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घर से बाहर जरा संभलकर निकलें, क्योंकि आज भारत बंद है! कई जगह स्कूलों की छुट्टी
आज घर से बाहर निकलते समय आपको कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि दलित संगठनों ने भारत बंद बुलाया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
आज भारत बंद है. दलित और आदिवासी संगठनों ने हाशिए पर पड़े समुदायों के लिए मजबूत प्रतिनिधित्व एवं सुरक्षा की मांग को लेकर आज बंद का ऐलान किया है. इस बंद की प्रमुख वजह सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुसूचित जाति (SC) व जनजाति (ST) आरक्षण में क्रीमीलेयर पर दिया गया फैसला भी है. दलित और आदिवासी संगठनों के राष्ट्रीय परिसंघ (NACDAOR) ने न्याय एवं समानता सहित मांगों की एक लिस्ट जारी की है. इस बंद का बसपा और RJD जैसी सियासी पार्टियां भी समर्थन कर रही हैं.
इन्हें मिलेगी छूट
दलित संगठनों का कहना है कि मेडिकल सेवाओं, पुलिस और फायर सर्विस को छोड़कर सुबह 6 बजे से रात के 8 बजे तक सब कुछ बंद रखा जाएगा. हालांकि, सरकारी दफ्तर, बैंक, पेट्रोल पंप, सार्वजनिक परिवहन और रेल सेवाएं चालू रहेंगी. वहीं, भारत बंद के मद्देनजर राजस्थान के जयपुर, दौसा, भरतपुर, गंगापुर सिटी, डीग सहित पांच जिलों के स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है. इसी तरह बिहार की राजधानी पटना में भी सभी स्कूल बंद रहेंगे.
यहां दिखेगा ज्यादा असर
भारत बंद का सबसे ज्यादा असर पश्चिमी यूपी, राजस्थान और बिहार जैसे राज्यों में देखने को मिल सकता है. यहां पुलिस प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है. साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे घरों से बाहर न निकलें. सार्वजनिक परिवहन सेवाएं सामान्य दिनों की तरह चालू रहेंगी, लेकिन बंद की वजह से उनके प्रभावित होने से इंकार नहीं किया जा सकता.
इसलिए है भारत बंद
भारत बंद के आयोजकों की मांग है कि सुप्रीम कोर्ट कोटे में कोटा वाले फैसले पर पुनर्विचार करे. दरअसल, अदालत ने अपने एक फैसले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लोगों के बीच में ही अलग-अलग श्रेणियां बनाने को मंजूरी दी है. कोर्ट ने कहा है कि आरक्षण का सबसे अधिक फायदा जरूरतमंदों को मिलना चाहिए. दलित संगठन इसका विरोध कर रहे हैं. NACDAOR का कहना है कि ये फैसला अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के संवैधानिक अधिकारों के लिए खतरा है.
इनका है समर्थन
भारत बंद को बसपा और आरजेडी का समर्थन प्राप्त है. केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की पार्टी भी बंद के साथ है. इसी तरह, भीम आर्मी और कांग्रेस सहित कुछ पार्टियों के नेता भी इसका समर्थन कर रहे हैं. वहीं जीतन राम मांझी और उनकी पार्टी बंद के खिलाफ है. उनका कहना है कि वो भारत बंद का समर्थन नहीं करते हैं.
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