होम / बिजनेस / भारत का निर्यात बना नई ताकत, 863 अरब डॉलर के पार पहुंचा विदेशी व्यापार

भारत का निर्यात बना नई ताकत, 863 अरब डॉलर के पार पहुंचा विदेशी व्यापार

निर्यात वृद्धि में सबसे बड़ा योगदान सेवा क्षेत्र का रहा है. सेवा निर्यात 2024-25 में 387.55 अरब डॉलर से बढ़कर 2025-26 में 421.32 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, जो 8.71 प्रतिशत की वृद्धि है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago

वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारत ने वित्त वर्ष 2026 में निर्यात के मोर्चे पर ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है. देश का कुल माल और सेवाओं का निर्यात बढ़कर 863.11 अरब डॉलर तक पहुंच गया है. यह पिछले वर्ष की तुलना में 4.59 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है और भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को उजागर करता है.

रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा कुल निर्यात

वाणिज्य मंत्रालय के संशोधित आंकड़ों के अनुसार भारत का कुल निर्यात वित्त वर्ष 2024-25 के 825.26 अरब डॉलर से बढ़कर 2025-26 में 863.11 अरब डॉलर हो गया है. यह अब तक का सबसे उच्च स्तर है. रुपये के हिसाब से यह आंकड़ा लगभग 81.42 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो भारत के वैश्विक व्यापार में बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है.

हर मिनट 15 करोड़ रुपये का निर्यात

सरकारी डेटा के अनुसार भारत ने पिछले वित्त वर्ष में औसतन हर मिनट 15.50 करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात किया. इसके अलावा हर दिन लगभग 22,325 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ और हर 24 घंटे में करीब 930 करोड़ रुपये का व्यापार दर्ज किया गया. यह आंकड़े देश की मजबूत होती निर्यात क्षमता और वैश्विक बाजार में बढ़ती हिस्सेदारी को दर्शाते हैं.

वस्तु निर्यात में हल्की बढ़त

रिपोर्ट के अनुसार वस्तु यानी गुड्स निर्यात 437.70 अरब डॉलर से बढ़कर 441.78 अरब डॉलर हो गया है. यह 0.93 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है. वैश्विक अनिश्चितताओं और व्यापारिक चुनौतियों के बावजूद भारत का माल निर्यात लगातार स्थिर गति से आगे बढ़ता रहा है और कुल निर्यात में अहम योगदान देता रहा है.

सेवा निर्यात बना सबसे मजबूत क्षेत्र

निर्यात वृद्धि में सबसे बड़ा योगदान सेवा क्षेत्र का रहा है. सेवा निर्यात 2024-25 में 387.55 अरब डॉलर से बढ़कर 2025-26 में 421.32 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, जो 8.71 प्रतिशत की वृद्धि है. यह अब तक का सबसे उच्च स्तर है. विशेषज्ञों के अनुसार IT सेवाएं, बिजनेस सॉल्यूशंस और प्रोफेशनल एक्सपर्टीज की बढ़ती वैश्विक मांग ने इस क्षेत्र को मजबूत बनाया है.

अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत

विशेषज्ञों का मानना है कि निर्यात में यह वृद्धि भारत की वैश्विक बाजार में बढ़ती हिस्सेदारी और आर्थिक स्थिरता का संकेत है. वैश्विक चुनौतियों के बावजूद यह प्रदर्शन दिखाता है कि भारत की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में उसकी स्थिति और सशक्त बन रही है.

वित्त वर्ष 2026 में भारत का रिकॉर्ड निर्यात यह दर्शाता है कि देश तेजी से वैश्विक व्यापार में अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है. माल और सेवाओं दोनों क्षेत्रों में हुई वृद्धि ने भारतीय अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है और भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत दिए हैं.
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

Shiprocket IPO: ₹1,618 करोड़ का पब्लिक इश्यू 12 अगस्त से खुलेगा, ₹92-97 तय हुआ प्राइस बैंड

कंपनी इस फंड का इस्तेमाल टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म को मजबूत करने, मार्केटिंग, कर्ज चुकाने और रणनीतिक अधिग्रहण के लिए करेगी.

6 hours ago

भारत के स्टील सेक्टर की मजबूत शुरुआत, अप्रैल-जुलाई में उत्पादन और खपत दोनों बढ़े; आयात में भी बड़ा उछाल

वित्त वर्ष 2026-27 के पहले चार महीनों में कच्चे इस्पात का उत्पादन 2.6% बढ़कर 5.63 करोड़ टन पहुंचा, जबकि तैयार इस्पात की खपत 7.8% बढ़ी.

6 hours ago

LIC के 31,500 करोड़ रुपये के OFS ने चौंकाए बैंकर, सरकार ने रिकॉर्ड समय में पूरी की सबसे बड़ी हिस्सेदारी बिक्री

इस हिस्सेदारी बिक्री के जरिए LIC ने मई 2027 की तय समयसीमा से काफी पहले 10% न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता की अनिवार्य शर्त भी पूरी कर ली.

6 hours ago

बजाज जनरल इंश्योरेंस और Swiss Re की बड़ी साझेदारी, भारत में कमर्शियल इंश्योरेंस को मिलेगा बढ़ावा

इस साझेदारी के तहत हाई-टेक, मैन्युफैक्चरिंग और अंतरराष्ट्रीय कारोबार करने वाली भारतीय कंपनियों के लिए विशेष बीमा समाधान विकसित किए जाएंगे.

8 hours ago

ZEE ने Serie A समेत इटली की प्रमुख फुटबॉल लीग्स के एक्सक्लूसिव मीडिया राइट्स हासिल किए

इस समझौते के तहत भारत के अलावा बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, भूटान, अफगानिस्तान और मालदीव में भी इन प्रतिष्ठित फुटबॉल प्रतियोगिताओं का प्रसारण और डिजिटल स्ट्रीमिंग ZEE के पास होगी.

11 hours ago


बड़ी खबरें

LIC के 31,500 करोड़ रुपये के OFS ने चौंकाए बैंकर, सरकार ने रिकॉर्ड समय में पूरी की सबसे बड़ी हिस्सेदारी बिक्री

इस हिस्सेदारी बिक्री के जरिए LIC ने मई 2027 की तय समयसीमा से काफी पहले 10% न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता की अनिवार्य शर्त भी पूरी कर ली.

6 hours ago

Shiprocket IPO: ₹1,618 करोड़ का पब्लिक इश्यू 12 अगस्त से खुलेगा, ₹92-97 तय हुआ प्राइस बैंड

कंपनी इस फंड का इस्तेमाल टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म को मजबूत करने, मार्केटिंग, कर्ज चुकाने और रणनीतिक अधिग्रहण के लिए करेगी.

6 hours ago

भारत के स्टील सेक्टर की मजबूत शुरुआत, अप्रैल-जुलाई में उत्पादन और खपत दोनों बढ़े; आयात में भी बड़ा उछाल

वित्त वर्ष 2026-27 के पहले चार महीनों में कच्चे इस्पात का उत्पादन 2.6% बढ़कर 5.63 करोड़ टन पहुंचा, जबकि तैयार इस्पात की खपत 7.8% बढ़ी.

6 hours ago

सोने में 6-8% की गिरावट के बाद आएगी बड़ी तेजी! MOFSL ने 12-15 महीनों में 5,500 डॉलर का दिया लक्ष्य

ब्रोकरेज का अनुमान है कि मौजूदा स्तर से सोने में 6-8 फीसदी की गिरावट आ सकती है. इसके बाद कीमतें पहले 4,800 डॉलर प्रति औंस और फिर 12-15 महीनों में 5,500 डॉलर प्रति औंस से ऊपर पहुंच सकती हैं.

11 hours ago

बजाज जनरल इंश्योरेंस और Swiss Re की बड़ी साझेदारी, भारत में कमर्शियल इंश्योरेंस को मिलेगा बढ़ावा

इस साझेदारी के तहत हाई-टेक, मैन्युफैक्चरिंग और अंतरराष्ट्रीय कारोबार करने वाली भारतीय कंपनियों के लिए विशेष बीमा समाधान विकसित किए जाएंगे.

8 hours ago