसदी और बेंगलुरु में 1 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई. वहीं पुणे में सबसे ज्यादा 15 फीसदी की गिरावट देखने को मिली. एनसीआर, मुंबई और चेन्नई में भी बिक्री में कमी दर्ज की गई.

नए प्रोजेक्ट्स की लॉन्चिंग में बढ़ोतरी

बिक्री में नरमी के बावजूद नई आवासीय परियोजनाओं की लॉन्चिंग में तेजी बनी रही. दूसरी तिमाही में लगभग 1.06 लाख नई यूनिट्स लॉन्च की गईं, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 7 फीसदी अधिक हैं. हालांकि, तिमाही आधार पर नई सप्लाई में 16 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. विशेषज्ञों का मानना है कि खरीदारों की कमजोर होती धारणा और वैश्विक अनिश्चितताओं के चलते डेवलपर्स ने नई परियोजनाओं की रफ्तार कुछ धीमी की है.

MMR और बेंगलुरु रहे सबसे आगे

नई सप्लाई के मामले में मुंबई महानगर क्षेत्र और बेंगलुरु सबसे आगे रहे. दोनों शहरों ने कुल नई सप्लाई में 53 फीसदी हिस्सेदारी दर्ज की. मुंबई में 34,555 नई यूनिट्स लॉन्च की गईं, जबकि बेंगलुरु में 21,670 यूनिट्स बाजार में आईं. हैदराबाद में नई लॉन्चिंग में सबसे ज्यादा 53 फीसदी की सालाना वृद्धि दर्ज की गई.

प्रीमियम और लग्जरी घरों की मांग मजबूत

रिपोर्ट के मुताबिक, 80 लाख रुपये से 1.5 करोड़ रुपये कीमत वाले घरों की सप्लाई सबसे ज्यादा 27 फीसदी रही. इसके बाद 1.5 करोड़ से 2.5 करोड़ रुपये के सेगमेंट की हिस्सेदारी 25 फीसदी रही. वहीं 2.5 करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाले लग्जरी घरों की हिस्सेदारी 22 फीसदी रही. किफायती आवास की हिस्सेदारी घटकर केवल 6 फीसदी रह गई है.

प्रॉपर्टी कीमतों में भी बढ़ोतरी

शीर्ष सात शहरों में औसत आवासीय कीमतों में सालाना आधार पर 7 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई. हालांकि, तिमाही आधार पर कीमतों में सिर्फ 1 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. एनसीआर में सबसे ज्यादा 13 फीसदी की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि बेंगलुरु में कीमतें 8 फीसदी बढ़ीं.

इन्वेंट्री बढ़ी, बेंगलुरु सबसे आगे

दूसरी तिमाही के अंत तक शीर्ष सात शहरों में उपलब्ध आवासीय इन्वेंट्री बढ़कर 6.16 लाख यूनिट से अधिक हो गई, जो पिछले साल के मुकाबले 10 फीसदी ज्यादा है. बेंगलुरु में सबसे अधिक 34 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि एनसीआर ऐसा एकमात्र शहर रहा जहां इन्वेंट्री लगभग स्थिर बनी रही.

विशेषज्ञ क्या कहते हैं?

ANAROCK ग्रुप के चेयरमैन अनुज पुरी के मुताबिक, पश्चिम एशिया में जारी युद्ध, सप्लाई चेन में व्यवधान और आईटी क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी अनिश्चितताओं का असर खरीदारों के रुख पर पड़ा है. उन्होंने कहा कि अब बाजार पहले की तुलना में अधिक संतुलित दिखाई दे रहा है, जहां नई सप्लाई और मांग के बीच संतुलन बन रहा है. प्रीमियम हाउसिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर और रोजगार केंद्रों वाले शहरों में मांग अपेक्षाकृत मजबूत बनी हुई है.
 


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