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महिलाओं में बढ़ रही लोन लेने की होड़, 5 साल में 22% की सालाना बढ़ोतरी, जानें पूरी खबर
पिछले पांच वर्षों में महिलाओं द्वारा कर्ज लेने की संख्या में 22 फीसदी की वृद्धि हुई है, जो उनके आर्थिक सशक्तिकरण की ओर एक सकारात्मक संकेत है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
महिलाओं की आर्थिक स्थिति में बदलाव का एक बड़ा उदाहरण सामने आया है. नीति आयोग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, देश में महिलाएं अब बैंक से लोन लेकर अपने शौक पूरे कर रही हैं. इस रिपोर्ट में बताया गया है कि महिलाओं द्वारा लिए गए कर्ज का मुख्य उद्देश्य उनकी उपभोग जरूरतों को पूरा करना और घर के स्वामित्व को हासिल करना है. तो आइए इस रिपोर्ट पर एक नजर डालते हैं.
अर्धशहरी और ग्रामीण इलाकों से हैं 60 फीसदी महिलाएं
रिपोर्ट के अनुसार, महिलाओं के बैंक से लोन लेने का प्रतिशत तेजी से बढ़ा है. आंकड़ों के मुताबिक, कर्ज लेने वाली 60 फीसदी महिलाएं अर्धशहरी और ग्रामीण इलाकों से हैं. ये महिलाएं अपने व्यक्तिगत जरूरतों को पूरा करने के लिए लोन का सहारा ले रही हैं. 2024 तक, 2.7 करोड़ महिलाओं ने अपना क्रेडिट स्कोर चेक किया, और यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में 42 फीसदी बढ़ा है.
कर्ज लेने की वजह
रिपोर्ट के मुताबिक, महिलाओं द्वारा लिया गया कर्ज मुख्य रूप से व्यक्तिगत जरूरतों, शौक और घर के स्वामित्व के लिए इस्तेमाल हुआ है. लगभग 42 फीसदी महिलाओं ने पर्सनल लोन लिया, जिनमें से अधिकांश ने उपभोग से जुड़ी वस्तुएं खरीदने के लिए कर्ज लिया. नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रमण्यम ने इस संबंध में कहा कि महिलाओं ने जो कर्ज लिया, वह उनकी उपभोग जरूरतों को पूरा करने पर खर्च हुआ. हालांकि, व्यवसायिक गतिविधियों के लिए कर्ज लेने वाली महिलाओं की हिस्सेदारी महज तीन फीसदी रही है.
कर्ज लेने वाली महिलाओं की संख्या में वृद्धि
पिछले पांच सालों में महिलाओं द्वारा लिया गया कर्ज 22 फीसदी तक बढ़ा है. यह बदलाव इस बात को दर्शाता है कि महिलाएं अब अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूती से संभालने की ओर बढ़ रही हैं. खासकर उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे उत्तरी और मध्य भारतीय राज्यों में महिलाओं की कर्ज लेने में भागीदारी सबसे अधिक देखी गई है.
महिलाओं को बैंक लोन में आ रही चुनौतियां
हालांकि, इस बढ़ते रुझान के साथ महिलाओं को बैंक से कर्ज लेने में कई चुनौतियों का सामना भी करना पड़ा है. रिपोर्ट में बताया गया है कि महिलाओं के लिए लोन लेने की प्रक्रिया आसान नहीं रही. गारंटर की आवश्यकता और बैंक से जुड़े नियमों के बारे में सही जानकारी की कमी के कारण महिलाओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा है.
बैंकों के लिए अच्छा अवसर
रिपोर्ट के मुताबिक, बैंकों और वित्तीय संस्थानों के पास महिलाओं को लोन देने का अच्छा अवसर है. महिलाओं द्वारा कर्ज लेने के इस बढ़ते रुझान को देखकर यह संभावना जताई जा रही है कि आने वाले समय में इस दिशा में और सुधार देखने को मिलेगा. महिलाएं अब अपने आर्थिक अधिकारों को समझते हुए बैंकों से लोन लेने में सक्षम हो रही हैं, जिससे उनके वित्तीय सशक्तिकरण में वृद्धि हो रही है.
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