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भारत के स्टील सेक्टर की मजबूत शुरुआत, अप्रैल-जुलाई में उत्पादन और खपत दोनों बढ़े; आयात में भी बड़ा उछाल
वित्त वर्ष 2026-27 के पहले चार महीनों में कच्चे इस्पात का उत्पादन 2.6% बढ़कर 5.63 करोड़ टन पहुंचा, जबकि तैयार इस्पात की खपत 7.8% बढ़ी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
वित्त वर्ष 2026-27 के पहले चार महीनों (अप्रैल-जुलाई 2026) में भारत का स्टील उद्योग मजबूत वृद्धि के साथ आगे बढ़ा है. इस दौरान कच्चे इस्पात (Crude Steel) का उत्पादन सालाना आधार पर 2.6% बढ़कर 5.63 करोड़ टन (56.3 मिलियन टन) पहुंच गया. वहीं, तैयार स्टील (Finished Steel) की खपत में 7.8% की मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई. यह जानकारी इस्पात मंत्रालय द्वारा जारी अंतरिम आंकड़ों में सामने आई है.
उत्पादन में लगातार बढ़ोतरी
अप्रैल-जुलाई 2026 के दौरान तैयार स्टील का उत्पादन 4% बढ़कर 5.43 करोड़ टन (54.3 मिलियन टन) हो गया, जबकि हॉट मेटल का उत्पादन 1.5% बढ़कर 3.16 करोड़ टन (31.6 मिलियन टन) रहा. केवल जुलाई 2026 की बात करें तो कच्चे इस्पात का उत्पादन 1.2% बढ़कर 1.43 करोड़ टन (14.3 मिलियन टन) पहुंच गया. इसी दौरान तैयार स्टील का उत्पादन 1.4% बढ़कर 1.37 करोड़ टन और हॉट मेटल उत्पादन 1.6% बढ़कर 81 लाख टन (8.1 मिलियन टन) दर्ज किया गया.
उत्पादन से तेज बढ़ी स्टील की मांग
घरेलू बाजार में स्टील की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है. अप्रैल-जुलाई 2026 के दौरान तैयार स्टील की खपत 7.8% बढ़कर 5.59 करोड़ टन (55.9 मिलियन टन) पहुंच गई. जुलाई 2026 में तैयार स्टील की खपत 1.44 करोड़ टन रही, जो पिछले साल जुलाई के 1.35 करोड़ टन की तुलना में 6.5% अधिक है. खपत की रफ्तार उत्पादन से अधिक रहने से साफ है कि वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत में घरेलू मांग मजबूत बनी हुई है.
स्टील आयात में 36.6% की तेज बढ़ोतरी
अप्रैल-जुलाई 2026 के दौरान भारत का तैयार स्टील आयात 36.6% बढ़कर 27.7 लाख टन (2.77 मिलियन टन) हो गया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 20.2 लाख टन था. मूल्य के लिहाज से आयात 43.1% बढ़कर 28,330.8 करोड़ रुपये पहुंच गया. वहीं, तैयार स्टील का निर्यात भी 35% बढ़कर 22.9 लाख टन (2.29 मिलियन टन) रहा. निर्यात का मूल्य 29.4% बढ़कर 18,105.4 करोड़ रुपये हो गया. हालांकि निर्यात बढ़ने के बावजूद अप्रैल-जुलाई 2026 के दौरान भारत तैयार स्टील के मामले में मात्रा के आधार पर शुद्ध आयातक (Net Importer) बना रहा.
जुलाई में स्टील की कीमतों में नरमी
जुलाई के दौरान घरेलू स्टील कीमतों में कुछ नरमी देखने को मिली, हालांकि अधिकांश प्रमुख उत्पादों के दाम पिछले साल की तुलना में अब भी ऊंचे रहे. 10 मिमी TMT बार की औसत कीमत जुलाई में 56,698 रुपये प्रति टन रही, जो जून के मुकाबले 5.6% कम, लेकिन पिछले साल जुलाई की तुलना में 3.7% अधिक थी. वहीं, हॉट रोल्ड (HR) कॉइल की औसत कीमत 69,828 रुपये प्रति टन रही. यह महीने-दर-महीने 0.4% कम रही, लेकिन सालाना आधार पर 13.3% अधिक थी.
SAIL और NMDC का शानदार प्रदर्शन
इस्पात मंत्रालय ने सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों के बेहतर प्रदर्शन पर भी प्रकाश डाला. SAIL ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 138% की वृद्धि के साथ 1,636 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया. कंपनी का परिचालन राजस्व 26,246 करोड़ रुपये रहा. इसके अलावा SAIL को DRDO की रक्षा धातुकर्म अनुसंधान प्रयोगशाला (DMRL) से नौसेना के युद्धपोतों और पनडुब्बियों के लिए DMR-249A, DMR-249B और DMR-249BK ग्रेड स्टील के निर्माण हेतु प्रौद्योगिकी हस्तांतरण (Technology Transfer) का लाइसेंस भी मिला है.
वहीं, NMDC ने जुलाई में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 40.6 लाख टन (4.06 मिलियन टन) लौह अयस्क उत्पादन दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 31% अधिक है. वित्त वर्ष 2026-27 में अब तक कंपनी का कुल उत्पादन 19.16 मिलियन टन और बिक्री 15.15 मिलियन टन रही. कंपनी ने तांबा और अन्य रणनीतिक खनिजों में निवेश की संभावनाओं को लेकर अर्जेंटीना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भी चर्चा की.
ग्रीन स्टील की दिशा में बढ़े कदम
स्टील उद्योग ने पर्यावरणीय स्थिरता की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रगति की है. SAIL ने जुलाई में राउरकेला स्टील प्लांट में अपनी पहली माइक्रो पेलेट प्लांट की शुरुआत की. 1.8 लाख टन वार्षिक क्षमता वाला यह संयंत्र स्टील निर्माण से निकलने वाले अपशिष्ट को उपयोगी माइक्रो पेलेट में बदलता है, जिससे कचरा कम होगा और कच्चे माल पर निर्भरता भी घटेगी.
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