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अर्बन इंडियंस ने 2024 के सबसे विश्वसनीय पेशे के रूप में 'डॉक्टर्स' को चुना : Ipsos सर्वेक्षण

Ipsos सर्वेक्षण में सबसे विश्वसनीय पेशों में से 58 प्रतिशत लोगों ने डॉक्टर, 56 प्रतिशत लोगों ने आर्म्ड फोर्स के सदस्य और शिक्षक को चुना है. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

Ipsos सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है कि 2024 के सबसे विश्वसनीय पेशे के रूप में सबसे ज्यादा शहरी भारतीयों (Urban Indians) ने डॉक्टर के पेशे को चुना है. इसका मतलब है कि लोगों को डॉक्टरों पर ज्यादा विश्वास है. Ipsos के लेटेस्ट "मोस्ट ट्रस्टेड प्रोफेशन्स 2024" (Most Trusted Professions 2024) सर्वे के अनुसार 57 प्रतिशत लोगों ने डॉक्टर (Doctor), 56 प्रतिशत ने सशस्त्र बलों के सदस्य (Member of Armed Forces ) और 56 प्रतिशत शिक्षक (Teacher) को रेट किया है. बता दें, यह सर्वेक्षण 32-देशों का एक Ipsos ग्लोबल एडवाइजर सर्वे है. सर्वे में बताया गया है कि ये पेशे कोविड-19 महामारी के दौरान आगे आए और आज भी समाज की सेवा कर रहे हैं, लंबी शिफ्टें काम कर रहे हैं और यहां तक कि कर्तव्य से परे जाकर भी योगदान दे रहे हैं.

भारतीय नागरिकों ने इन पर भी दिखाया विश्वास

दिलचस्प बात यह है कि इन तीन पेशों के अलावा भी कुछ अन्य पेशे हैं, जिनमें भारतीय नागरिकों ने ज्यादा विश्वास दिखाया है. इनमें वैज्ञानिक (54 प्रतिशत), न्यायधीश (52 प्रतिशत), बैंकर्स (50 प्रतिशत), रेस्तरां का सर्विंग स्टॉफ, (47 प्रतिशत), टैक्सी ड्राइवर (46 प्रतिशत), सरकारी कर्मचारी (46 प्रतिशत), बिजनेस लीडर्स (44 प्रतिशत), टीवी एंकर्स व न्यूज रीडर्स  (44 प्रतिशत), वकील (43 प्रतिशत), पत्रकार (43 प्रतिशत) आम आदमी और महिला (49 प्रतिशत) और पुलिस (47 प्रतिशत) आदि शामिल हैं. 

डॉक्टर व शिक्षक ग्लोबल नागरिकों की भी पसंद 

सर्वेक्षण के अनुसार 58 प्रतिशत ग्लोबल नागरिकों ने डॉक्टर, 56 प्रतिशत वैज्ञानिक और 54 प्रतिशत ने शिक्षकों को टॉप तीन सबसे विश्वसनीय पेशे के रूप में चुना है. दरअसल, कोरोना महामारी के दौरान जिन पेशों ने सबसे अधिक योगदान दिया, वे डॉक्टर, वैज्ञानिक और शिक्षक थे. वैज्ञानिकों ने टीके बनाए, डॉक्टरों मरीजों का इलाज करने के लिए अपनी जान जोखिम में डाली और शिक्षक जिन्होंने ऑनलाइन कक्षा के जरिए हर बच्चे को शिक्षा से जोड़े रखा. 

इन पर लोगों को नहीं विश्वास
सर्वेक्षण में यह भी बताया गया कि भारत के 31 प्रतिशत लोगों ने नेता, 28 प्रतिशत मंत्रीगण और धर्मगुरु या पुजारी (27 प्रतिशत) को सबसे अविश्वसनीय पेशा माना है.  इसके बाद पुलिस (28 प्रतिशत), विज्ञापन अधिकारी (25 प्रतिशत), टीवी न्यूज एंकर या रिपोर्टर (25 प्रतिशत) और सरकारी कर्मचारी या सिविल सर्वेंट (24 प्रतिशत) लोगों ने चुना. 

लॉकडाउन में डॉक्टर, शिक्षक और सेना ने ईमानदारी से निभाई अपनी ड्यूटी
Ipsos इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) अमित आदरकर ने कहा है कि इन पेशों के पास उदाहरणात्मक नैतिक मानक होते हैं और ये काम की मांग के अनुसार अपने दायित्वों को निभाने के लिए सीमा से बाहर जाते हैं. कोरोना महामारी के दौरान, जब पूरे देश में लॉकडाउन था, तो डॉक्टरों ने जोखिम उठाकर मरीजों का इलाज किया, सशस्त्र बलों के कर्मियों ने हमारी सीमाओं की रक्षा की और देश के अन्य हिस्सों में ड्यूटी निभाई और शिक्षकों ने ऑनलाइन कक्षाएं लीं, यह सुनिश्चित करने के लिए कि छात्रों का साल बर्बाद न हो.
 


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